पंचांग · रविवार, 21 जुलाई 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी00:46, 22 जुल॰ तक
- कृष्ण अष्टमी02:37, 23 जुल॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध03:08, 22 जुल॰ तक
- अश्विनीस्वामी केतु05:39, 23 जुल॰ तक
- सुकर्मा00:18, 22 जुल॰ तक
- धृति00:48, 23 जुल॰ तक
- विष्टि12:04 तक
- बव00:46, 22 जुल॰ तक
- बालव13:37, 22 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:54बिंब मध्य 05:57
- सूर्यास्त
- 18:43बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 23:18
- चंद्रास्त
- 11:18
- दिनमान
- 12h 49m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मीन03:08, 22 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:10
- प्रातः संध्या04:47 –05:54
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:44
- विजय मुहूर्त14:27 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:06
- सायाह्न संध्या18:43 –19:50
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:41, 22 जुल॰
- अमृत काल00:32 –02:16, 22 जुल॰
- राहु काल17:07 –18:43
- यमगंड12:19 –13:55
- गुलिक काल15:31 –17:07
- दुर्मुहूर्त17:01 –17:52
- वर्ज्य14:11 –15:54
- गंड मूल05:54 –03:08, 22 जुल॰
- गंड मूल03:08 –05:55, 22 जुल॰
- भद्रा05:54 –12:04
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ05:54 – 07:30
- चरसम07:30 – 09:06
- लाभलाभ09:06 – 10:43
- अमृतश्रेष्ठ10:43 – 12:19
- कालहानि12:19 – 13:55
- शुभशुभ13:55 – 15:31
- रोगअनिष्ट15:31 – 17:07
- उद्वेगअशुभ17:07 – 18:43
- शुभशुभ18:43 – 20:07
- अमृतश्रेष्ठ20:07 – 21:31
- चरसम21:31 – 22:55
- रोगअनिष्ट22:55 – 00:19
- कालहानि00:19 – 01:43
- लाभलाभ01:43 – 03:07
- उद्वेगअशुभ03:07 – 04:31
- शुभशुभ04:31 – 05:55
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 05:54–06:58 |
| शुक्र | 06:58–08:02 |
| बुध | 08:02–09:06 |
| चन्द्र | 09:06–10:11 |
| शनि | 10:11–11:15 |
| गुरु | 11:15–12:19 |
| मंगल | 12:19–13:23 |
| सूर्य | 13:23–14:27 |
| शुक्र | 14:27–15:31 |
| बुध | 15:31–16:35 |
| चन्द्र | 16:35–17:39 |
| शनि | 17:39–18:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:43–19:39 |
| मंगल | 19:39–20:35 |
| सूर्य | 20:35–21:31 |
| शुक्र | 21:31–22:27 |
| बुध | 22:27–23:23 |
| चन्द्र | 23:23–00:19 |
| शनि | 00:19–01:15 |
| गुरु | 01:15–02:11 |
| मंगल | 02:11–03:07 |
| सूर्य | 03:07–04:03 |
| शुक्र | 04:03–04:59 |
| बुध | 04:59–05:55 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 1 पद07:38 तक
- रेवती 2 पद14:06 तक
- रेवती 3 पद20:35 तक
- रेवती 4 पद03:08, 22 जुल॰ तक
- अश्विनी 1 पद09:42, 22 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुष्य 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 49m
- रात्रिमान
- 11h 12m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- उत्तर · 03:08, 22 जुल॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:46, 22 जुल॰ तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 00:46, 22 जुल॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:54 –07:49
- मृत्यु पंचक07:49 –09:53
- अग्नि पंचक09:53 –11:55
- शुभ मुहूर्त11:55 –14:02
- राज पंचक14:02 –16:14
- शुभ मुहूर्त16:14 –18:21
- चोर पंचक18:21 –20:14
- शुभ मुहूर्त20:14 –21:55
- रोग पंचक21:55 –23:34
- चोर पंचक23:34 –00:46, 22 जुल॰
- शुभ मुहूर्त00:46 –01:22, 22 जुल॰
- रोग पंचक01:22 –03:08, 22 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:08 –03:24, 22 जुल॰
- मृत्यु पंचक03:24 –05:36, 22 जुल॰
- अग्नि पंचक05:36 –05:55, 22 जुल॰
उदय लग्न
- कर्क05:40 –07:49
- सिंह07:49 –09:53
- कन्या09:53 –11:55
- तुला11:55 –14:02
- वृश्चिक14:02 –16:14
- धनु16:14 –18:21
- मकर18:21 –20:14
- कुम्भ20:14 –21:55
- मीन21:55 –23:34
- मेष23:34 –01:22, 22 जुल॰
- वृषभ01:22 –03:24, 22 जुल॰
- मिथुन03:24 –05:36, 22 जुल॰
- कर्क05:36 –07:45, 22 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 21 जुलाई 2030
रविवार, 21 जुलाई 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 22 जुलाई 00:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र रेवती 22 जुलाई 03:08 तक, फिर अश्विनी; योग सुकर्मा 22 जुलाई 00:18 तक, फिर धृति; करण विष्टि 12:04 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 17:07–18:43, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 21 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 22 जुलाई 00:46 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:54, तिरुपति)।
21 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 22 जुलाई 03:08 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 22 जुलाई 03:08 तक।
तिरुपति में 21 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:07–18:43, यमगण्ड 12:19–13:55, गुलिक काल 15:31–17:07।
तिरुपति में 21 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 23:18 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2839° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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