पंचांग · रविवार, 17 अक्टूबर 2032उज्जैन

आश्विन · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2089

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:25सूर्योदय17:59सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 06:36 तक
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
00:02, 18 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2517:59
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:32 –17:59
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:25दिन17:59
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:59रात06:25
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    06:36 तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    03:26, 18 अक्टू॰ तक
  3. पूर्णिमा
    00:28, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    00:02, 18 अक्टू॰ तक
  2. रेवतीस्वामी बुध
    21:47, 18 अक्टू॰ तक
योग
  1. ध्रुव
    12:58 तक
  2. व्याघात
    09:14, 18 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    06:36 तक
  2. गर
    17:01 तक
  3. वणिज
    03:26, 18 अक्टू॰ तक
  4. विष्टि
    13:55, 18 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:25
बिंब मध्य 06:28
सूर्यास्त
17:59
बिंब मध्य 17:55
चंद्रोदय
16:54
चंद्रास्त
04:37
दिनमान
11h 34m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मीन
21:47, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2089
शक संवत
1954

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:45 –05:35
  • प्रातः संध्या05:10 –06:25
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:35
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:54
  • गोधूलि मुहूर्त17:59 –18:24
  • सायाह्न संध्या17:59 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:47 –00:37, 18 अक्टू॰
  • अमृत काल19:43 –21:09
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:32 –17:59
  • यमगंड12:12 –13:39
  • गुलिक काल15:06 –16:32
  • दुर्मुहूर्त16:27 –17:13
  • वर्ज्य11:05 –12:31
  • गंड मूल00:02 –06:25, 18 अक्टू॰
  • भद्रा03:26 –06:25, 18 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:25 – 07:51
  • चरसम07:51 – 09:18
  • लाभलाभ09:18 – 10:45
  • अमृतश्रेष्ठ10:45 – 12:12
  • कालहानि12:12 – 13:39
  • शुभशुभ13:39 – 15:06
  • रोगअनिष्ट15:06 – 16:32
  • उद्वेगअशुभ16:32 – 17:59
रात
  • शुभशुभ17:59 – 19:32
  • अमृतश्रेष्ठ19:32 – 21:06
  • चरसम21:06 – 22:39
  • रोगअनिष्ट22:39 – 00:12
  • कालहानि00:12 – 01:45
  • लाभलाभ01:45 – 03:19
  • उद्वेगअशुभ03:19 – 04:52
  • शुभशुभ04:52 – 06:25

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:25–07:23
शुक्र07:23–08:20
बुध08:20–09:18
चन्द्र09:18–10:16
शनि10:16–11:14
गुरु11:14–12:12
मंगल12:12–13:10
सूर्य13:10–14:08
शुक्र14:08–15:06
बुध15:06–16:03
चन्द्र16:03–17:01
शनि17:01–17:59
रात
ग्रहसमय
गुरु17:59–19:01
मंगल19:01–20:04
सूर्य20:04–21:06
शुक्र21:06–22:08
बुध22:08–23:10
चन्द्र23:10–00:12
शनि00:12–01:14
गुरु01:14–02:16
मंगल02:16–03:19
सूर्य03:19–04:21
शुक्र04:21–05:23
बुध05:23–06:25

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तरभाद्रपद 1 पद07:50 तक
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद13:14 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद18:38 तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद00:02, 18 अक्टू॰ तक
  • रेवती 1 पद05:27, 18 अक्टू॰ तक
  • रेवती 2 पद10:53, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 34m
रात्रिमान
12h 26m
मध्याह्न
12:12

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तरभाद्रपद · 00:02, 18 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:36 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:26, 18 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 06:36 तकभोजन में · 03:26, 18 अक्टू॰ तकश्मशान में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:25 –06:28
  • अग्नि पंचक06:28 –06:36
  • शुभ मुहूर्त06:36 –08:43
  • राज पंचक08:43 –10:59
  • शुभ मुहूर्त10:59 –13:04
  • चोर पंचक13:04 –14:51
  • शुभ मुहूर्त14:51 –16:23
  • रोग पंचक16:23 –17:54
  • चोर पंचक17:54 –19:34
  • शुभ मुहूर्त19:34 –21:32
  • रोग पंचक21:32 –23:46
  • शुभ मुहूर्त23:46 –00:02, 18 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:02 –02:02, 18 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:02 –03:26, 18 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:26 –04:14, 18 अक्टू॰
  • राज पंचक04:14 –06:24, 18 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:24 –06:25, 18 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:18 –06:28
  • तुला06:28 –08:43
  • वृश्चिक08:43 –10:59
  • धनु10:59 –13:04
  • मकर13:04 –14:51
  • कुम्भ14:51 –16:23
  • मीन16:23 –17:54
  • मेष17:54 –19:34
  • वृषभ19:34 –21:32
  • मिथुन21:32 –23:46
  • कर्क23:46 –02:02, 18 अक्टू॰
  • सिंह02:02 –04:14, 18 अक्टू॰
  • कन्या04:14 –06:24, 18 अक्टू॰
  • तुला06:24 –08:39, 18 अक्टू॰

पंचांग · उज्जैन, 17 अक्टूबर 2032

रविवार, 17 अक्टूबर 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:25 और सूर्यास्त 17:59 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 06:36 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 18 अक्टूबर 00:02 तक, फिर रेवती; योग ध्रुव 12:58 तक, फिर व्याघात; करण तैतिल 06:36 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:32–17:59, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:35। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उज्जैन में 17 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 06:36 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:25, उज्जैन)।

17 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरभाद्रपद 18 अक्टूबर 00:02 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 18 अक्टूबर 21:47 तक।

उज्जैन में 17 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:32–17:59, यमगण्ड 12:12–13:39, गुलिक काल 15:06–16:32।

उज्जैन में 17 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:59, चंद्रोदय 16:54 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:35, ब्रह्म मुहूर्त 04:45–05:35। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3152° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP