पंचांग · रविवार, 21 अप्रैल 2030उदयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्थी19:03 तक
- कृष्ण पंचमी16:23, 22 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध02:56, 22 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु01:13, 23 अप्रैल तक
- वरीयान्15:19 तक
- परिघ11:57, 22 अप्रैल तक
- बव08:34 तक
- बालव19:03 तक
- कौलव05:39, 22 अप्रैल तक
- तैतिल16:23, 22 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:08बिंब मध्य 06:11
- सूर्यास्त
- 19:00बिंब मध्य 18:56
- चंद्रोदय
- 22:44
- चंद्रास्त
- 08:40
- दिनमान
- 12h 52m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- वृश्चिक02:56, 22 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:39 –05:24
- प्रातः संध्या05:01 –06:08
- अभिजित मुहूर्त12:08 –13:00
- विजय मुहूर्त14:43 –15:34
- गोधूलि मुहूर्त19:00 –19:22
- सायाह्न संध्या19:00 –20:07
- निशीथ मुहूर्त00:11 –00:56, 22 अप्रैल
- अमृत काल18:56 –20:23
- राहु काल17:23 –19:00
- यमगंड12:34 –14:11
- गुलिक काल15:47 –17:23
- दुर्मुहूर्त17:17 –18:08
- वर्ज्य10:12 –11:39
- गंड मूल06:08 –02:56, 22 अप्रैल
- गंड मूल02:56 –06:07, 22 अप्रैल
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:08 – 07:45
- चरसम07:45 – 09:21
- लाभलाभ09:21 – 10:58
- अमृतश्रेष्ठ10:58 – 12:34
- कालहानि12:34 – 14:11
- शुभशुभ14:11 – 15:47
- रोगअनिष्ट15:47 – 17:23
- उद्वेगअशुभ17:23 – 19:00
- शुभशुभ19:00 – 20:23
- अमृतश्रेष्ठ20:23 – 21:47
- चरसम21:47 – 23:10
- रोगअनिष्ट23:10 – 00:34
- कालहानि00:34 – 01:57
- लाभलाभ01:57 – 03:20
- उद्वेगअशुभ03:20 – 04:44
- शुभशुभ04:44 – 06:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:08–07:13 |
| शुक्र | 07:13–08:17 |
| बुध | 08:17–09:21 |
| चन्द्र | 09:21–10:25 |
| शनि | 10:25–11:30 |
| गुरु | 11:30–12:34 |
| मंगल | 12:34–13:38 |
| सूर्य | 13:38–14:43 |
| शुक्र | 14:43–15:47 |
| बुध | 15:47–16:51 |
| चन्द्र | 16:51–17:56 |
| शनि | 17:56–19:00 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 19:00–19:56 |
| मंगल | 19:56–20:51 |
| सूर्य | 20:51–21:47 |
| शुक्र | 21:47–22:42 |
| बुध | 22:42–23:38 |
| चन्द्र | 23:38–00:34 |
| शनि | 00:34–01:29 |
| गुरु | 01:29–02:25 |
| मंगल | 02:25–03:20 |
| सूर्य | 03:20–04:16 |
| शुक्र | 04:16–05:12 |
| बुध | 05:12–06:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 1 पद10:32 तक
- ज्येष्ठा 2 पद15:58 तक
- ज्येष्ठा 3 पद21:26 तक
- ज्येष्ठा 4 पद02:56, 22 अप्रैल तक
- मूल 1 पद08:27, 22 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 52m
- रात्रिमान
- 11h 7m
- मध्याह्न
- 12:34
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- उत्तर · 02:56, 22 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 19:03 तकपाताल
- शिववास
- कैलाश पर · 19:03 तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:08 –07:30
- राज पंचक07:30 –09:27
- शुभ मुहूर्त09:27 –11:41
- चोर पंचक11:41 –13:58
- शुभ मुहूर्त13:58 –16:11
- रोग पंचक16:11 –18:23
- शुभ मुहूर्त18:23 –19:03
- मृत्यु पंचक19:03 –20:39
- अग्नि पंचक20:39 –22:56
- शुभ मुहूर्त22:56 –01:01, 22 अप्रैल
- राज पंचक01:01 –02:46, 22 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:46 –02:56, 22 अप्रैल
- चोर पंचक02:56 –04:18, 22 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:18 –06:07, 22 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:51 –07:30
- वृषभ07:30 –09:27
- मिथुन09:27 –11:41
- कर्क11:41 –13:58
- सिंह13:58 –16:11
- कन्या16:11 –18:23
- तुला18:23 –20:39
- वृश्चिक20:39 –22:56
- धनु22:56 –01:01, 22 अप्रैल
- मकर01:01 –02:46, 22 अप्रैल
- कुम्भ02:46 –04:18, 22 अप्रैल
- मीन04:18 –05:47, 22 अप्रैल
- मेष05:47 –07:26, 22 अप्रैल
पंचांग · उदयपुर, 21 अप्रैल 2030
रविवार, 21 अप्रैल 2030 को उदयपुर में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 19:00 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 19:03 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 22 अप्रैल 02:56 तक, फिर मूल; योग वरीयान् 15:19 तक, फिर परिघ; करण बव 08:34 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 17:23–19:00, अभिजित मुहूर्त 12:08–13:00। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उदयपुर में 21 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्थी 19:03 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:08, उदयपुर)।
21 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 22 अप्रैल 02:56 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।
उदयपुर में 21 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:23–19:00, यमगण्ड 12:34–14:11, गुलिक काल 15:47–17:23।
उदयपुर में 21 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 19:00, चंद्रोदय 22:44 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:08–13:00, ब्रह्म मुहूर्त 04:39–05:24। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
उदयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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