पंचांग · शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वादशी12:01 तक
- कृष्ण त्रयोदशी14:30, 2 अक्टू॰ तक
- मघास्वामी केतु22:10 तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र01:07, 3 अक्टू॰ तक
- साध्य13:18 तक
- शुभ14:13, 2 अक्टू॰ तक
- तैतिल12:01 तक
- गर01:16, 2 अक्टू॰ तक
- वणिज14:30, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:19बिंब मध्य 06:22
- सूर्यास्त
- 18:14बिंब मध्य 18:10
- चंद्रोदय
- 03:28
- चंद्रास्त
- 16:13
- दिनमान
- 11h 55m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- सिंह07:49, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:42 –05:30
- प्रातः संध्या05:06 –06:19
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:40
- विजय मुहूर्त14:15 –15:03
- गोधूलि मुहूर्त18:14 –18:38
- सायाह्न संध्या18:14 –19:26
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:41, 2 अक्टू॰
- अमृत काल19:28 –21:16
- राहु काल10:47 –12:16
- यमगंड15:15 –16:44
- गुलिक काल07:48 –09:17
- दुर्मुहूर्त08:42 –09:29
- दुर्मुहूर्त12:40 –13:28
- वर्ज्य08:39 –10:27
- गंड मूल06:19 –22:10
चौघड़िया
- चरसम06:19 – 07:48
- लाभलाभ07:48 – 09:17
- अमृतश्रेष्ठ09:17 – 10:47
- कालहानि10:47 – 12:16
- शुभशुभ12:16 – 13:46
- रोगअनिष्ट13:46 – 15:15
- उद्वेगअशुभ15:15 – 16:44
- चरसम16:44 – 18:14
- रोगअनिष्ट18:14 – 19:45
- कालहानि19:45 – 21:15
- लाभलाभ21:15 – 22:46
- उद्वेगअशुभ22:46 – 00:16
- शुभशुभ00:16 – 01:47
- अमृतश्रेष्ठ01:47 – 03:18
- चरसम03:18 – 04:48
- रोगअनिष्ट04:48 – 06:19
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:19–07:18 |
| बुध | 07:18–08:18 |
| चन्द्र | 08:18–09:17 |
| शनि | 09:17–10:17 |
| गुरु | 10:17–11:17 |
| मंगल | 11:17–12:16 |
| सूर्य | 12:16–13:16 |
| शुक्र | 13:16–14:15 |
| बुध | 14:15–15:15 |
| चन्द्र | 15:15–16:15 |
| शनि | 16:15–17:14 |
| गुरु | 17:14–18:14 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:14–19:14 |
| सूर्य | 19:14–20:15 |
| शुक्र | 20:15–21:15 |
| बुध | 21:15–22:16 |
| चन्द्र | 22:16–23:16 |
| शनि | 23:16–00:16 |
| गुरु | 00:16–01:17 |
| मंगल | 01:17–02:17 |
| सूर्य | 02:17–03:18 |
| शुक्र | 03:18–04:18 |
| बुध | 04:18–05:18 |
| चन्द्र | 05:18–06:19 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मघा 2 पद08:40 तक
- मघा 3 पद15:25 तक
- मघा 4 पद22:10 तक
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद04:55, 2 अक्टू॰ तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद11:39, 2 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 55m
- रात्रिमान
- 12h 5m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 12:01 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 12:01 तकभोजन में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:19 –07:31
- शुभ मुहूर्त07:31 –09:46
- चोर पंचक09:46 –12:01
- शुभ मुहूर्त12:01 –12:02
- रोग पंचक12:02 –14:07
- शुभ मुहूर्त14:07 –15:53
- मृत्यु पंचक15:53 –17:26
- अग्नि पंचक17:26 –18:57
- शुभ मुहूर्त18:57 –20:37
- मृत्यु पंचक20:37 –22:10
- अग्नि पंचक22:10 –22:35
- शुभ मुहूर्त22:35 –00:49, 2 अक्टू॰
- राज पंचक00:49 –03:05, 2 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:05 –05:17, 2 अक्टू॰
- चोर पंचक05:17 –06:19, 2 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:21 –07:31
- तुला07:31 –09:46
- वृश्चिक09:46 –12:02
- धनु12:02 –14:07
- मकर14:07 –15:53
- कुम्भ15:53 –17:26
- मीन17:26 –18:57
- मेष18:57 –20:37
- वृषभ20:37 –22:35
- मिथुन22:35 –00:49, 2 अक्टू॰
- कर्क00:49 –03:05, 2 अक्टू॰
- सिंह03:05 –05:17, 2 अक्टू॰
- कन्या05:17 –07:27, 2 अक्टू॰
पंचांग · उज्जैन, 1 अक्टूबर 2032
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 18:14 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 12:01 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र मघा 22:10 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग साध्य 13:18 तक, फिर शुभ; करण तैतिल 12:01 तक, फिर गर। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:47–12:16, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:40। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 1 अक्टूबर 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वादशी 12:01 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:19, उज्जैन)।
1 अक्टूबर 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
मघा 22:10 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 3 अक्टूबर 07:49 तक।
उज्जैन में 1 अक्टूबर 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:47–12:16, यमगण्ड 15:15–16:44, गुलिक काल 07:48–09:17।
उज्जैन में 1 अक्टूबर 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:14, चंद्रोदय 03:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अक्टूबर 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:42–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 अक्टूबर 2032 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शुक्र प्रदोष।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3146° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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