पंचांग · सोमवार, 14 अप्रैल 2031उदयपुर

चैत्र · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:57सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 07:32 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
12:38 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:57
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:50 –09:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:57
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:57रात06:14
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    07:32 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    05:26, 15 अप्रैल तक
  3. कृष्ण नवमी
    03:31, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    12:38 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    11:19, 15 अप्रैल तक
योग
  1. शिव
    12:51 तक
  2. सिद्ध
    10:04, 15 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    07:32 तक
  2. बालव
    18:27 तक
  3. कौलव
    05:26, 15 अप्रैल तक
  4. तैतिल
    16:27, 15 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:18
सूर्यास्त
18:57
बिंब मध्य 18:52
चंद्रोदय
00:43
चंद्रास्त
11:58
दिनमान
12h 42m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
धनु
18:17 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:29
  • प्रातः संध्या05:07 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त12:10 –13:01
  • विजय मुहूर्त14:43 –15:34
  • गोधूलि मुहूर्त18:57 –19:19
  • सायाह्न संध्या18:57 –20:04
  • निशीथ मुहूर्त00:13 –00:58, 15 अप्रैल
  • अमृत काल08:08 –09:38
  • अमृत काल05:16 –06:47, 15 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:50 –09:25
  • यमगंड11:00 –12:36
  • गुलिक काल14:11 –15:46
  • दुर्मुहूर्त13:01 –13:52
  • दुर्मुहूर्त15:34 –16:24
  • वर्ज्य20:12 –21:43

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:15 – 07:50
  • कालहानि07:50 – 09:25
  • शुभशुभ09:25 – 11:00
  • रोगअनिष्ट11:00 – 12:36
  • उद्वेगअशुभ12:36 – 14:11
  • चरसम14:11 – 15:46
  • लाभलाभ15:46 – 17:21
  • अमृतश्रेष्ठ17:21 – 18:57
रात
  • चरसम18:57 – 20:21
  • रोगअनिष्ट20:21 – 21:46
  • कालहानि21:46 – 23:11
  • लाभलाभ23:11 – 00:35
  • उद्वेगअशुभ00:35 – 02:00
  • शुभशुभ02:00 – 03:25
  • अमृतश्रेष्ठ03:25 – 04:49
  • चरसम04:49 – 06:14

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:15–07:18
शनि07:18–08:22
गुरु08:22–09:25
मंगल09:25–10:29
सूर्य10:29–11:32
शुक्र11:32–12:36
बुध12:36–13:39
चन्द्र13:39–14:43
शनि14:43–15:46
गुरु15:46–16:50
मंगल16:50–17:53
सूर्य17:53–18:57
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:57–19:53
बुध19:53–20:50
चन्द्र20:50–21:46
शनि21:46–22:42
गुरु22:42–23:39
मंगल23:39–00:35
सूर्य00:35–01:32
शुक्र01:32–02:28
बुध02:28–03:25
चन्द्र03:25–04:21
शनि04:21–05:17
गुरु05:17–06:14

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद06:59 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद12:38 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद18:17 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद23:57 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद05:38, 15 अप्रैल तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद11:19, 15 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 42m
रात्रिमान
11h 17m
मध्याह्न
12:36

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 18:17 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 12:38 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 18:17 तकदक्षिण
अग्निवास
आकाश · 07:32 तकपाताल · 05:26, 15 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 07:32 तकगौरी के साथ · 05:26, 15 अप्रैल तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:15 –06:19
  • शुभ मुहूर्त06:19 –07:32
  • मृत्यु पंचक07:32 –07:58
  • अग्नि पंचक07:58 –09:56
  • शुभ मुहूर्त09:56 –12:09
  • राज पंचक12:09 –12:38
  • शुभ मुहूर्त12:38 –14:27
  • चोर पंचक14:27 –16:40
  • शुभ मुहूर्त16:40 –18:52
  • रोग पंचक18:52 –21:08
  • शुभ मुहूर्त21:08 –23:24
  • मृत्यु पंचक23:24 –01:29, 15 अप्रैल
  • अग्नि पंचक01:29 –03:15, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:15 –04:46, 15 अप्रैल
  • राज पंचक04:46 –05:26, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:26 –06:14, 15 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:50 –06:19
  • मेष06:19 –07:58
  • वृषभ07:58 –09:56
  • मिथुन09:56 –12:09
  • कर्क12:09 –14:27
  • सिंह14:27 –16:40
  • कन्या16:40 –18:52
  • तुला18:52 –21:08
  • वृश्चिक21:08 –23:24
  • धनु23:24 –01:29, 15 अप्रैल
  • मकर01:29 –03:15, 15 अप्रैल
  • कुम्भ03:15 –04:46, 15 अप्रैल
  • मीन04:46 –06:15, 15 अप्रैल

पंचांग · उदयपुर, 14 अप्रैल 2031

सोमवार, 14 अप्रैल 2031 को उदयपुर में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:57 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 07:32 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 12:38 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शिव 12:51 तक, फिर सिद्ध; करण बव 07:32 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:50–09:25, अभिजित मुहूर्त 12:10–13:01। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उदयपुर में 14 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 07:32 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:15, उदयपुर)।

14 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 12:38 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 18:17 तक।

उदयपुर में 14 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:50–09:25, यमगण्ड 11:00–12:36, गुलिक काल 14:11–15:46।

उदयपुर में 14 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:57, चंद्रोदय 00:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:10–13:01, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

उदयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2941° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP