पंचांग · सोमवार, 22 जुलाई 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी02:37, 23 जुल॰ तक
- कृष्ण नवमी04:56, 24 जुल॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु05:39, 23 जुल॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र08:35, 24 जुल॰ तक
- धृति00:48, 23 जुल॰ तक
- शूल01:40, 24 जुल॰ तक
- बालव13:37 तक
- कौलव02:37, 23 जुल॰ तक
- तैतिल15:44, 23 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:55बिंब मध्य 05:58
- सूर्यास्त
- 18:43बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 23:59
- चंद्रास्त
- 12:07
- दिनमान
- 12h 48m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- मेष15:21, 24 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:10
- प्रातः संध्या04:47 –05:55
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:44
- विजय मुहूर्त14:27 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:05
- सायाह्न संध्या18:43 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:41, 23 जुल॰
- अमृत काल21:41 –23:27
- राहु काल07:31 –09:07
- यमगंड10:43 –12:19
- गुलिक काल13:55 –15:31
- दुर्मुहूर्त12:44 –13:36
- दुर्मुहूर्त15:18 –16:09
- वर्ज्य01:14 –03:00, 23 जुल॰
- गंड मूल05:55 –05:39, 23 जुल॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:55 – 07:31
- कालहानि07:31 – 09:07
- शुभशुभ09:07 – 10:43
- रोगअनिष्ट10:43 – 12:19
- उद्वेगअशुभ12:19 – 13:55
- चरसम13:55 – 15:31
- लाभलाभ15:31 – 17:07
- अमृतश्रेष्ठ17:07 – 18:43
- चरसम18:43 – 20:07
- रोगअनिष्ट20:07 – 21:31
- कालहानि21:31 – 22:55
- लाभलाभ22:55 – 00:19
- उद्वेगअशुभ00:19 – 01:43
- शुभशुभ01:43 – 03:07
- अमृतश्रेष्ठ03:07 – 04:31
- चरसम04:31 – 05:55
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:55–06:59 |
| शनि | 06:59–08:03 |
| गुरु | 08:03–09:07 |
| मंगल | 09:07–10:11 |
| सूर्य | 10:11–11:15 |
| शुक्र | 11:15–12:19 |
| बुध | 12:19–13:23 |
| चन्द्र | 13:23–14:27 |
| शनि | 14:27–15:31 |
| गुरु | 15:31–16:35 |
| मंगल | 16:35–17:39 |
| सूर्य | 17:39–18:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:43–19:39 |
| बुध | 19:39–20:35 |
| चन्द्र | 20:35–21:31 |
| शनि | 21:31–22:27 |
| गुरु | 22:27–23:23 |
| मंगल | 23:23–00:19 |
| सूर्य | 00:19–01:15 |
| शुक्र | 01:15–02:11 |
| बुध | 02:11–03:07 |
| चन्द्र | 03:07–04:03 |
| शनि | 04:03–04:59 |
| गुरु | 04:59–05:55 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्विनी 1 पद09:42 तक
- अश्विनी 2 पद16:19 तक
- अश्विनी 3 पद22:58 तक
- अश्विनी 4 पद05:39, 23 जुल॰ तक
- भरणी 1 पद12:21, 23 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुष्य 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 48m
- रात्रिमान
- 11h 12m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 02:37, 23 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 02:37, 23 जुल॰ तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:55 –07:45
- राज पंचक07:45 –09:49
- शुभ मुहूर्त09:49 –11:51
- चोर पंचक11:51 –13:58
- शुभ मुहूर्त13:58 –16:10
- रोग पंचक16:10 –18:17
- शुभ मुहूर्त18:17 –20:10
- मृत्यु पंचक20:10 –21:51
- अग्नि पंचक21:51 –23:30
- शुभ मुहूर्त23:30 –01:18, 23 जुल॰
- मृत्यु पंचक01:18 –02:37, 23 जुल॰
- अग्नि पंचक02:37 –03:20, 23 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:20 –05:32, 23 जुल॰
- राज पंचक05:32 –05:39, 23 जुल॰
- शुभ मुहूर्त05:39 –05:55, 23 जुल॰
उदय लग्न
- कर्क05:36 –07:45
- सिंह07:45 –09:49
- कन्या09:49 –11:51
- तुला11:51 –13:58
- वृश्चिक13:58 –16:10
- धनु16:10 –18:17
- मकर18:17 –20:10
- कुम्भ20:10 –21:51
- मीन21:51 –23:30
- मेष23:30 –01:18, 23 जुल॰
- वृषभ01:18 –03:20, 23 जुल॰
- मिथुन03:20 –05:32, 23 जुल॰
- कर्क05:32 –07:41, 23 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 22 जुलाई 2030
सोमवार, 22 जुलाई 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:55 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 23 जुलाई 02:37 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र अश्विनी 23 जुलाई 05:39 तक, फिर भरणी; योग धृति 23 जुलाई 00:48 तक, फिर शूल; करण बालव 13:37 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 07:31–09:07, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 22 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 23 जुलाई 02:37 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 05:55, तिरुपति)।
22 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्विनी 23 जुलाई 05:39 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 24 जुलाई 15:21 तक।
तिरुपति में 22 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:31–09:07, यमगण्ड 10:43–12:19, गुलिक काल 13:55–15:31।
तिरुपति में 22 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 23:59 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
22 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2839° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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