पंचांग · सोमवार, 21 अप्रैल 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- अमावस्या22:27 तक
- शुक्ल प्रतिपदा23:10, 22 अप्रैल तक
- रेवतीस्वामी बुध09:08 तक
- अश्विनीस्वामी केतु10:13, 22 अप्रैल तक
- विष्कुम्भ20:54 तक
- प्रीति20:24, 22 अप्रैल तक
- चतुष्पाद10:17 तक
- नाग22:27 तक
- किंस्तुघ्न10:44, 22 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:56बिंब मध्य 05:59
- सूर्यास्त
- 18:26बिंब मध्य 18:22
- चंद्रोदय
- 05:23
- चंद्रास्त
- 18:12
- दिनमान
- 12h 30m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मीन09:08 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:24 –05:10
- प्रातः संध्या04:47 –05:56
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:36
- विजय मुहूर्त14:16 –15:06
- गोधूलि मुहूर्त18:26 –18:49
- सायाह्न संध्या18:26 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:48 –00:34, 22 अप्रैल
- अमृत काल06:41 –08:19
- अमृत काल02:42 –04:22, 22 अप्रैल
- राहु काल07:30 –09:04
- यमगंड10:37 –12:11
- गुलिक काल13:45 –15:19
- दुर्मुहूर्त12:36 –13:26
- दुर्मुहूर्त15:06 –15:56
- गंड मूल05:56 –09:08
- गंड मूल09:08 –05:56, 22 अप्रैल
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:56 – 07:30
- कालहानि07:30 – 09:04
- शुभशुभ09:04 – 10:37
- रोगअनिष्ट10:37 – 12:11
- उद्वेगअशुभ12:11 – 13:45
- चरसम13:45 – 15:19
- लाभलाभ15:19 – 16:53
- अमृतश्रेष्ठ16:53 – 18:26
- चरसम18:26 – 19:52
- रोगअनिष्ट19:52 – 21:19
- कालहानि21:19 – 22:45
- लाभलाभ22:45 – 00:11
- उद्वेगअशुभ00:11 – 01:37
- शुभशुभ01:37 – 03:03
- अमृतश्रेष्ठ03:03 – 04:29
- चरसम04:29 – 05:56
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:56–06:59 |
| शनि | 06:59–08:01 |
| गुरु | 08:01–09:04 |
| मंगल | 09:04–10:06 |
| सूर्य | 10:06–11:09 |
| शुक्र | 11:09–12:11 |
| बुध | 12:11–13:14 |
| चन्द्र | 13:14–14:16 |
| शनि | 14:16–15:19 |
| गुरु | 15:19–16:21 |
| मंगल | 16:21–17:24 |
| सूर्य | 17:24–18:26 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:26–19:24 |
| बुध | 19:24–20:21 |
| चन्द्र | 20:21–21:19 |
| शनि | 21:19–22:16 |
| गुरु | 22:16–23:14 |
| मंगल | 23:14–00:11 |
| सूर्य | 00:11–01:08 |
| शुक्र | 01:08–02:06 |
| बुध | 02:06–03:03 |
| चन्द्र | 03:03–04:01 |
| शनि | 04:01–04:58 |
| गुरु | 04:58–05:56 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 4 पद09:08 तक
- अश्विनी 1 पद15:22 तक
- अश्विनी 2 पद21:37 तक
- अश्विनी 3 पद03:54, 22 अप्रैल तक
- अश्विनी 4 पद10:13, 22 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 30m
- रात्रिमान
- 11h 30m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 09:08 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 22:27 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 22:27 तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:56 –07:25
- शुभ मुहूर्त07:25 –09:08
- रोग पंचक09:08 –09:27
- शुभ मुहूर्त09:27 –11:38
- मृत्यु पंचक11:38 –13:48
- अग्नि पंचक13:48 –15:51
- शुभ मुहूर्त15:51 –17:54
- राज पंचक17:54 –20:01
- शुभ मुहूर्त20:01 –22:13
- चोर पंचक22:13 –22:27
- राज पंचक22:27 –00:20, 22 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:20 –02:13, 22 अप्रैल
- चोर पंचक02:13 –03:54, 22 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:54 –05:56, 22 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:37 –07:25
- वृषभ07:25 –09:27
- मिथुन09:27 –11:38
- कर्क11:38 –13:48
- सिंह13:48 –15:51
- कन्या15:51 –17:54
- तुला17:54 –20:01
- वृश्चिक20:01 –22:13
- धनु22:13 –00:20, 22 अप्रैल
- मकर00:20 –02:13, 22 अप्रैल
- कुम्भ02:13 –03:54, 22 अप्रैल
- मीन03:54 –05:33, 22 अप्रैल
- मेष05:33 –07:21, 22 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 21 अप्रैल 2031
सोमवार, 21 अप्रैल 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 18:26 पर है। तिथि अमावस्या 22:27 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र रेवती 09:08 तक, फिर अश्विनी; योग विष्कुम्भ 20:54 तक, फिर प्रीति; करण चतुष्पाद 10:17 तक, फिर नाग। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:30–09:04, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:36। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 21 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
अमावस्या 22:27 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 05:56, तिरुपति)।
21 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 09:08 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 09:08 तक।
तिरुपति में 21 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:30–09:04, यमगण्ड 10:37–12:11, गुलिक काल 13:45–15:19।
तिरुपति में 21 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:26, चंद्रोदय 05:23 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 04:24–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 अप्रैल 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अमावस्या।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2944° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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