पंचांग · बुधवार, 23 अप्रैल 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया00:27, 24 अप्रैल तक
- शुक्ल तृतीया02:13, 25 अप्रैल तक
- भरणीस्वामी शुक्र11:50 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य13:57, 24 अप्रैल तक
- आयुष्मान्20:19 तक
- सौभाग्य20:38, 24 अप्रैल तक
- बालव11:45 तक
- कौलव00:27, 24 अप्रैल तक
- तैतिल13:16, 24 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:58
- सूर्यास्त
- 18:27बिंब मध्य 18:23
- चंद्रोदय
- 06:53
- चंद्रास्त
- 19:56
- दिनमान
- 12h 32m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मेष18:19 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:09
- प्रातः संध्या04:46 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:36
- विजय मुहूर्त14:16 –15:06
- गोधूलि मुहूर्त18:27 –18:50
- सायाह्न संध्या18:27 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:48 –00:33, 24 अप्रैल
- अमृत काल06:42 –08:25
- राहु काल12:11 –13:45
- यमगंड07:29 –09:03
- गुलिक काल10:37 –12:11
- दुर्मुहूर्त11:46 –12:36
- वर्ज्य00:53 –02:38, 24 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ05:55 – 07:29
- अमृतश्रेष्ठ07:29 – 09:03
- कालहानि09:03 – 10:37
- शुभशुभ10:37 – 12:11
- रोगअनिष्ट12:11 – 13:45
- उद्वेगअशुभ13:45 – 15:19
- चरसम15:19 – 16:53
- लाभलाभ16:53 – 18:27
- उद्वेगअशुभ18:27 – 19:53
- शुभशुभ19:53 – 21:19
- अमृतश्रेष्ठ21:19 – 22:45
- चरसम22:45 – 00:11
- रोगअनिष्ट00:11 – 01:37
- कालहानि01:37 – 03:03
- लाभलाभ03:03 – 04:29
- उद्वेगअशुभ04:29 – 05:54
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:55–06:58 |
| चन्द्र | 06:58–08:00 |
| शनि | 08:00–09:03 |
| गुरु | 09:03–10:06 |
| मंगल | 10:06–11:08 |
| सूर्य | 11:08–12:11 |
| शुक्र | 12:11–13:13 |
| बुध | 13:13–14:16 |
| चन्द्र | 14:16–15:19 |
| शनि | 15:19–16:21 |
| गुरु | 16:21–17:24 |
| मंगल | 17:24–18:27 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:27–19:24 |
| शुक्र | 19:24–20:21 |
| बुध | 20:21–21:19 |
| चन्द्र | 21:19–22:16 |
| शनि | 22:16–23:13 |
| गुरु | 23:13–00:11 |
| मंगल | 00:11–01:08 |
| सूर्य | 01:08–02:05 |
| शुक्र | 02:05–03:03 |
| बुध | 03:03–04:00 |
| चन्द्र | 04:00–04:57 |
| शनि | 04:57–05:54 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 4 पद11:50 तक
- कृत्तिका 1 पद18:19 तक
- कृत्तिका 2 पद00:49, 24 अप्रैल तक
- कृत्तिका 3 पद07:22, 24 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 32m
- रात्रिमान
- 11h 27m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 18:19 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:27, 24 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 00:27, 24 अप्रैल तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:55 –07:17
- मृत्यु पंचक07:17 –09:19
- अग्नि पंचक09:19 –11:31
- शुभ मुहूर्त11:31 –11:50
- राज पंचक11:50 –13:40
- शुभ मुहूर्त13:40 –15:44
- चोर पंचक15:44 –17:46
- शुभ मुहूर्त17:46 –19:53
- रोग पंचक19:53 –22:05
- शुभ मुहूर्त22:05 –00:12, 24 अप्रैल
- मृत्यु पंचक00:12 –00:27, 24 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:27 –02:05, 24 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:05 –03:46, 24 अप्रैल
- राज पंचक03:46 –05:25, 24 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:25 –05:54, 24 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:29 –07:17
- वृषभ07:17 –09:19
- मिथुन09:19 –11:31
- कर्क11:31 –13:40
- सिंह13:40 –15:44
- कन्या15:44 –17:46
- तुला17:46 –19:53
- वृश्चिक19:53 –22:05
- धनु22:05 –00:12, 24 अप्रैल
- मकर00:12 –02:05, 24 अप्रैल
- कुम्भ02:05 –03:46, 24 अप्रैल
- मीन03:46 –05:25, 24 अप्रैल
- मेष05:25 –07:13, 24 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 23 अप्रैल 2031
बुधवार, 23 अप्रैल 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 18:27 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 24 अप्रैल 00:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 11:50 तक, फिर कृत्तिका; योग आयुष्मान् 20:19 तक, फिर सौभाग्य; करण बालव 11:45 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:11–13:45, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:36। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 23 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 24 अप्रैल 00:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:55, तिरुपति)।
23 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 11:50 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 18:19 तक।
तिरुपति में 23 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:11–13:45, यमगण्ड 07:29–09:03, गुलिक काल 10:37–12:11।
तिरुपति में 23 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:27, चंद्रोदय 06:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
23 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:09। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2944° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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