पंचांग · गुरुवार, 4 मार्च 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी19:46 तक
- कृष्ण अष्टमी18:37, 5 मार्च तक
- अनुराधास्वामी शनि00:04, 5 मार्च तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध23:27, 5 मार्च तक
- हर्षण23:20 तक
- वज्र21:10, 5 मार्च तक
- विष्टि08:07 तक
- बव19:46 तक
- बालव07:17, 5 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:46बिंब मध्य 06:49
- सूर्यास्त
- 18:32बिंब मध्य 18:27
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 11:11
- दिनमान
- 11h 46m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक23:27, 5 मार्च तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:08 –05:57
- प्रातः संध्या05:32 –06:46
- अभिजित मुहूर्त12:15 –13:02
- विजय मुहूर्त14:36 –15:23
- गोधूलि मुहूर्त18:32 –18:56
- सायाह्न संध्या18:32 –19:45
- निशीथ मुहूर्त00:14 –01:03, 5 मार्च
- अमृत काल13:39 –15:15
- राहु काल14:07 –15:35
- यमगंड06:46 –08:14
- गुलिक काल09:42 –11:10
- दुर्मुहूर्त10:41 –11:28
- दुर्मुहूर्त15:23 –16:10
- वर्ज्य05:31 –07:05, 5 मार्च
- गंड मूल00:04 –06:45, 5 मार्च
- भद्रा06:46 –08:07
चौघड़िया
- शुभशुभ06:46 – 08:14
- रोगअनिष्ट08:14 – 09:42
- उद्वेगअशुभ09:42 – 11:10
- चरसम11:10 – 12:39
- लाभलाभ12:39 – 14:07
- अमृतश्रेष्ठ14:07 – 15:35
- कालहानि15:35 – 17:03
- शुभशुभ17:03 – 18:32
- अमृतश्रेष्ठ18:32 – 20:03
- चरसम20:03 – 21:35
- रोगअनिष्ट21:35 – 23:07
- कालहानि23:07 – 00:38
- लाभलाभ00:38 – 02:10
- उद्वेगअशुभ02:10 – 03:41
- शुभशुभ03:41 – 05:13
- अमृतश्रेष्ठ05:13 – 06:45
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:46–07:44 |
| मंगल | 07:44–08:43 |
| सूर्य | 08:43–09:42 |
| शुक्र | 09:42–10:41 |
| बुध | 10:41–11:40 |
| चन्द्र | 11:40–12:39 |
| शनि | 12:39–13:37 |
| गुरु | 13:37–14:36 |
| मंगल | 14:36–15:35 |
| सूर्य | 15:35–16:34 |
| शुक्र | 16:34–17:33 |
| बुध | 17:33–18:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:32–19:33 |
| शनि | 19:33–20:34 |
| गुरु | 20:34–21:35 |
| मंगल | 21:35–22:36 |
| सूर्य | 22:36–23:37 |
| शुक्र | 23:37–00:38 |
| बुध | 00:38–01:39 |
| चन्द्र | 01:39–02:40 |
| शनि | 02:40–03:41 |
| गुरु | 03:41–04:43 |
| मंगल | 04:43–05:44 |
| सूर्य | 05:44–06:45 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 2 पद12:08 तक
- अनुराधा 3 पद18:07 तक
- अनुराधा 4 पद00:04, 5 मार्च तक
- ज्येष्ठा 1 पद05:58, 5 मार्च तक
- ज्येष्ठा 2 पद11:50, 5 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- शतभिषा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 46m
- रात्रिमान
- 12h 13m
- मध्याह्न
- 12:39
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:46 तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 19:46 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक06:46 –07:20
- अग्नि पंचक07:20 –08:50
- शुभ मुहूर्त08:50 –10:30
- मृत्यु पंचक10:30 –12:29
- अग्नि पंचक12:29 –14:42
- शुभ मुहूर्त14:42 –16:58
- राज पंचक16:58 –19:10
- शुभ मुहूर्त19:10 –19:46
- चोर पंचक19:46 –21:21
- शुभ मुहूर्त21:21 –23:36
- रोग पंचक23:36 –00:04, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त00:04 –01:51, 5 मार्च
- मृत्यु पंचक01:51 –03:57, 5 मार्च
- अग्नि पंचक03:57 –05:43, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त05:43 –06:45, 5 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ05:47 –07:20
- मीन07:20 –08:50
- मेष08:50 –10:30
- वृषभ10:30 –12:29
- मिथुन12:29 –14:42
- कर्क14:42 –16:58
- सिंह16:58 –19:10
- कन्या19:10 –21:21
- तुला21:21 –23:36
- वृश्चिक23:36 –01:51, 5 मार्च
- धनु01:51 –03:57, 5 मार्च
- मकर03:57 –05:43, 5 मार्च
- कुम्भ05:43 –07:16, 5 मार्च
पंचांग · उज्जैन, 4 मार्च 2032
गुरुवार, 4 मार्च 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:46 और सूर्यास्त 18:32 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 19:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र अनुराधा 5 मार्च 00:04 तक, फिर ज्येष्ठा; योग हर्षण 23:20 तक, फिर वज्र; करण विष्टि 08:07 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 14:07–15:35, अभिजित मुहूर्त 12:15–13:02। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 4 मार्च 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 19:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:46, उज्जैन)।
4 मार्च 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 5 मार्च 00:04 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 5 मार्च 23:27 तक।
उज्जैन में 4 मार्च 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:07–15:35, यमगण्ड 06:46–08:14, गुलिक काल 09:42–11:10।
उज्जैन में 4 मार्च 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 18:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मार्च 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:15–13:02, ब्रह्म मुहूर्त 05:08–05:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर मार्च 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3065° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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