पंचांग · मंगलवार, 1 जुलाई 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी13:54 तक
- शुक्ल द्वादशी11:12, 2 जुल॰ तक
- विशाखास्वामी गुरु00:23, 2 जुल॰ तक
- अनुराधास्वामी शनि22:14, 2 जुल॰ तक
- सिद्ध10:35 तक
- साध्य07:25, 2 जुल॰ तक
- विष्टि13:54 तक
- बव00:37, 2 जुल॰ तक
- बालव11:12, 2 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:49बिंब मध्य 05:52
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 15:13
- चंद्रास्त
- 02:05
- दिनमान
- 12h 55m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- तुला18:50 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:04
- प्रातः संध्या04:42 –05:49
- अभिजित मुहूर्त11:50 –12:42
- विजय मुहूर्त14:25 –15:17
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:54 –00:38, 2 जुल॰
- अमृत काल16:10 –17:39
- राहु काल15:30 –17:07
- यमगंड09:02 –10:39
- गुलिक काल12:16 –13:53
- दुर्मुहूर्त08:24 –09:15
- दुर्मुहूर्त23:10 –23:54
- वर्ज्य07:11 –08:41
- वर्ज्य04:02 –05:29, 2 जुल॰
- भद्रा05:49 –13:54
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:49 – 07:25
- उद्वेगअशुभ07:25 – 09:02
- चरसम09:02 – 10:39
- लाभलाभ10:39 – 12:16
- अमृतश्रेष्ठ12:16 – 13:53
- कालहानि13:53 – 15:30
- शुभशुभ15:30 – 17:07
- रोगअनिष्ट17:07 – 18:44
- कालहानि18:44 – 20:07
- लाभलाभ20:07 – 21:30
- उद्वेगअशुभ21:30 – 22:53
- शुभशुभ22:53 – 00:16
- अमृतश्रेष्ठ00:16 – 01:39
- चरसम01:39 – 03:03
- रोगअनिष्ट03:03 – 04:26
- कालहानि04:26 – 05:49
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:49–06:53 |
| सूर्य | 06:53–07:58 |
| शुक्र | 07:58–09:02 |
| बुध | 09:02–10:07 |
| चन्द्र | 10:07–11:12 |
| शनि | 11:12–12:16 |
| गुरु | 12:16–13:21 |
| मंगल | 13:21–14:25 |
| सूर्य | 14:25–15:30 |
| शुक्र | 15:30–16:35 |
| बुध | 16:35–17:39 |
| चन्द्र | 17:39–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:44–19:39 |
| गुरु | 19:39–20:35 |
| मंगल | 20:35–21:30 |
| सूर्य | 21:30–22:25 |
| शुक्र | 22:25–23:21 |
| बुध | 23:21–00:16 |
| चन्द्र | 00:16–01:12 |
| शनि | 01:12–02:07 |
| गुरु | 02:07–03:03 |
| मंगल | 03:03–03:58 |
| सूर्य | 03:58–04:53 |
| शुक्र | 04:53–05:49 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- विशाखा 1 पद07:37 तक
- विशाखा 2 पद13:15 तक
- विशाखा 3 पद18:50 तक
- विशाखा 4 पद00:23, 2 जुल॰ तक
- अनुराधा 1 पद05:54, 2 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 55m
- रात्रिमान
- 11h 5m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 18:50 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:54 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 13:54 तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:49 –06:59
- शुभ मुहूर्त06:59 –09:09
- रोग पंचक09:09 –11:12
- शुभ मुहूर्त11:12 –13:14
- मृत्यु पंचक13:14 –13:54
- अग्नि पंचक13:54 –15:21
- शुभ मुहूर्त15:21 –17:34
- राज पंचक17:34 –19:41
- शुभ मुहूर्त19:41 –21:33
- चोर पंचक21:33 –23:15
- शुभ मुहूर्त23:15 –00:23, 2 जुल॰
- रोग पंचक00:23 –00:54, 2 जुल॰
- चोर पंचक00:54 –02:42, 2 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:42 –04:44, 2 जुल॰
- रोग पंचक04:44 –05:49, 2 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:48 –06:59
- कर्क06:59 –09:09
- सिंह09:09 –11:12
- कन्या11:12 –13:14
- तुला13:14 –15:21
- वृश्चिक15:21 –17:34
- धनु17:34 –19:41
- मकर19:41 –21:33
- कुम्भ21:33 –23:15
- मीन23:15 –00:54, 2 जुल॰
- मेष00:54 –02:42, 2 जुल॰
- वृषभ02:42 –04:44, 2 जुल॰
- मिथुन04:44 –06:55, 2 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 1 जुलाई 2031
मंगलवार, 1 जुलाई 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 13:54 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र विशाखा 2 जुलाई 00:23 तक, फिर अनुराधा; योग सिद्ध 10:35 तक, फिर साध्य; करण विष्टि 13:54 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 15:30–17:07, अभिजित मुहूर्त 11:50–12:42। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 1 जुलाई 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 13:54 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:49, तिरुपति)।
1 जुलाई 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
विशाखा 2 जुलाई 00:23 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 18:50 तक।
तिरुपति में 1 जुलाई 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:30–17:07, यमगण्ड 09:02–10:39, गुलिक काल 12:16–13:53।
तिरुपति में 1 जुलाई 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 15:13 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 जुलाई 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:50–12:42, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 जुलाई 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
देवशयनी एकादशी।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2971° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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