पंचांग · सोमवार, 14 अप्रैल 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी07:32 तक
- कृष्ण अष्टमी05:26, 15 अप्रैल तक
- कृष्ण नवमी03:31, 16 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र12:38 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य11:19, 15 अप्रैल तक
- शिव12:51 तक
- सिद्ध10:04, 15 अप्रैल तक
- बव07:32 तक
- बालव18:27 तक
- कौलव05:26, 15 अप्रैल तक
- तैतिल16:27, 15 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:00बिंब मध्य 06:03
- सूर्यास्त
- 18:25बिंब मध्य 18:21
- चंद्रोदय
- 00:02
- चंद्रास्त
- 11:51
- दिनमान
- 12h 25m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- धनु18:17 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:14
- प्रातः संध्या04:51 –06:00
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:38
- विजय मुहूर्त14:17 –15:07
- गोधूलि मुहूर्त18:25 –18:49
- सायाह्न संध्या18:25 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:49 –00:36, 15 अप्रैल
- अमृत काल08:08 –09:38
- अमृत काल05:16 –06:47, 15 अप्रैल
- राहु काल07:33 –09:07
- यमगंड10:40 –12:13
- गुलिक काल13:46 –15:19
- दुर्मुहूर्त12:38 –13:27
- दुर्मुहूर्त15:07 –15:56
- वर्ज्य20:12 –21:43
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:00 – 07:33
- कालहानि07:33 – 09:07
- शुभशुभ09:07 – 10:40
- रोगअनिष्ट10:40 – 12:13
- उद्वेगअशुभ12:13 – 13:46
- चरसम13:46 – 15:19
- लाभलाभ15:19 – 16:52
- अमृतश्रेष्ठ16:52 – 18:25
- चरसम18:25 – 19:52
- रोगअनिष्ट19:52 – 21:19
- कालहानि21:19 – 22:46
- लाभलाभ22:46 – 00:12
- उद्वेगअशुभ00:12 – 01:39
- शुभशुभ01:39 – 03:06
- अमृतश्रेष्ठ03:06 – 04:33
- चरसम04:33 – 06:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:00–07:02 |
| शनि | 07:02–08:04 |
| गुरु | 08:04–09:07 |
| मंगल | 09:07–10:09 |
| सूर्य | 10:09–11:11 |
| शुक्र | 11:11–12:13 |
| बुध | 12:13–13:15 |
| चन्द्र | 13:15–14:17 |
| शनि | 14:17–15:19 |
| गुरु | 15:19–16:21 |
| मंगल | 16:21–17:23 |
| सूर्य | 17:23–18:25 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:25–19:23 |
| बुध | 19:23–20:21 |
| चन्द्र | 20:21–21:19 |
| शनि | 21:19–22:17 |
| गुरु | 22:17–23:15 |
| मंगल | 23:15–00:12 |
| सूर्य | 00:12–01:10 |
| शुक्र | 01:10–02:08 |
| बुध | 02:08–03:06 |
| चन्द्र | 03:06–04:04 |
| शनि | 04:04–05:02 |
| गुरु | 05:02–06:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद06:59 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद12:38 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद18:17 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद23:57 तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद05:38, 15 अप्रैल तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद11:19, 15 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 25m
- रात्रिमान
- 11h 35m
- मध्याह्न
- 12:13
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 18:17 तकदक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 07:32 तकपाताल · 05:26, 15 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 07:32 तकगौरी के साथ · 05:26, 15 अप्रैल तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:00 –06:05
- शुभ मुहूर्त06:05 –07:32
- मृत्यु पंचक07:32 –07:52
- अग्नि पंचक07:52 –09:54
- शुभ मुहूर्त09:54 –12:06
- राज पंचक12:06 –12:38
- शुभ मुहूर्त12:38 –14:16
- चोर पंचक14:16 –16:19
- शुभ मुहूर्त16:19 –18:21
- रोग पंचक18:21 –20:28
- शुभ मुहूर्त20:28 –22:40
- मृत्यु पंचक22:40 –00:47, 15 अप्रैल
- अग्नि पंचक00:47 –02:40, 15 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:40 –04:21, 15 अप्रैल
- राज पंचक04:21 –05:26, 15 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:26 –06:00, 15 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:25 –06:05
- मेष06:05 –07:52
- वृषभ07:52 –09:54
- मिथुन09:54 –12:06
- कर्क12:06 –14:16
- सिंह14:16 –16:19
- कन्या16:19 –18:21
- तुला18:21 –20:28
- वृश्चिक20:28 –22:40
- धनु22:40 –00:47, 15 अप्रैल
- मकर00:47 –02:40, 15 अप्रैल
- कुम्भ02:40 –04:21, 15 अप्रैल
- मीन04:21 –06:01, 15 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 14 अप्रैल 2031
सोमवार, 14 अप्रैल 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 06:00 और सूर्यास्त 18:25 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 07:32 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 12:38 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग शिव 12:51 तक, फिर सिद्ध; करण बव 07:32 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:33–09:07, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:38। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 14 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 07:32 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:00, तिरुपति)।
14 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 12:38 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 18:17 तक।
तिरुपति में 14 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:33–09:07, यमगण्ड 10:40–12:13, गुलिक काल 13:46–15:19।
तिरुपति में 14 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:25, चंद्रोदय 00:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:38, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2941° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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