पंचांग · गुरुवार, 21 अक्टूबर 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया18:04 तक
- कृष्ण चतुर्थी17:11, 22 अक्टू॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य17:27 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र17:14, 22 अक्टू॰ तक
- व्यतीपात21:17 तक
- वरीयान्19:31, 22 अक्टू॰ तक
- वणिज06:46 तक
- विष्टि18:04 तक
- बव05:32, 22 अक्टू॰ तक
- बालव17:11, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:26बिंब मध्य 06:30
- सूर्यास्त
- 17:56बिंब मध्य 17:52
- चंद्रोदय
- 20:10
- चंद्रास्त
- 08:47
- दिनमान
- 11h 30m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृषभ05:24, 23 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:47 –05:37
- प्रातः संध्या05:12 –06:26
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:34
- विजय मुहूर्त14:06 –14:52
- गोधूलि मुहूर्त17:56 –18:21
- सायाह्न संध्या17:56 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:37, 22 अक्टू॰
- अमृत काल15:08 –16:41
- राहु काल13:37 –15:04
- यमगंड06:26 –07:53
- गुलिक काल09:19 –10:45
- दुर्मुहूर्त10:16 –11:02
- दुर्मुहूर्त14:52 –15:38
- वर्ज्य05:54 –07:26
- भद्रा06:46 –18:04
चौघड़िया
- शुभशुभ06:26 – 07:53
- रोगअनिष्ट07:53 – 09:19
- उद्वेगअशुभ09:19 – 10:45
- चरसम10:45 – 12:11
- लाभलाभ12:11 – 13:37
- अमृतश्रेष्ठ13:37 – 15:04
- कालहानि15:04 – 16:30
- शुभशुभ16:30 – 17:56
- अमृतश्रेष्ठ17:56 – 19:30
- चरसम19:30 – 21:04
- रोगअनिष्ट21:04 – 22:38
- कालहानि22:38 – 00:11
- लाभलाभ00:11 – 01:45
- उद्वेगअशुभ01:45 – 03:19
- शुभशुभ03:19 – 04:53
- अमृतश्रेष्ठ04:53 – 06:27
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:26–07:24 |
| मंगल | 07:24–08:21 |
| सूर्य | 08:21–09:19 |
| शुक्र | 09:19–10:16 |
| बुध | 10:16–11:14 |
| चन्द्र | 11:14–12:11 |
| शनि | 12:11–13:09 |
| गुरु | 13:09–14:06 |
| मंगल | 14:06–15:04 |
| सूर्य | 15:04–16:01 |
| शुक्र | 16:01–16:59 |
| बुध | 16:59–17:56 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:56–18:59 |
| शनि | 18:59–20:01 |
| गुरु | 20:01–21:04 |
| मंगल | 21:04–22:06 |
| सूर्य | 22:06–23:09 |
| शुक्र | 23:09–00:11 |
| बुध | 00:11–01:14 |
| चन्द्र | 01:14–02:17 |
| शनि | 02:17–03:19 |
| गुरु | 03:19–04:22 |
| मंगल | 04:22–05:24 |
| सूर्य | 05:24–06:27 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद11:37 तक
- कृत्तिका 4 पद17:27 तक
- रोहिणी 1 पद23:20 तक
- रोहिणी 2 पद05:15, 22 अक्टू॰ तक
- रोहिणी 3 पद11:13, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 30m
- रात्रिमान
- 12h 31m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:04 तकआकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में · 18:04 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:26 –08:27
- शुभ मुहूर्त08:27 –10:43
- रोग पंचक10:43 –12:48
- शुभ मुहूर्त12:48 –14:35
- मृत्यु पंचक14:35 –16:08
- अग्नि पंचक16:08 –17:27
- शुभ मुहूर्त17:27 –17:38
- मृत्यु पंचक17:38 –18:04
- अग्नि पंचक18:04 –19:18
- शुभ मुहूर्त19:18 –21:16
- राज पंचक21:16 –23:30
- शुभ मुहूर्त23:30 –01:46, 22 अक्टू॰
- चोर पंचक01:46 –03:58, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:58 –06:09, 22 अक्टू॰
- रोग पंचक06:09 –06:27, 22 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला06:13 –08:27
- वृश्चिक08:27 –10:43
- धनु10:43 –12:48
- मकर12:48 –14:35
- कुम्भ14:35 –16:08
- मीन16:08 –17:38
- मेष17:38 –19:18
- वृषभ19:18 –21:16
- मिथुन21:16 –23:30
- कर्क23:30 –01:46, 22 अक्टू॰
- सिंह01:46 –03:58, 22 अक्टू॰
- कन्या03:58 –06:09, 22 अक्टू॰
- तुला06:09 –08:23, 22 अक्टू॰
पंचांग · उज्जैन, 21 अक्टूबर 2032
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 17:56 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 18:04 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 17:27 तक, फिर रोहिणी; योग व्यतीपात 21:17 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 06:46 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:37–15:04, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 21 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 18:04 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:26, उज्जैन)।
21 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 17:27 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 23 अक्टूबर 05:24 तक।
उज्जैन में 21 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:37–15:04, यमगण्ड 06:26–07:53, गुलिक काल 09:19–10:45।
उज्जैन में 21 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:56, चंद्रोदय 20:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:47–05:37। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 अक्टूबर 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3154° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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