पंचांग · सोमवार, 15 नवंबर 2032उज्जैन

कार्तिक · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2089

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:41सूर्योदय17:42सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 16:12 तक
नक्षत्र
रेवती
07:17 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4117:42
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:03 –09:26
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:41दिन17:42
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:42रात06:41
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
गंड मूल
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    16:12 तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    14:03, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    07:17 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    05:45, 16 नव॰ तक
  3. भरणीस्वामी शुक्र
    04:28, 17 नव॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    14:12 तक
  2. व्यतीपात
    11:14, 16 नव॰ तक
करण
  1. तैतिल
    16:12 तक
  2. गर
    03:06, 16 नव॰ तक
  3. वणिज
    14:03, 16 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:41
बिंब मध्य 06:44
सूर्यास्त
17:42
बिंब मध्य 17:38
चंद्रोदय
16:17
चंद्रास्त
04:26
दिनमान
11h 1m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मीन
07:17 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:57 –05:49
  • प्रातः संध्या05:23 –06:41
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:46
  • गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
  • सायाह्न संध्या17:42 –19:00
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:38, 16 नव॰
  • अमृत काल23:01 –00:31, 16 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:03 –09:26
  • यमगंड10:49 –12:11
  • गुलिक काल13:34 –14:57
  • दुर्मुहूर्त12:33 –13:18
  • दुर्मुहूर्त14:46 –15:30
  • वर्ज्य02:00 –03:30, 16 नव॰
  • गंड मूल06:41 –07:17
  • गंड मूल07:17 –05:45, 16 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:41 – 08:03
  • कालहानि08:03 – 09:26
  • शुभशुभ09:26 – 10:49
  • रोगअनिष्ट10:49 – 12:11
  • उद्वेगअशुभ12:11 – 13:34
  • चरसम13:34 – 14:57
  • लाभलाभ14:57 – 16:19
  • अमृतश्रेष्ठ16:19 – 17:42
रात
  • चरसम17:42 – 19:19
  • रोगअनिष्ट19:19 – 20:57
  • कालहानि20:57 – 22:34
  • लाभलाभ22:34 – 00:12
  • उद्वेगअशुभ00:12 – 01:49
  • शुभशुभ01:49 – 03:26
  • अमृतश्रेष्ठ03:26 – 05:04
  • चरसम05:04 – 06:41

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:41–07:36
शनि07:36–08:31
गुरु08:31–09:26
मंगल09:26–10:21
सूर्य10:21–11:16
शुक्र11:16–12:11
बुध12:11–13:06
चन्द्र13:06–14:02
शनि14:02–14:57
गुरु14:57–15:52
मंगल15:52–16:47
सूर्य16:47–17:42
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:42–18:47
बुध18:47–19:52
चन्द्र19:52–20:57
शनि20:57–22:02
गुरु22:02–23:07
मंगल23:07–00:12
सूर्य00:12–01:17
शुक्र01:17–02:22
बुध02:22–03:26
चन्द्र03:26–04:31
शनि04:31–05:36
गुरु05:36–06:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 4 पद07:17 तक
  • अश्विनी 1 पद12:53 तक
  • अश्विनी 2 पद18:30 तक
  • अश्विनी 3 पद00:07, 16 नव॰ तक
  • अश्विनी 4 पद05:45, 16 नव॰ तक
  • भरणी 1 पद11:24, 16 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 1m
रात्रिमान
12h 59m
मध्याह्न
12:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 07:17 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 07:17 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · 05:45, 16 नव॰ तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 07:17 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:12 तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 16:12 तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:41 –06:49
  • शुभ मुहूर्त06:49 –07:17
  • चोर पंचक07:17 –09:05
  • शुभ मुहूर्त09:05 –11:10
  • रोग पंचक11:10 –12:56
  • शुभ मुहूर्त12:56 –14:29
  • मृत्यु पंचक14:29 –16:00
  • रोग पंचक16:00 –16:12
  • शुभ मुहूर्त16:12 –17:40
  • मृत्यु पंचक17:40 –19:38
  • अग्नि पंचक19:38 –21:52
  • शुभ मुहूर्त21:52 –00:08, 16 नव॰
  • राज पंचक00:08 –02:20, 16 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:20 –04:30, 16 नव॰
  • चोर पंचक04:30 –05:45, 16 नव॰
  • शुभ मुहूर्त05:45 –06:41, 16 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:34 –06:49
  • वृश्चिक06:49 –09:05
  • धनु09:05 –11:10
  • मकर11:10 –12:56
  • कुम्भ12:56 –14:29
  • मीन14:29 –16:00
  • मेष16:00 –17:40
  • वृषभ17:40 –19:38
  • मिथुन19:38 –21:52
  • कर्क21:52 –00:08, 16 नव॰
  • सिंह00:08 –02:20, 16 नव॰
  • कन्या02:20 –04:30, 16 नव॰
  • तुला04:30 –06:45, 16 नव॰

पंचांग · उज्जैन, 15 नवंबर 2032

सोमवार, 15 नवंबर 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:41 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 16:12 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 07:17 तक, फिर अश्विनी; योग सिद्धि 14:12 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 16:12 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:03–09:26, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:33। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उज्जैन में 15 नवंबर 2032 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 16:12 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:41, उज्जैन)।

15 नवंबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 07:17 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 07:17 तक।

उज्जैन में 15 नवंबर 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:03–09:26, यमगण्ड 10:49–12:11, गुलिक काल 13:34–14:57।

उज्जैन में 15 नवंबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 16:17 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 नवंबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:57–05:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

उज्जैन हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3163° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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