पंचांग · बुधवार, 2 अप्रैल 2031तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी23:24 तक
- शुक्ल एकादशी00:36, 4 अप्रैल तक
- पुष्यस्वामी शनि19:47 तक
- अश्लेषास्वामी बुध21:39, 3 अप्रैल तक
- सुकर्मा16:43 तक
- धृति16:45, 3 अप्रैल तक
- तैतिल10:33 तक
- गर23:24 तक
- वणिज12:05, 3 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:08बिंब मध्य 06:11
- सूर्यास्त
- 18:24बिंब मध्य 18:20
- चंद्रोदय
- 13:53
- चंद्रास्त
- 01:59
- दिनमान
- 12h 16m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कर्क21:39, 3 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:21
- प्रातः संध्या04:58 –06:08
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:41
- विजय मुहूर्त14:19 –15:08
- गोधूलि मुहूर्त18:24 –18:48
- सायाह्न संध्या18:24 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:39, 3 अप्रैल
- अमृत काल12:44 –14:30
- राहु काल12:16 –13:48
- यमगंड07:40 –09:12
- गुलिक काल10:44 –12:16
- दुर्मुहूर्त11:52 –12:41
- गंड मूल19:47 –06:07, 3 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ06:08 – 07:40
- अमृतश्रेष्ठ07:40 – 09:12
- कालहानि09:12 – 10:44
- शुभशुभ10:44 – 12:16
- रोगअनिष्ट12:16 – 13:48
- उद्वेगअशुभ13:48 – 15:20
- चरसम15:20 – 16:52
- लाभलाभ16:52 – 18:24
- उद्वेगअशुभ18:24 – 19:52
- शुभशुभ19:52 – 21:20
- अमृतश्रेष्ठ21:20 – 22:48
- चरसम22:48 – 00:16
- रोगअनिष्ट00:16 – 01:44
- कालहानि01:44 – 03:12
- लाभलाभ03:12 – 04:39
- उद्वेगअशुभ04:39 – 06:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:08–07:09 |
| चन्द्र | 07:09–08:11 |
| शनि | 08:11–09:12 |
| गुरु | 09:12–10:13 |
| मंगल | 10:13–11:15 |
| सूर्य | 11:15–12:16 |
| शुक्र | 12:16–13:17 |
| बुध | 13:17–14:19 |
| चन्द्र | 14:19–15:20 |
| शनि | 15:20–16:22 |
| गुरु | 16:22–17:23 |
| मंगल | 17:23–18:24 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:24–19:23 |
| शुक्र | 19:23–20:21 |
| बुध | 20:21–21:20 |
| चन्द्र | 21:20–22:19 |
| शनि | 22:19–23:17 |
| गुरु | 23:17–00:16 |
| मंगल | 00:16–01:14 |
| सूर्य | 01:14–02:13 |
| शुक्र | 02:13–03:12 |
| बुध | 03:12–04:10 |
| चन्द्र | 04:10–05:09 |
| शनि | 05:09–06:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 2 पद06:38 तक
- पुष्य 3 पद13:14 तक
- पुष्य 4 पद19:47 तक
- अश्लेषा 1 पद02:19, 3 अप्रैल तक
- अश्लेषा 2 पद08:48, 3 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 16m
- रात्रिमान
- 11h 43m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 23:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 23:24 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:08 –08:39
- चोर पंचक08:39 –10:42
- शुभ मुहूर्त10:42 –12:53
- रोग पंचक12:53 –15:03
- शुभ मुहूर्त15:03 –17:06
- मृत्यु पंचक17:06 –19:08
- अग्नि पंचक19:08 –19:47
- शुभ मुहूर्त19:47 –21:15
- राज पंचक21:15 –23:24
- शुभ मुहूर्त23:24 –23:27
- चोर पंचक23:27 –01:34, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:34 –03:27, 3 अप्रैल
- रोग पंचक03:27 –05:09, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:09 –06:07, 3 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:13 –06:52
- मेष06:52 –08:39
- वृषभ08:39 –10:42
- मिथुन10:42 –12:53
- कर्क12:53 –15:03
- सिंह15:03 –17:06
- कन्या17:06 –19:08
- तुला19:08 –21:15
- वृश्चिक21:15 –23:27
- धनु23:27 –01:34, 3 अप्रैल
- मकर01:34 –03:27, 3 अप्रैल
- कुम्भ03:27 –05:09, 3 अप्रैल
- मीन05:09 –06:48, 3 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 2 अप्रैल 2031
बुधवार, 2 अप्रैल 2031 को तिरुपति में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 18:24 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 23:24 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र पुष्य 19:47 तक, फिर अश्लेषा; योग सुकर्मा 16:43 तक, फिर धृति; करण तैतिल 10:33 तक, फिर गर। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:16–13:48, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:41। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 2 अप्रैल 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 23:24 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:08, तिरुपति)।
2 अप्रैल 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 19:47 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 3 अप्रैल 21:39 तक।
तिरुपति में 2 अप्रैल 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:16–13:48, यमगण्ड 07:40–09:12, गुलिक काल 10:44–12:16।
तिरुपति में 2 अप्रैल 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:24, चंद्रोदय 13:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अप्रैल 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:41, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2936° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP