पंचांग · शनिवार, 12 अक्टूबर 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण प्रतिपदा17:24 तक
- कृष्ण द्वितीया19:02, 13 अक्टू॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु05:56, 13 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र08:21, 14 अक्टू॰ तक
- हर्षण02:08, 13 अक्टू॰ तक
- वज्र02:28, 14 अक्टू॰ तक
- कौलव17:24 तक
- तैतिल06:09, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03बिंब मध्य 06:06
- सूर्यास्त
- 17:55बिंब मध्य 17:51
- चंद्रोदय
- 18:27
- चंद्रास्त
- 06:32
- दिनमान
- 11h 52m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मेष15:01, 14 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
- प्रातः संध्या04:50 –06:03
- अभिजित मुहूर्त11:35 –12:22
- विजय मुहूर्त13:57 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:55 –18:19
- सायाह्न संध्या17:55 –19:08
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:23, 13 अक्टू॰
- अमृत काल22:09 –23:53
- राहु काल09:01 –10:30
- यमगंड13:28 –14:57
- गुलिक काल06:03 –07:32
- दुर्मुहूर्त06:03 –06:50
- दुर्मुहूर्त06:50 –07:38
- वर्ज्य01:37 –03:21, 13 अक्टू॰
- गंड मूल06:03 –05:56, 13 अक्टू॰
चौघड़िया
- कालहानि06:03 – 07:32
- शुभशुभ07:32 – 09:01
- रोगअनिष्ट09:01 – 10:30
- उद्वेगअशुभ10:30 – 11:59
- चरसम11:59 – 13:28
- लाभलाभ13:28 – 14:57
- अमृतश्रेष्ठ14:57 – 16:26
- कालहानि16:26 – 17:55
- लाभलाभ17:55 – 19:26
- उद्वेगअशुभ19:26 – 20:57
- शुभशुभ20:57 – 22:28
- अमृतश्रेष्ठ22:28 – 23:59
- चरसम23:59 – 01:30
- रोगअनिष्ट01:30 – 03:01
- कालहानि03:01 – 04:32
- लाभलाभ04:32 – 06:03
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:03–07:02 |
| गुरु | 07:02–08:01 |
| मंगल | 08:01–09:01 |
| सूर्य | 09:01–10:00 |
| शुक्र | 10:00–10:59 |
| बुध | 10:59–11:59 |
| चन्द्र | 11:59–12:58 |
| शनि | 12:58–13:57 |
| गुरु | 13:57–14:57 |
| मंगल | 14:57–15:56 |
| सूर्य | 15:56–16:56 |
| शुक्र | 16:56–17:55 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 17:55–18:56 |
| चन्द्र | 18:56–19:56 |
| शनि | 19:56–20:57 |
| गुरु | 20:57–21:58 |
| मंगल | 21:58–22:58 |
| सूर्य | 22:58–23:59 |
| शुक्र | 23:59–00:59 |
| बुध | 00:59–02:00 |
| चन्द्र | 02:00–03:01 |
| शनि | 03:01–04:01 |
| गुरु | 04:01–05:02 |
| मंगल | 05:02–06:03 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्विनी 1 पद10:26 तक
- अश्विनी 2 पद16:55 तक
- अश्विनी 3 पद23:24 तक
- अश्विनी 4 पद05:56, 13 अक्टू॰ तक
- भरणी 1 पद12:30, 13 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 52m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 11:59
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:24 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 17:24 तकसभा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:03 –06:28
- राज पंचक06:28 –08:36
- शुभ मुहूर्त08:36 –10:48
- चोर पंचक10:48 –12:55
- शुभ मुहूर्त12:55 –14:47
- रोग पंचक14:47 –16:29
- शुभ मुहूर्त16:29 –17:24
- मृत्यु पंचक17:24 –18:08
- रोग पंचक18:08 –19:56
- शुभ मुहूर्त19:56 –21:58
- मृत्यु पंचक21:58 –00:09, 13 अक्टू॰
- अग्नि पंचक00:09 –02:19, 13 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:19 –04:22, 13 अक्टू॰
- राज पंचक04:22 –05:56, 13 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:56 –06:03, 13 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:26 –06:28
- तुला06:28 –08:36
- वृश्चिक08:36 –10:48
- धनु10:48 –12:55
- मकर12:55 –14:47
- कुम्भ14:47 –16:29
- मीन16:29 –18:08
- मेष18:08 –19:56
- वृषभ19:56 –21:58
- मिथुन21:58 –00:09, 13 अक्टू॰
- कर्क00:09 –02:19, 13 अक्टू॰
- सिंह02:19 –04:22, 13 अक्टू॰
- कन्या04:22 –06:24, 13 अक्टू॰
पंचांग · तिरुपति, 12 अक्टूबर 2030
शनिवार, 12 अक्टूबर 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 17:55 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 17:24 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र अश्विनी 13 अक्टूबर 05:56 तक, फिर भरणी; योग हर्षण 13 अक्टूबर 02:08 तक, फिर वज्र; करण कौलव 17:24 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:01–10:30, अभिजित मुहूर्त 11:35–12:22। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 12 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण प्रतिपदा 17:24 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 06:03, तिरुपति)।
12 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्विनी 13 अक्टूबर 05:56 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 14 अक्टूबर 15:01 तक।
तिरुपति में 12 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:01–10:30, यमगण्ड 13:28–14:57, गुलिक काल 06:03–07:32।
तिरुपति में 12 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:55, चंद्रोदय 18:27 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
12 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:35–12:22, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2871° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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