पंचांग · सोमवार, 17 जून 2030तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया17:27 तक
- कृष्ण तृतीया14:42, 18 जून तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र18:25 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य16:30, 18 जून तक
- ब्रह्मा01:26, 18 जून तक
- इन्द्र22:18, 18 जून तक
- तैतिल07:01 तक
- गर17:27 तक
- वणिज04:00, 18 जून तक
- विष्टि14:42, 18 जून तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:45बिंब मध्य 05:49
- सूर्यास्त
- 18:41बिंब मध्य 18:37
- चंद्रोदय
- 20:21
- चंद्रास्त
- 07:09
- दिनमान
- 12h 56m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- धनु23:53 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- ज्येष्ठ
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:17 –05:01
- प्रातः संध्या04:39 –05:45
- अभिजित मुहूर्त11:47 –12:39
- विजय मुहूर्त14:23 –15:14
- गोधूलि मुहूर्त18:41 –19:03
- सायाह्न संध्या18:41 –19:48
- निशीथ मुहूर्त23:51 –00:35, 18 जून
- अमृत काल14:06 –15:32
- राहु काल07:22 –08:59
- यमगंड10:36 –12:13
- गुलिक काल13:50 –15:27
- दुर्मुहूर्त12:39 –13:31
- दुर्मुहूर्त15:14 –16:06
- वर्ज्य05:27 –06:53
- वर्ज्य01:47 –03:15, 18 जून
- भद्रा04:00 –05:46, 18 जून
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:45 – 07:22
- कालहानि07:22 – 08:59
- शुभशुभ08:59 – 10:36
- रोगअनिष्ट10:36 – 12:13
- उद्वेगअशुभ12:13 – 13:50
- चरसम13:50 – 15:27
- लाभलाभ15:27 – 17:04
- अमृतश्रेष्ठ17:04 – 18:41
- चरसम18:41 – 20:04
- रोगअनिष्ट20:04 – 21:27
- कालहानि21:27 – 22:50
- लाभलाभ22:50 – 00:13
- उद्वेगअशुभ00:13 – 01:36
- शुभशुभ01:36 – 02:59
- अमृतश्रेष्ठ02:59 – 04:23
- चरसम04:23 – 05:46
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:45–06:50 |
| शनि | 06:50–07:55 |
| गुरु | 07:55–08:59 |
| मंगल | 08:59–10:04 |
| सूर्य | 10:04–11:09 |
| शुक्र | 11:09–12:13 |
| बुध | 12:13–13:18 |
| चन्द्र | 13:18–14:23 |
| शनि | 14:23–15:27 |
| गुरु | 15:27–16:32 |
| मंगल | 16:32–17:36 |
| सूर्य | 17:36–18:41 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:41–19:37 |
| बुध | 19:37–20:32 |
| चन्द्र | 20:32–21:27 |
| शनि | 21:27–22:23 |
| गुरु | 22:23–23:18 |
| मंगल | 23:18–00:13 |
| सूर्य | 00:13–01:09 |
| शुक्र | 01:09–02:04 |
| बुध | 02:04–02:59 |
| चन्द्र | 02:59–03:55 |
| शनि | 03:55–04:50 |
| गुरु | 04:50–05:46 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद07:34 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद12:59 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद18:25 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद23:53 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद05:24, 18 जून तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद10:56, 18 जून तक
- सूर्य नक्षत्र
- मृगशिरा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 56m
- रात्रिमान
- 11h 5m
- मध्याह्न
- 12:13
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व · 23:53 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:27 तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 17:27 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:45 –07:53
- शुभ मुहूर्त07:53 –10:03
- रोग पंचक10:03 –12:06
- शुभ मुहूर्त12:06 –14:08
- मृत्यु पंचक14:08 –16:16
- अग्नि पंचक16:16 –17:27
- शुभ मुहूर्त17:27 –18:25
- राज पंचक18:25 –18:28
- शुभ मुहूर्त18:28 –20:35
- चोर पंचक20:35 –22:27
- शुभ मुहूर्त22:27 –00:09, 18 जून
- रोग पंचक00:09 –01:48, 18 जून
- चोर पंचक01:48 –03:36, 18 जून
- शुभ मुहूर्त03:36 –05:38, 18 जून
- रोग पंचक05:38 –05:46, 18 जून
उदय लग्न
- मिथुन05:42 –07:53
- कर्क07:53 –10:03
- सिंह10:03 –12:06
- कन्या12:06 –14:08
- तुला14:08 –16:16
- वृश्चिक16:16 –18:28
- धनु18:28 –20:35
- मकर20:35 –22:27
- कुम्भ22:27 –00:09, 18 जून
- मीन00:09 –01:48, 18 जून
- मेष01:48 –03:36, 18 जून
- वृषभ03:36 –05:38, 18 जून
- मिथुन05:38 –07:49, 18 जून
पंचांग · तिरुपति, 17 जून 2030
सोमवार, 17 जून 2030 को तिरुपति में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:41 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 17:27 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 18:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग ब्रह्मा 18 जून 01:26 तक, फिर इन्द्र; करण तैतिल 07:01 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 07:22–08:59, अभिजित मुहूर्त 11:47–12:39। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 17 जून 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 17:27 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:45, तिरुपति)।
17 जून 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 18:25 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 23:53 तक।
तिरुपति में 17 जून 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:22–08:59, यमगण्ड 10:36–12:13, गुलिक काल 13:50–15:27।
तिरुपति में 17 जून 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:41, चंद्रोदय 20:21 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 जून 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:47–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:17–05:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जून 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2826° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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