पंचांग · रविवार, 4 अप्रैल 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी00:22, 5 अप्रैल तक
- कृष्ण दशमी21:47, 5 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य01:37, 5 अप्रैल तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र23:47, 5 अप्रैल तक
- शिव18:21 तक
- सिद्ध15:11, 5 अप्रैल तक
- तैतिल13:33 तक
- गर00:22, 5 अप्रैल तक
- वणिज11:06, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:40
- चंद्रोदय
- 01:30
- चंद्रास्त
- 12:56
- दिनमान
- 12h 28m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- धनु08:49 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:30
- प्रातः संध्या05:07 –06:16
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:55
- विजय मुहूर्त14:35 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:07
- सायाह्न संध्या18:44 –19:53
- निशीथ मुहूर्त00:06 –00:52, 5 अप्रैल
- अमृत काल19:38 –21:08
- राहु काल17:10 –18:44
- यमगंड12:30 –14:03
- गुलिक काल15:37 –17:10
- दुर्मुहूर्त17:04 –17:54
- वर्ज्य10:39 –12:09
- वर्ज्य05:19 –06:47, 5 अप्रैल
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:16 – 07:50
- चरसम07:50 – 09:23
- लाभलाभ09:23 – 10:56
- अमृतश्रेष्ठ10:56 – 12:30
- कालहानि12:30 – 14:03
- शुभशुभ14:03 – 15:37
- रोगअनिष्ट15:37 – 17:10
- उद्वेगअशुभ17:10 – 18:44
- शुभशुभ18:44 – 20:10
- अमृतश्रेष्ठ20:10 – 21:37
- चरसम21:37 – 23:03
- रोगअनिष्ट23:03 – 00:29
- कालहानि00:29 – 01:56
- लाभलाभ01:56 – 03:22
- उद्वेगअशुभ03:22 – 04:49
- शुभशुभ04:49 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:16–07:18 |
| शुक्र | 07:18–08:21 |
| बुध | 08:21–09:23 |
| चन्द्र | 09:23–10:25 |
| शनि | 10:25–11:28 |
| गुरु | 11:28–12:30 |
| मंगल | 12:30–13:32 |
| सूर्य | 13:32–14:35 |
| शुक्र | 14:35–15:37 |
| बुध | 15:37–16:39 |
| चन्द्र | 16:39–17:41 |
| शनि | 17:41–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:44–19:41 |
| मंगल | 19:41–20:39 |
| सूर्य | 20:39–21:37 |
| शुक्र | 21:37–22:34 |
| बुध | 22:34–23:32 |
| चन्द्र | 23:32–00:29 |
| शनि | 00:29–01:27 |
| गुरु | 01:27–02:25 |
| मंगल | 02:25–03:22 |
| सूर्य | 03:22–04:20 |
| शुक्र | 04:20–05:18 |
| बुध | 05:18–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 1 पद08:49 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद14:26 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद20:02 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद01:37, 5 अप्रैल तक
- श्रवण 1 पद07:11, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 28m
- रात्रिमान
- 11h 31m
- मध्याह्न
- 12:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पूर्व · 08:49 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 00:22, 5 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 00:22, 5 अप्रैल तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:16 –06:48
- अग्नि पंचक06:48 –08:29
- शुभ मुहूर्त08:29 –10:27
- राज पंचक10:27 –12:40
- शुभ मुहूर्त12:40 –14:56
- चोर पंचक14:56 –17:08
- शुभ मुहूर्त17:08 –19:19
- रोग पंचक19:19 –21:34
- शुभ मुहूर्त21:34 –23:50
- मृत्यु पंचक23:50 –00:22, 5 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:22 –01:37, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:37 –01:55, 5 अप्रैल
- राज पंचक01:55 –03:41, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:41 –05:14, 5 अप्रैल
- चोर पंचक05:14 –06:15, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:18 –06:48
- मेष06:48 –08:29
- वृषभ08:29 –10:27
- मिथुन10:27 –12:40
- कर्क12:40 –14:56
- सिंह14:56 –17:08
- कन्या17:08 –19:19
- तुला19:19 –21:34
- वृश्चिक21:34 –23:50
- धनु23:50 –01:55, 5 अप्रैल
- मकर01:55 –03:41, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:41 –05:14, 5 अप्रैल
- मीन05:14 –06:44, 5 अप्रैल
पंचांग · उज्जैन, 4 अप्रैल 2032
रविवार, 4 अप्रैल 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 5 अप्रैल 00:22 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 5 अप्रैल 01:37 तक, फिर श्रवण; योग शिव 18:21 तक, फिर सिद्ध; करण तैतिल 13:33 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 17:10–18:44, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 4 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 5 अप्रैल 00:22 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:16, उज्जैन)।
4 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 5 अप्रैल 01:37 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा धनु राशि में 08:49 तक।
उज्जैन में 4 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:10–18:44, यमगण्ड 12:30–14:03, गुलिक काल 15:37–17:10।
उज्जैन में 4 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 01:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3077° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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