पंचांग · मंगलवार, 3 अप्रैल 2029टोरंटो

चैत्र (अधिक मास) · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2086

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:55सूर्योदय19:47सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 04:35, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
00:00, 4 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5519:47
मंगलवार · मंगल
राहु काल
16:34 –18:11
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:55दिन19:47
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
यमगंड
09:0011:0013:0015:0017:0019:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:47रात06:53
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गंड मूल
22:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    04:35, 4 अप्रैल तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    03:54, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    00:00, 4 अप्रैल तक
  2. मूलस्वामी केतु
    23:51, 4 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    17:53 तक
  2. वरीयान्
    15:54, 4 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    17:14 तक
  2. वणिज
    04:35, 4 अप्रैल तक
  3. विष्टि
    16:08, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:55
बिंब मध्य 06:59
सूर्यास्त
19:47
बिंब मध्य 19:42
चंद्रोदय
00:49
चंद्रास्त
09:42
दिनमान
12h 52m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृश्चिक
00:00, 4 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र (अधिक मास)
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:26 –06:10
  • प्रातः संध्या05:48 –06:55
  • अभिजित मुहूर्त12:55 –13:47
  • विजय मुहूर्त15:30 –16:21
  • गोधूलि मुहूर्त19:47 –20:09
  • सायाह्न संध्या19:47 –20:54
  • निशीथ मुहूर्त00:58 –01:42, 4 अप्रैल
  • अमृत काल15:33 –17:05
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:34 –18:11
  • यमगंड10:08 –11:45
  • गुलिक काल13:21 –14:58
  • दुर्मुहूर्त09:29 –10:21
  • दुर्मुहूर्त00:14 –00:58, 4 अप्रैल
  • वर्ज्य06:19 –07:52
  • गंड मूल06:55 –00:00, 4 अप्रैल
  • गंड मूल00:00 –06:53, 4 अप्रैल
  • भद्रा04:35 –06:53, 4 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:55 – 08:31
  • उद्वेगअशुभ08:31 – 10:08
  • चरसम10:08 – 11:45
  • लाभलाभ11:45 – 13:21
  • अमृतश्रेष्ठ13:21 – 14:58
  • कालहानि14:58 – 16:34
  • शुभशुभ16:34 – 18:11
  • रोगअनिष्ट18:11 – 19:47
रात
  • कालहानि19:47 – 21:10
  • लाभलाभ21:10 – 22:34
  • उद्वेगअशुभ22:34 – 23:57
  • शुभशुभ23:57 – 01:20
  • अमृतश्रेष्ठ01:20 – 02:43
  • चरसम02:43 – 04:07
  • रोगअनिष्ट04:07 – 05:30
  • कालहानि05:30 – 06:53

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:55–07:59
सूर्य07:59–09:04
शुक्र09:04–10:08
बुध10:08–11:12
चन्द्र11:12–12:17
शनि12:17–13:21
गुरु13:21–14:25
मंगल14:25–15:30
सूर्य15:30–16:34
शुक्र16:34–17:38
बुध17:38–18:43
चन्द्र18:43–19:47
रात
ग्रहसमय
शनि19:47–20:43
गुरु20:43–21:38
मंगल21:38–22:34
सूर्य22:34–23:29
शुक्र23:29–00:25
बुध00:25–01:20
चन्द्र01:20–02:16
शनि02:16–03:11
गुरु03:11–04:07
मंगल04:07–05:02
सूर्य05:02–05:58
शुक्र05:58–06:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 2 पद12:22 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद18:10 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद00:00, 4 अप्रैल तक
  • मूल 1 पद05:53, 4 अप्रैल तक
  • मूल 2 पद11:49, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 52m
रात्रिमान
11h 6m
मध्याह्न
13:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 00:00, 4 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 00:00, 4 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 00:00, 4 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 04:35, 4 अप्रैल तकपाताल
शिववास
भोजन में · 04:35, 4 अप्रैल तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:55 –08:40
  • रोग पंचक08:40 –10:26
  • शुभ मुहूर्त10:26 –12:45
  • मृत्यु पंचक12:45 –15:21
  • अग्नि पंचक15:21 –17:57
  • शुभ मुहूर्त17:57 –20:33
  • राज पंचक20:33 –23:10
  • शुभ मुहूर्त23:10 –00:00, 4 अप्रैल
  • चोर पंचक00:00 –01:38, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:38 –03:37, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक03:37 –04:35, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:35 –05:04, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:04 –06:13, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक06:13 –06:53, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन06:17 –07:22
  • मेष07:22 –08:40
  • वृषभ08:40 –10:26
  • मिथुन10:26 –12:45
  • कर्क12:45 –15:21
  • सिंह15:21 –17:57
  • कन्या17:57 –20:33
  • तुला20:33 –23:10
  • वृश्चिक23:10 –01:38, 4 अप्रैल
  • धनु01:38 –03:37, 4 अप्रैल
  • मकर03:37 –05:04, 4 अप्रैल
  • कुम्भ05:04 –06:13, 4 अप्रैल
  • मीन06:13 –07:18, 4 अप्रैल

पंचांग · टोरंटो, 3 अप्रैल 2029

मंगलवार, 3 अप्रैल 2029 को टोरंटो में सूर्योदय 06:55 और सूर्यास्त 19:47 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 4 अप्रैल 04:35 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 4 अप्रैल 00:00 तक, फिर मूल; योग व्यतीपात 17:53 तक, फिर वरीयान्; करण गर 17:14 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 16:34–18:11, अभिजित मुहूर्त 12:55–13:47। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।

इस दिन के बारे में प्रश्न

टोरंटो में 3 अप्रैल 2029 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 4 अप्रैल 04:35 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:55, टोरंटो)।

3 अप्रैल 2029 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 4 अप्रैल 00:00 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 4 अप्रैल 00:00 तक।

टोरंटो में 3 अप्रैल 2029 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:34–18:11, यमगण्ड 10:08–11:45, गुलिक काल 13:21–14:58।

टोरंटो में 3 अप्रैल 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 19:47, चंद्रोदय 00:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2029 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:55–13:47, ब्रह्म मुहूर्त 05:26–06:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

टोरंटो हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2029आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2029मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2658° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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