पंचांग · मंगलवार, 4 मई 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी06:04 तक
- कृष्ण दशमी03:46, 5 मई तक
- कृष्ण एकादशी01:34, 6 मई तक
- शतभिषास्वामी राहु02:37, 5 मई तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु01:10, 6 मई तक
- ब्रह्मा15:05 तक
- इन्द्र12:09, 5 मई तक
- गर06:04 तक
- वणिज16:55 तक
- विष्टि03:46, 5 मई तक
- बव14:39, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:51बिंब मध्य 05:55
- सूर्यास्त
- 18:56बिंब मध्य 18:52
- चंद्रोदय
- 01:49
- चंद्रास्त
- 13:54
- दिनमान
- 13h 5m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कुम्भ19:31, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:24 –05:08
- प्रातः संध्या04:46 –05:51
- अभिजित मुहूर्त11:58 –12:50
- विजय मुहूर्त14:35 –15:27
- गोधूलि मुहूर्त18:56 –19:18
- सायाह्न संध्या18:56 –20:02
- निशीथ मुहूर्त00:02 –00:45, 5 मई
- अमृत काल19:52 –21:22
- राहु काल15:40 –17:18
- यमगंड09:08 –10:46
- गुलिक काल12:24 –14:02
- दुर्मुहूर्त08:28 –09:21
- दुर्मुहूर्त23:18 –00:02, 5 मई
- वर्ज्य10:53 –12:23
- भद्रा16:55 –03:46, 5 मई
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:51 – 07:30
- उद्वेगअशुभ07:30 – 09:08
- चरसम09:08 – 10:46
- लाभलाभ10:46 – 12:24
- अमृतश्रेष्ठ12:24 – 14:02
- कालहानि14:02 – 15:40
- शुभशुभ15:40 – 17:18
- रोगअनिष्ट17:18 – 18:56
- कालहानि18:56 – 20:18
- लाभलाभ20:18 – 21:40
- उद्वेगअशुभ21:40 – 23:02
- शुभशुभ23:02 – 00:23
- अमृतश्रेष्ठ00:23 – 01:45
- चरसम01:45 – 03:07
- रोगअनिष्ट03:07 – 04:29
- कालहानि04:29 – 05:51
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:51–06:57 |
| सूर्य | 06:57–08:02 |
| शुक्र | 08:02–09:08 |
| बुध | 09:08–10:13 |
| चन्द्र | 10:13–11:18 |
| शनि | 11:18–12:24 |
| गुरु | 12:24–13:29 |
| मंगल | 13:29–14:35 |
| सूर्य | 14:35–15:40 |
| शुक्र | 15:40–16:45 |
| बुध | 16:45–17:51 |
| चन्द्र | 17:51–18:56 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:56–19:51 |
| गुरु | 19:51–20:45 |
| मंगल | 20:45–21:40 |
| सूर्य | 21:40–22:34 |
| शुक्र | 22:34–23:29 |
| बुध | 23:29–00:23 |
| चन्द्र | 00:23–01:18 |
| शनि | 01:18–02:13 |
| गुरु | 02:13–03:07 |
| मंगल | 03:07–04:02 |
| सूर्य | 04:02–04:56 |
| शुक्र | 04:56–05:51 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- शतभिषा 1 पद09:45 तक
- शतभिषा 2 पद15:22 तक
- शतभिषा 3 पद20:59 तक
- शतभिषा 4 पद02:37, 5 मई तक
- पूर्वभाद्रपद 1 पद08:14, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 5m
- रात्रिमान
- 10h 55m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:04 तकआकाश · 03:46, 5 मई तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 06:04 तकक्रीड़ा में · 03:46, 5 मई तककैलाश पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:51 –06:04
- रोग पंचक06:04 –06:31
- शुभ मुहूर्त06:31 –08:29
- मृत्यु पंचक08:29 –10:42
- अग्नि पंचक10:42 –12:58
- शुभ मुहूर्त12:58 –15:10
- राज पंचक15:10 –17:21
- शुभ मुहूर्त17:21 –19:36
- चोर पंचक19:36 –21:52
- शुभ मुहूर्त21:52 –23:57
- रोग पंचक23:57 –01:43, 5 मई
- शुभ मुहूर्त01:43 –02:37, 5 मई
- मृत्यु पंचक02:37 –03:16, 5 मई
- अग्नि पंचक03:16 –03:46, 5 मई
- शुभ मुहूर्त03:46 –04:47, 5 मई
- मृत्यु पंचक04:47 –05:51, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:50 –06:31
- वृषभ06:31 –08:29
- मिथुन08:29 –10:42
- कर्क10:42 –12:58
- सिंह12:58 –15:10
- कन्या15:10 –17:21
- तुला17:21 –19:36
- वृश्चिक19:36 –21:52
- धनु21:52 –23:57
- मकर23:57 –01:43, 5 मई
- कुम्भ01:43 –03:16, 5 मई
- मीन03:16 –04:47, 5 मई
- मेष04:47 –06:27, 5 मई
पंचांग · उज्जैन, 4 मई 2032
मंगलवार, 4 मई 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 18:56 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 06:04 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र शतभिषा 5 मई 02:37 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग ब्रह्मा 15:05 तक, फिर इन्द्र; करण गर 06:04 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:40–17:18, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:50। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 4 मई 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 06:04 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 05:51, उज्जैन)।
4 मई 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
शतभिषा 5 मई 02:37 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 5 मई 19:31 तक।
उज्जैन में 4 मई 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:40–17:18, यमगण्ड 09:08–10:46, गुलिक काल 12:24–14:02।
उज्जैन में 4 मई 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:56, चंद्रोदय 01:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:58–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:24–05:08। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर मई 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3089° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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