पंचांग · बुधवार, 16 अक्टूबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी02:17, 17 अक्टू॰ तक
- कृष्ण षष्ठी04:56, 18 अक्टू॰ तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र14:15 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल17:24, 17 अक्टू॰ तक
- वरीयान्05:08, 17 अक्टू॰ तक
- परिघ06:08, 18 अक्टू॰ तक
- कौलव12:57 तक
- तैतिल02:17, 17 अक्टू॰ तक
- गर15:38, 17 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03बिंब मध्य 06:06
- सूर्यास्त
- 17:53बिंब मध्य 17:49
- चंद्रोदय
- 21:31
- चंद्रास्त
- 09:52
- दिनमान
- 11h 50m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृषभ03:50, 17 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:03
- अभिजित मुहूर्त11:34 –12:21
- विजय मुहूर्त13:56 –14:43
- गोधूलि मुहूर्त17:53 –18:17
- सायाह्न संध्या17:53 –19:06
- निशीथ मुहूर्त23:34 –00:22, 17 अक्टू॰
- अमृत काल10:38 –12:26
- राहु काल11:58 –13:26
- यमगंड07:32 –09:00
- गुलिक काल10:29 –11:58
- दुर्मुहूर्त11:34 –12:21
- वर्ज्य05:13 –07:01
- वर्ज्य20:35 –22:24
चौघड़िया
- लाभलाभ06:03 – 07:32
- अमृतश्रेष्ठ07:32 – 09:00
- कालहानि09:00 – 10:29
- शुभशुभ10:29 – 11:58
- रोगअनिष्ट11:58 – 13:26
- उद्वेगअशुभ13:26 – 14:55
- चरसम14:55 – 16:24
- लाभलाभ16:24 – 17:53
- उद्वेगअशुभ17:53 – 19:24
- शुभशुभ19:24 – 20:55
- अमृतश्रेष्ठ20:55 – 22:27
- चरसम22:27 – 23:58
- रोगअनिष्ट23:58 – 01:29
- कालहानि01:29 – 03:01
- लाभलाभ03:01 – 04:32
- उद्वेगअशुभ04:32 – 06:03
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:03–07:02 |
| चन्द्र | 07:02–08:01 |
| शनि | 08:01–09:00 |
| गुरु | 09:00–10:00 |
| मंगल | 10:00–10:59 |
| सूर्य | 10:59–11:58 |
| शुक्र | 11:58–12:57 |
| बुध | 12:57–13:56 |
| चन्द्र | 13:56–14:55 |
| शनि | 14:55–15:54 |
| गुरु | 15:54–16:53 |
| मंगल | 16:53–17:53 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:53–18:53 |
| शुक्र | 18:53–19:54 |
| बुध | 19:54–20:55 |
| चन्द्र | 20:55–21:56 |
| शनि | 21:56–22:57 |
| गुरु | 22:57–23:58 |
| मंगल | 23:58–00:59 |
| सूर्य | 00:59–02:00 |
| शुक्र | 02:00–03:01 |
| बुध | 03:01–04:01 |
| चन्द्र | 04:01–05:02 |
| शनि | 05:02–06:03 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 3 पद07:28 तक
- रोहिणी 4 पद14:15 तक
- मृगशिरा 1 पद21:02 तक
- मृगशिरा 2 पद03:50, 17 अक्टू॰ तक
- मृगशिरा 3 पद10:37, 17 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 50m
- रात्रिमान
- 12h 10m
- मध्याह्न
- 11:58
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 03:50, 17 अक्टू॰ तकपश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 02:17, 17 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- नंदी पर · 02:17, 17 अक्टू॰ तकभोजन में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:03 –06:13
- रोग पंचक06:13 –08:20
- शुभ मुहूर्त08:20 –10:32
- मृत्यु पंचक10:32 –12:39
- अग्नि पंचक12:39 –14:15
- शुभ मुहूर्त14:15 –14:32
- राज पंचक14:32 –16:13
- शुभ मुहूर्त16:13 –19:40
- राज पंचक19:40 –21:42
- शुभ मुहूर्त21:42 –23:54
- चोर पंचक23:54 –02:03, 17 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:03 –02:17, 17 अक्टू॰
- रोग पंचक02:17 –04:07, 17 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:07 –06:03, 17 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:11 –06:13
- तुला06:13 –08:20
- वृश्चिक08:20 –10:32
- धनु10:32 –12:39
- मकर12:39 –14:32
- कुम्भ14:32 –16:13
- मीन16:13 –17:52
- मेष17:52 –19:40
- वृषभ19:40 –21:42
- मिथुन21:42 –23:54
- कर्क23:54 –02:03, 17 अक्टू॰
- सिंह02:03 –04:07, 17 अक्टू॰
- कन्या04:07 –06:09, 17 अक्टू॰
पंचांग · तिरुपति, 16 अक्टूबर 2030
बुधवार, 16 अक्टूबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 17:53 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 17 अक्टूबर 02:17 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र रोहिणी 14:15 तक, फिर मृगशिरा; योग वरीयान् 17 अक्टूबर 05:08 तक, फिर परिघ; करण कौलव 12:57 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 11:58–13:26, अभिजित मुहूर्त 11:34–12:21। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 16 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 17 अक्टूबर 02:17 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:03, तिरुपति)।
16 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 14:15 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 17 अक्टूबर 03:50 तक।
तिरुपति में 16 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:58–13:26, यमगण्ड 07:32–09:00, गुलिक काल 10:29–11:58।
तिरुपति में 16 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:53, चंद्रोदय 21:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
16 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:34–12:21, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2872° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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