पंचांग · सोमवार, 6 अक्टूबर 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी00:54, 7 अक्टू॰ तक
- कृष्ण सप्तमी03:07, 8 अक्टू॰ तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र09:38 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल12:08, 7 अक्टू॰ तक
- व्यतीपात18:37 तक
- वरीयान्19:14, 7 अक्टू॰ तक
- गर11:57 तक
- वणिज00:54, 7 अक्टू॰ तक
- विष्टि13:58, 7 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:02बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 17:59बिंब मध्य 17:55
- चंद्रोदय
- 22:26
- चंद्रास्त
- 10:43
- दिनमान
- 11h 57m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृषभ22:49 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:02
- अभिजित मुहूर्त11:37 –12:24
- विजय मुहूर्त14:00 –14:48
- गोधूलि मुहूर्त17:59 –18:23
- सायाह्न संध्या17:59 –19:11
- निशीथ मुहूर्त23:36 –00:25, 7 अक्टू॰
- अमृत काल06:10 –07:54
- अमृत काल02:25 –04:11, 7 अक्टू॰
- राहु काल07:32 –09:01
- यमगंड10:31 –12:00
- गुलिक काल13:30 –15:00
- दुर्मुहूर्त12:24 –13:12
- दुर्मुहूर्त14:48 –15:36
- वर्ज्य15:49 –17:35
- भद्रा00:54 –06:02, 7 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:02 – 07:32
- कालहानि07:32 – 09:01
- शुभशुभ09:01 – 10:31
- रोगअनिष्ट10:31 – 12:00
- उद्वेगअशुभ12:00 – 13:30
- चरसम13:30 – 15:00
- लाभलाभ15:00 – 16:29
- अमृतश्रेष्ठ16:29 – 17:59
- चरसम17:59 – 19:29
- रोगअनिष्ट19:29 – 21:00
- कालहानि21:00 – 22:30
- लाभलाभ22:30 – 00:00
- उद्वेगअशुभ00:00 – 01:31
- शुभशुभ01:31 – 03:01
- अमृतश्रेष्ठ03:01 – 04:32
- चरसम04:32 – 06:02
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:02–07:02 |
| शनि | 07:02–08:01 |
| गुरु | 08:01–09:01 |
| मंगल | 09:01–10:01 |
| सूर्य | 10:01–11:01 |
| शुक्र | 11:01–12:00 |
| बुध | 12:00–13:00 |
| चन्द्र | 13:00–14:00 |
| शनि | 14:00–15:00 |
| गुरु | 15:00–15:59 |
| मंगल | 15:59–16:59 |
| सूर्य | 16:59–17:59 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:59–18:59 |
| बुध | 18:59–19:59 |
| चन्द्र | 19:59–21:00 |
| शनि | 21:00–22:00 |
| गुरु | 22:00–23:00 |
| मंगल | 23:00–00:00 |
| सूर्य | 00:00–01:01 |
| शुक्र | 01:01–02:01 |
| बुध | 02:01–03:01 |
| चन्द्र | 03:01–04:02 |
| शनि | 04:02–05:02 |
| गुरु | 05:02–06:02 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 4 पद09:38 तक
- मृगशिरा 1 पद16:13 तक
- मृगशिरा 2 पद22:49 तक
- मृगशिरा 3 पद05:28, 7 अक्टू॰ तक
- मृगशिरा 4 पद12:08, 7 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 57m
- रात्रिमान
- 12h 3m
- मध्याह्न
- 12:00
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 22:49 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:54, 7 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 00:54, 7 अक्टू॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:02 –06:53
- शुभ मुहूर्त06:53 –09:00
- रोग पंचक09:00 –09:38
- शुभ मुहूर्त09:38 –11:12
- मृत्यु पंचक11:12 –13:19
- अग्नि पंचक13:19 –15:12
- शुभ मुहूर्त15:12 –16:53
- राज पंचक16:53 –18:33
- अग्नि पंचक18:33 –20:20
- शुभ मुहूर्त20:20 –22:22
- राज पंचक22:22 –00:34, 7 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:34 –00:54, 7 अक्टू॰
- चोर पंचक00:54 –02:44, 7 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:44 –04:47, 7 अक्टू॰
- रोग पंचक04:47 –06:02, 7 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:51 –06:53
- तुला06:53 –09:00
- वृश्चिक09:00 –11:12
- धनु11:12 –13:19
- मकर13:19 –15:12
- कुम्भ15:12 –16:53
- मीन16:53 –18:33
- मेष18:33 –20:20
- वृषभ20:20 –22:22
- मिथुन22:22 –00:34, 7 अक्टू॰
- कर्क00:34 –02:44, 7 अक्टू॰
- सिंह02:44 –04:47, 7 अक्टू॰
- कन्या04:47 –06:49, 7 अक्टू॰
पंचांग · तिरुपति, 6 अक्टूबर 2031
सोमवार, 6 अक्टूबर 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 17:59 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 7 अक्टूबर 00:54 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 09:38 तक, फिर मृगशिरा; योग व्यतीपात 18:37 तक, फिर वरीयान्; करण गर 11:57 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:32–09:01, अभिजित मुहूर्त 11:37–12:24। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 6 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 7 अक्टूबर 00:54 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:02, तिरुपति)।
6 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 09:38 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 22:49 तक।
तिरुपति में 6 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:32–09:01, यमगण्ड 10:31–12:00, गुलिक काल 13:30–15:00।
तिरुपति में 6 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 17:59, चंद्रोदय 22:26 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
6 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:37–12:24, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3008° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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