पंचांग · मंगलवार, 4 नवंबर 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी18:23 तक
- कृष्ण षष्ठी20:48, 5 नव॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु23:13 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु02:07, 6 नव॰ तक
- सिद्ध03:18, 5 नव॰ तक
- साध्य04:08, 6 नव॰ तक
- तैतिल18:23 तक
- गर07:34, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:07बिंब मध्य 06:11
- सूर्यास्त
- 17:44बिंब मध्य 17:40
- चंद्रोदय
- 21:56
- चंद्रास्त
- 10:11
- दिनमान
- 11h 37m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मिथुन19:23, 5 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:18
- प्रातः संध्या04:53 –06:07
- अभिजित मुहूर्त11:33 –12:19
- विजय मुहूर्त13:52 –14:38
- गोधूलि मुहूर्त17:44 –18:09
- सायाह्न संध्या17:44 –18:59
- निशीथ मुहूर्त23:31 –00:21, 5 नव॰
- अमृत काल12:06 –13:53
- राहु काल14:50 –16:17
- यमगंड09:02 –10:29
- गुलिक काल11:56 –13:23
- दुर्मुहूर्त08:27 –09:13
- दुर्मुहूर्त22:42 –23:31
- वर्ज्य05:53 –07:40
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:07 – 07:35
- उद्वेगअशुभ07:35 – 09:02
- चरसम09:02 – 10:29
- लाभलाभ10:29 – 11:56
- अमृतश्रेष्ठ11:56 – 13:23
- कालहानि13:23 – 14:50
- शुभशुभ14:50 – 16:17
- रोगअनिष्ट16:17 – 17:44
- कालहानि17:44 – 19:17
- लाभलाभ19:17 – 20:50
- उद्वेगअशुभ20:50 – 22:23
- शुभशुभ22:23 – 23:56
- अमृतश्रेष्ठ23:56 – 01:29
- चरसम01:29 – 03:02
- रोगअनिष्ट03:02 – 04:35
- कालहानि04:35 – 06:08
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:07–07:05 |
| सूर्य | 07:05–08:04 |
| शुक्र | 08:04–09:02 |
| बुध | 09:02–10:00 |
| चन्द्र | 10:00–10:58 |
| शनि | 10:58–11:56 |
| गुरु | 11:56–12:54 |
| मंगल | 12:54–13:52 |
| सूर्य | 13:52–14:50 |
| शुक्र | 14:50–15:48 |
| बुध | 15:48–16:46 |
| चन्द्र | 16:46–17:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 17:44–18:46 |
| गुरु | 18:46–19:48 |
| मंगल | 19:48–20:50 |
| सूर्य | 20:50–21:52 |
| शुक्र | 21:52–22:54 |
| बुध | 22:54–23:56 |
| चन्द्र | 23:56–00:58 |
| शनि | 00:58–02:00 |
| गुरु | 02:00–03:02 |
| मंगल | 03:02–04:04 |
| सूर्य | 04:04–05:06 |
| शुक्र | 05:06–06:08 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 2 पद09:50 तक
- आर्द्रा 3 पद16:31 तक
- आर्द्रा 4 पद23:13 तक
- पुनर्वसु 1 पद05:55, 5 नव॰ तक
- पुनर्वसु 2 पद12:39, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 37m
- रात्रिमान
- 12h 24m
- मध्याह्न
- 11:56
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:23 तकआकाश
- शिववास
- नंदी पर · 18:23 तकभोजन में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:07 –07:06
- मृत्यु पंचक07:06 –09:18
- अग्नि पंचक09:18 –11:25
- शुभ मुहूर्त11:25 –13:18
- राज पंचक13:18 –14:59
- शुभ मुहूर्त14:59 –18:23
- राज पंचक18:23 –18:26
- शुभ मुहूर्त18:26 –20:28
- चोर पंचक20:28 –22:40
- शुभ मुहूर्त22:40 –23:13
- रोग पंचक23:13 –00:50, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:50 –02:53, 5 नव॰
- मृत्यु पंचक02:53 –04:55, 5 नव॰
- अग्नि पंचक04:55 –06:08, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला04:59 –07:06
- वृश्चिक07:06 –09:18
- धनु09:18 –11:25
- मकर11:25 –13:18
- कुम्भ13:18 –14:59
- मीन14:59 –16:39
- मेष16:39 –18:26
- वृषभ18:26 –20:28
- मिथुन20:28 –22:40
- कर्क22:40 –00:50, 5 नव॰
- सिंह00:50 –02:53, 5 नव॰
- कन्या02:53 –04:55, 5 नव॰
- तुला04:55 –07:02, 5 नव॰
पंचांग · तिरुपति, 4 नवंबर 2031
मंगलवार, 4 नवंबर 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 17:44 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 18:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र आर्द्रा 23:13 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 5 नवंबर 03:18 तक, फिर साध्य; करण तैतिल 18:23 तक, फिर गर। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:50–16:17, अभिजित मुहूर्त 11:33–12:19। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 4 नवंबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 18:23 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:07, तिरुपति)।
4 नवंबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 23:13 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 नवंबर 19:23 तक।
तिरुपति में 4 नवंबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:50–16:17, यमगण्ड 09:02–10:29, गुलिक काल 11:56–13:23।
तिरुपति में 4 नवंबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:44, चंद्रोदय 21:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:33–12:19, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:18। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3019° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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