पंचांग · बुधवार, 4 अगस्त 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी06:33 तक
- कृष्ण चतुर्दशी08:30, 5 अग॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु01:17, 5 अग॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि03:59, 6 अग॰ तक
- वज्र21:36 तक
- सिद्धि22:18, 5 अग॰ तक
- वणिज06:33 तक
- विष्टि19:29 तक
- शकुनि08:30, 5 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:59बिंब मध्य 06:02
- सूर्यास्त
- 19:07बिंब मध्य 19:02
- चंद्रोदय
- 04:15
- चंद्रास्त
- 17:40
- दिनमान
- 13h 8m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मिथुन18:38 तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:32 –05:15
- प्रातः संध्या04:54 –05:59
- अभिजित मुहूर्त12:07 –12:59
- विजय मुहूर्त14:44 –15:37
- गोधूलि मुहूर्त19:07 –19:29
- सायाह्न संध्या19:07 –20:12
- निशीथ मुहूर्त00:11 –00:55, 5 अग॰
- अमृत काल22:38 –00:24, 5 अग॰
- राहु काल12:33 –14:11
- यमगंड07:37 –09:16
- गुलिक काल10:54 –12:33
- दुर्मुहूर्त12:07 –12:59
- वर्ज्य12:02 –13:48
- भद्रा06:33 –19:29
चौघड़िया
- लाभलाभ05:59 – 07:37
- अमृतश्रेष्ठ07:37 – 09:16
- कालहानि09:16 – 10:54
- शुभशुभ10:54 – 12:33
- रोगअनिष्ट12:33 – 14:11
- उद्वेगअशुभ14:11 – 15:50
- चरसम15:50 – 17:28
- लाभलाभ17:28 – 19:07
- उद्वेगअशुभ19:07 – 20:28
- शुभशुभ20:28 – 21:50
- अमृतश्रेष्ठ21:50 – 23:11
- चरसम23:11 – 00:33
- रोगअनिष्ट00:33 – 01:55
- कालहानि01:55 – 03:16
- लाभलाभ03:16 – 04:38
- उद्वेगअशुभ04:38 – 05:59
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:59–07:04 |
| चन्द्र | 07:04–08:10 |
| शनि | 08:10–09:16 |
| गुरु | 09:16–10:21 |
| मंगल | 10:21–11:27 |
| सूर्य | 11:27–12:33 |
| शुक्र | 12:33–13:38 |
| बुध | 13:38–14:44 |
| चन्द्र | 14:44–15:50 |
| शनि | 15:50–16:55 |
| गुरु | 16:55–18:01 |
| मंगल | 18:01–19:07 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 19:07–20:01 |
| शुक्र | 20:01–20:56 |
| बुध | 20:56–21:50 |
| चन्द्र | 21:50–22:44 |
| शनि | 22:44–23:39 |
| गुरु | 23:39–00:33 |
| मंगल | 00:33–01:27 |
| सूर्य | 01:27–02:22 |
| शुक्र | 02:22–03:16 |
| बुध | 03:16–04:10 |
| चन्द्र | 04:10–05:05 |
| शनि | 05:05–05:59 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 2 पद12:00 तक
- पुनर्वसु 3 पद18:38 तक
- पुनर्वसु 4 पद01:17, 5 अग॰ तक
- पुष्य 1 पद07:56, 5 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्लेषा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 8m
- रात्रिमान
- 10h 52m
- मध्याह्न
- 12:33
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 18:38 तकउत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 06:33 तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 06:33 तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:59 –06:33
- रोग पंचक06:33 –06:57
- शुभ मुहूर्त06:57 –09:09
- मृत्यु पंचक09:09 –11:19
- अग्नि पंचक11:19 –13:34
- शुभ मुहूर्त13:34 –15:50
- राज पंचक15:50 –17:55
- शुभ मुहूर्त17:55 –19:41
- चोर पंचक19:41 –21:14
- शुभ मुहूर्त21:14 –00:25, 5 अग॰
- चोर पंचक00:25 –01:17, 5 अग॰
- शुभ मुहूर्त01:17 –02:23, 5 अग॰
- रोग पंचक02:23 –04:37, 5 अग॰
- शुभ मुहूर्त04:37 –05:59, 5 अग॰
उदय लग्न
- कर्क04:41 –06:57
- सिंह06:57 –09:09
- कन्या09:09 –11:19
- तुला11:19 –13:34
- वृश्चिक13:34 –15:50
- धनु15:50 –17:55
- मकर17:55 –19:41
- कुम्भ19:41 –21:14
- मीन21:14 –22:45
- मेष22:45 –00:25, 5 अग॰
- वृषभ00:25 –02:23, 5 अग॰
- मिथुन02:23 –04:37, 5 अग॰
- कर्क04:37 –06:53, 5 अग॰
पंचांग · उज्जैन, 4 अगस्त 2032
बुधवार, 4 अगस्त 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 19:07 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 06:33 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पुनर्वसु 5 अगस्त 01:17 तक, फिर पुष्य; योग वज्र 21:36 तक, फिर सिद्धि; करण वणिज 06:33 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 12:33–14:11, अभिजित मुहूर्त 12:07–12:59। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 4 अगस्त 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 06:33 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:59, उज्जैन)।
4 अगस्त 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 5 अगस्त 01:17 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 18:38 तक।
उज्जैन में 4 अगस्त 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:33–14:11, यमगण्ड 07:37–09:16, गुलिक काल 10:54–12:33।
उज्जैन में 4 अगस्त 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 19:07, चंद्रोदय 04:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अगस्त 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:07–12:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:32–05:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3124° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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