पंचांग · गुरुवार, 1 अप्रैल 2027वाराणसी
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण दशमी00:45, 2 अप्रैल तक
- कृष्ण एकादशी02:52, 3 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य09:25 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र12:16, 2 अप्रैल तक
- शिव08:51 तक
- सिद्ध09:40, 2 अप्रैल तक
- वणिज11:33 तक
- विष्टि00:45, 2 अप्रैल तक
- बव13:52, 2 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:50बिंब मध्य 05:53
- सूर्यास्त
- 18:14बिंब मध्य 18:10
- चंद्रोदय
- 02:18
- चंद्रास्त
- 13:15
- दिनमान
- 12h 24m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मकर01:32, 3 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:04
- प्रातः संध्या04:41 –05:50
- अभिजित मुहूर्त11:37 –12:27
- विजय मुहूर्त14:06 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:14 –18:38
- सायाह्न संध्या18:14 –19:24
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:25, 2 अप्रैल
- अमृत काल00:38 –02:25, 2 अप्रैल
- राहु काल13:35 –15:08
- यमगंड05:50 –07:23
- गुलिक काल08:56 –10:29
- दुर्मुहूर्त09:58 –10:48
- दुर्मुहूर्त14:56 –15:46
- वर्ज्य13:53 –15:41
- भद्रा11:33 –00:45, 2 अप्रैल
चौघड़िया
- शुभशुभ05:50 – 07:23
- रोगअनिष्ट07:23 – 08:56
- उद्वेगअशुभ08:56 – 10:29
- चरसम10:29 – 12:02
- लाभलाभ12:02 – 13:35
- अमृतश्रेष्ठ13:35 – 15:08
- कालहानि15:08 – 16:41
- शुभशुभ16:41 – 18:14
- अमृतश्रेष्ठ18:14 – 19:41
- चरसम19:41 – 21:08
- रोगअनिष्ट21:08 – 22:35
- कालहानि22:35 – 00:02
- लाभलाभ00:02 – 01:29
- उद्वेगअशुभ01:29 – 02:55
- शुभशुभ02:55 – 04:22
- अमृतश्रेष्ठ04:22 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:50–06:52 |
| मंगल | 06:52–07:54 |
| सूर्य | 07:54–08:56 |
| शुक्र | 08:56–09:58 |
| बुध | 09:58–11:00 |
| चन्द्र | 11:00–12:02 |
| शनि | 12:02–13:04 |
| गुरु | 13:04–14:06 |
| मंगल | 14:06–15:08 |
| सूर्य | 15:08–16:10 |
| शुक्र | 16:10–17:12 |
| बुध | 17:12–18:14 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:14–19:12 |
| शनि | 19:12–20:10 |
| गुरु | 20:10–21:08 |
| मंगल | 21:08–22:06 |
| सूर्य | 22:06–23:04 |
| शुक्र | 23:04–00:02 |
| बुध | 00:02–01:00 |
| चन्द्र | 01:00–01:58 |
| शनि | 01:58–02:55 |
| गुरु | 02:55–03:53 |
| मंगल | 03:53–04:51 |
| सूर्य | 04:51–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 4 पद09:25 तक
- श्रवण 1 पद16:09 तक
- श्रवण 2 पद22:53 तक
- श्रवण 3 पद05:35, 2 अप्रैल तक
- श्रवण 4 पद12:16, 2 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 24m
- रात्रिमान
- 11h 35m
- मध्याह्न
- 12:02
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:45, 2 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 00:45, 2 अप्रैल तककैलाश पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:50 –08:11
- रोग पंचक08:11 –09:25
- शुभ मुहूर्त09:25 –10:08
- मृत्यु पंचक10:08 –12:22
- अग्नि पंचक12:22 –14:40
- शुभ मुहूर्त14:40 –16:54
- राज पंचक16:54 –19:07
- शुभ मुहूर्त19:07 –21:23
- चोर पंचक21:23 –23:40
- शुभ मुहूर्त23:40 –00:45, 2 अप्रैल
- रोग पंचक00:45 –01:45, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:45 –03:30, 2 अप्रैल
- मृत्यु पंचक03:30 –05:00, 2 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:00 –05:49, 2 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:04 –06:33
- मेष06:33 –08:11
- वृषभ08:11 –10:08
- मिथुन10:08 –12:22
- कर्क12:22 –14:40
- सिंह14:40 –16:54
- कन्या16:54 –19:07
- तुला19:07 –21:23
- वृश्चिक21:23 –23:40
- धनु23:40 –01:45, 2 अप्रैल
- मकर01:45 –03:30, 2 अप्रैल
- कुम्भ03:30 –05:00, 2 अप्रैल
- मीन05:00 –06:29, 2 अप्रैल
पंचांग · वाराणसी, 1 अप्रैल 2027
गुरुवार, 1 अप्रैल 2027 को वाराणसी में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 18:14 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 2 अप्रैल 00:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 09:25 तक, फिर श्रवण; योग शिव 08:51 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 11:33 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:35–15:08, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:27। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
वाराणसी में 1 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण दशमी 2 अप्रैल 00:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 05:50, वाराणसी)।
1 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 09:25 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 3 अप्रैल 01:32 तक।
वाराणसी में 1 अप्रैल 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:35–15:08, यमगण्ड 05:50–07:23, गुलिक काल 08:56–10:29।
वाराणसी में 1 अप्रैल 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:14, चंद्रोदय 02:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अप्रैल 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:37–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2377° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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