पंचांग · सोमवार, 12 अक्टूबर 2037उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्थी19:30 तक
- शुक्ल पंचमी17:56, 13 अक्टू॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि01:26, 13 अक्टू॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध00:48, 14 अक्टू॰ तक
- आयुष्मान्22:03 तक
- सौभाग्य19:42, 13 अक्टू॰ तक
- वणिज08:35 तक
- विष्टि19:30 तक
- बव06:37, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:23बिंब मध्य 06:26
- सूर्यास्त
- 18:04बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- 09:34
- चंद्रास्त
- 20:57
- दिनमान
- 11h 41m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक00:48, 14 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2094
- शक संवत
- 1959
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:33
- प्रातः संध्या05:09 –06:23
- अभिजित मुहूर्त11:50 –12:37
- विजय मुहूर्त14:10 –14:57
- गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:28
- सायाह्न संध्या18:04 –19:18
- निशीथ मुहूर्त23:49 –00:38, 13 अक्टू॰
- अमृत काल15:39 –17:10
- राहु काल07:50 –09:18
- यमगंड10:45 –12:13
- गुलिक काल13:41 –15:08
- दुर्मुहूर्त12:37 –13:23
- दुर्मुहूर्त14:57 –15:44
- वर्ज्य06:38 –08:08
- गंड मूल01:26 –06:23, 13 अक्टू॰
- भद्रा08:35 –19:30
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:23 – 07:50
- कालहानि07:50 – 09:18
- शुभशुभ09:18 – 10:45
- रोगअनिष्ट10:45 – 12:13
- उद्वेगअशुभ12:13 – 13:41
- चरसम13:41 – 15:08
- लाभलाभ15:08 – 16:36
- अमृतश्रेष्ठ16:36 – 18:04
- चरसम18:04 – 19:36
- रोगअनिष्ट19:36 – 21:09
- कालहानि21:09 – 22:41
- लाभलाभ22:41 – 00:13
- उद्वेगअशुभ00:13 – 01:46
- शुभशुभ01:46 – 03:18
- अमृतश्रेष्ठ03:18 – 04:51
- चरसम04:51 – 06:23
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:23–07:21 |
| शनि | 07:21–08:19 |
| गुरु | 08:19–09:18 |
| मंगल | 09:18–10:16 |
| सूर्य | 10:16–11:15 |
| शुक्र | 11:15–12:13 |
| बुध | 12:13–13:12 |
| चन्द्र | 13:12–14:10 |
| शनि | 14:10–15:08 |
| गुरु | 15:08–16:07 |
| मंगल | 16:07–17:05 |
| सूर्य | 17:05–18:04 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:04–19:05 |
| बुध | 19:05–20:07 |
| चन्द्र | 20:07–21:09 |
| शनि | 21:09–22:10 |
| गुरु | 22:10–23:12 |
| मंगल | 23:12–00:13 |
| सूर्य | 00:13–01:15 |
| शुक्र | 01:15–02:17 |
| बुध | 02:17–03:18 |
| चन्द्र | 03:18–04:20 |
| शनि | 04:20–05:21 |
| गुरु | 05:21–06:23 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 1 पद08:26 तक
- अनुराधा 2 पद14:04 तक
- अनुराधा 3 पद19:43 तक
- अनुराधा 4 पद01:26, 13 अक्टू॰ तक
- ज्येष्ठा 1 पद07:12, 13 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 41m
- रात्रिमान
- 12h 19m
- मध्याह्न
- 12:13
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:30 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 19:30 तककैलाश पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:23 –06:49
- शुभ मुहूर्त06:49 –09:04
- राज पंचक09:04 –11:20
- शुभ मुहूर्त11:20 –13:25
- चोर पंचक13:25 –15:11
- शुभ मुहूर्त15:11 –16:44
- रोग पंचक16:44 –18:15
- चोर पंचक18:15 –19:30
- शुभ मुहूर्त19:30 –19:55
- रोग पंचक19:55 –21:53
- शुभ मुहूर्त21:53 –00:06, 13 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक00:06 –01:26, 13 अक्टू॰
- अग्नि पंचक01:26 –02:23, 13 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:23 –04:34, 13 अक्टू॰
- राज पंचक04:34 –06:23, 13 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:38 –06:49
- तुला06:49 –09:04
- वृश्चिक09:04 –11:20
- धनु11:20 –13:25
- मकर13:25 –15:11
- कुम्भ15:11 –16:44
- मीन16:44 –18:15
- मेष18:15 –19:55
- वृषभ19:55 –21:53
- मिथुन21:53 –00:06, 13 अक्टू॰
- कर्क00:06 –02:23, 13 अक्टू॰
- सिंह02:23 –04:34, 13 अक्टू॰
- कन्या04:34 –06:45, 13 अक्टू॰
पंचांग · उज्जैन, 12 अक्टूबर 2037
सोमवार, 12 अक्टूबर 2037 को उज्जैन में सूर्योदय 06:23 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 19:30 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र अनुराधा 13 अक्टूबर 01:26 तक, फिर ज्येष्ठा; योग आयुष्मान् 22:03 तक, फिर सौभाग्य; करण वणिज 08:35 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:50–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:50–12:37। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2094, शक संवत 1959।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 12 अक्टूबर 2037 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्थी 19:30 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:23, उज्जैन)।
12 अक्टूबर 2037 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 13 अक्टूबर 01:26 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 14 अक्टूबर 00:48 तक।
उज्जैन में 12 अक्टूबर 2037 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:50–09:18, यमगण्ड 10:45–12:13, गुलिक काल 13:41–15:08।
उज्जैन में 12 अक्टूबर 2037 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 09:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
12 अक्टूबर 2037 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:50–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2037आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2037मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3849° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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