पंचांग · बुधवार, 14 अप्रैल 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी04:36, 15 अप्रैल तक
- शुक्ल षष्ठी05:56, 16 अप्रैल तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र13:31 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल15:04, 15 अप्रैल तक
- सौभाग्य12:25 तक
- शोभन12:04, 15 अप्रैल तक
- बव16:11 तक
- बालव04:36, 15 अप्रैल तक
- कौलव17:11, 15 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:07बिंब मध्य 06:10
- सूर्यास्त
- 18:48बिंब मध्य 18:43
- चंद्रोदय
- 09:18
- चंद्रास्त
- 22:56
- दिनमान
- 12h 41m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृषभ02:13, 15 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2089
- शक संवत
- 1954
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:36 –05:22
- प्रातः संध्या04:59 –06:07
- अभिजित मुहूर्त12:02 –12:53
- विजय मुहूर्त14:34 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:48 –19:10
- सायाह्न संध्या18:48 –19:55
- निशीथ मुहूर्त00:04 –00:49, 15 अप्रैल
- अमृत काल10:12 –11:52
- अमृत काल05:42 –07:24, 15 अप्रैल
- राहु काल12:27 –14:02
- यमगंड07:42 –09:17
- गुलिक काल10:52 –12:27
- दुर्मुहूर्त12:02 –12:53
- वर्ज्य05:14 –06:53
- वर्ज्य19:29 –21:11
चौघड़िया
- लाभलाभ06:07 – 07:42
- अमृतश्रेष्ठ07:42 – 09:17
- कालहानि09:17 – 10:52
- शुभशुभ10:52 – 12:27
- रोगअनिष्ट12:27 – 14:02
- उद्वेगअशुभ14:02 – 15:37
- चरसम15:37 – 17:12
- लाभलाभ17:12 – 18:48
- उद्वेगअशुभ18:48 – 20:12
- शुभशुभ20:12 – 21:37
- अमृतश्रेष्ठ21:37 – 23:02
- चरसम23:02 – 00:27
- रोगअनिष्ट00:27 – 01:52
- कालहानि01:52 – 03:16
- लाभलाभ03:16 – 04:41
- उद्वेगअशुभ04:41 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:07–07:10 |
| चन्द्र | 07:10–08:14 |
| शनि | 08:14–09:17 |
| गुरु | 09:17–10:20 |
| मंगल | 10:20–11:24 |
| सूर्य | 11:24–12:27 |
| शुक्र | 12:27–13:31 |
| बुध | 13:31–14:34 |
| चन्द्र | 14:34–15:37 |
| शनि | 15:37–16:41 |
| गुरु | 16:41–17:44 |
| मंगल | 17:44–18:48 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:48–19:44 |
| शुक्र | 19:44–20:41 |
| बुध | 20:41–21:37 |
| चन्द्र | 21:37–22:34 |
| शनि | 22:34–23:30 |
| गुरु | 23:30–00:27 |
| मंगल | 00:27–01:23 |
| सूर्य | 01:23–02:20 |
| शुक्र | 02:20–03:16 |
| बुध | 03:16–04:13 |
| चन्द्र | 04:13–05:09 |
| शनि | 05:09–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 3 पद07:14 तक
- रोहिणी 4 पद13:31 तक
- मृगशिरा 1 पद19:51 तक
- मृगशिरा 2 पद02:13, 15 अप्रैल तक
- मृगशिरा 3 पद08:37, 15 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 41m
- रात्रिमान
- 11h 18m
- मध्याह्न
- 12:27
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 02:13, 15 अप्रैल तकपश्चिम
- अग्निवास
- पाताल · 04:36, 15 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 04:36, 15 अप्रैल तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:07 –07:49
- चोर पंचक07:49 –09:47
- शुभ मुहूर्त09:47 –12:01
- रोग पंचक12:01 –13:31
- शुभ मुहूर्त13:31 –14:17
- मृत्यु पंचक14:17 –16:29
- अग्नि पंचक16:29 –18:40
- शुभ मुहूर्त18:40 –20:54
- राज पंचक20:54 –23:10
- शुभ मुहूर्त23:10 –01:15, 15 अप्रैल
- चोर पंचक01:15 –03:02, 15 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:02 –04:35, 15 अप्रैल
- रोग पंचक04:35 –04:36, 15 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:36 –06:06, 15 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:39 –06:09
- मेष06:09 –07:49
- वृषभ07:49 –09:47
- मिथुन09:47 –12:01
- कर्क12:01 –14:17
- सिंह14:17 –16:29
- कन्या16:29 –18:40
- तुला18:40 –20:54
- वृश्चिक20:54 –23:10
- धनु23:10 –01:15, 15 अप्रैल
- मकर01:15 –03:02, 15 अप्रैल
- कुम्भ03:02 –04:35, 15 अप्रैल
- मीन04:35 –06:05, 15 अप्रैल
- मेष06:05 –07:45, 15 अप्रैल
पंचांग · उज्जैन, 14 अप्रैल 2032
बुधवार, 14 अप्रैल 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 18:48 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 15 अप्रैल 04:36 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र रोहिणी 13:31 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 12:25 तक, फिर शोभन; करण बव 16:11 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:27–14:02, अभिजित मुहूर्त 12:02–12:53। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2089, शक संवत 1954।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 14 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 15 अप्रैल 04:36 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:07, उज्जैन)।
14 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 13:31 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 15 अप्रैल 02:13 तक।
उज्जैन में 14 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:27–14:02, यमगण्ड 07:42–09:17, गुलिक काल 10:52–12:27।
उज्जैन में 14 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:48, चंद्रोदय 09:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:02–12:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:36–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3081° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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