पंचांग · बुधवार, 4 अप्रैल 2029तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी14:05 तक
- कृष्ण सप्तमी13:24, 5 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध09:30 तक
- मूलस्वामी केतु09:21, 5 अप्रैल तक
- वरीयान्01:24, 5 अप्रैल तक
- परिघ00:03, 6 अप्रैल तक
- वणिज14:05 तक
- विष्टि01:38, 5 अप्रैल तक
- बव13:24, 5 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:06बिंब मध्य 06:09
- सूर्यास्त
- 18:24बिंब मध्य 18:20
- चंद्रोदय
- 23:54
- चंद्रास्त
- 10:32
- दिनमान
- 12h 18m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक09:30 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र (अधिक मास)
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:20
- प्रातः संध्या04:56 –06:06
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:40
- विजय मुहूर्त14:18 –15:08
- गोधूलि मुहूर्त18:24 –18:48
- सायाह्न संध्या18:24 –19:35
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:38, 5 अप्रैल
- अमृत काल02:59 –04:35, 5 अप्रैल
- राहु काल12:15 –13:48
- यमगंड07:39 –09:11
- गुलिक काल10:43 –12:15
- दुर्मुहूर्त11:51 –12:40
- गंड मूल06:06 –09:30
- गंड मूल09:30 –06:06, 5 अप्रैल
- भद्रा14:05 –01:38, 5 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ06:06 – 07:39
- अमृतश्रेष्ठ07:39 – 09:11
- कालहानि09:11 – 10:43
- शुभशुभ10:43 – 12:15
- रोगअनिष्ट12:15 – 13:48
- उद्वेगअशुभ13:48 – 15:20
- चरसम15:20 – 16:52
- लाभलाभ16:52 – 18:24
- उद्वेगअशुभ18:24 – 19:52
- शुभशुभ19:52 – 21:20
- अमृतश्रेष्ठ21:20 – 22:47
- चरसम22:47 – 00:15
- रोगअनिष्ट00:15 – 01:43
- कालहानि01:43 – 03:10
- लाभलाभ03:10 – 04:38
- उद्वेगअशुभ04:38 – 06:06
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:06–07:08 |
| चन्द्र | 07:08–08:09 |
| शनि | 08:09–09:11 |
| गुरु | 09:11–10:12 |
| मंगल | 10:12–11:14 |
| सूर्य | 11:14–12:15 |
| शुक्र | 12:15–13:17 |
| बुध | 13:17–14:18 |
| चन्द्र | 14:18–15:20 |
| शनि | 15:20–16:21 |
| गुरु | 16:21–17:23 |
| मंगल | 17:23–18:24 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:24–19:23 |
| शुक्र | 19:23–20:21 |
| बुध | 20:21–21:20 |
| चन्द्र | 21:20–22:18 |
| शनि | 22:18–23:17 |
| गुरु | 23:17–00:15 |
| मंगल | 00:15–01:13 |
| सूर्य | 01:13–02:12 |
| शुक्र | 02:12–03:10 |
| बुध | 03:10–04:09 |
| चन्द्र | 04:09–05:07 |
| शनि | 05:07–06:06 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 4 पद09:30 तक
- मूल 1 पद15:23 तक
- मूल 2 पद21:19 तक
- मूल 3 पद03:19, 5 अप्रैल तक
- मूल 4 पद09:21, 5 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 18m
- रात्रिमान
- 11h 42m
- मध्याह्न
- 12:15
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 09:30 तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 14:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 14:05 तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक06:06 –06:42
- रोग पंचक06:42 –08:30
- शुभ मुहूर्त08:30 –09:30
- मृत्यु पंचक09:30 –10:32
- अग्नि पंचक10:32 –12:43
- शुभ मुहूर्त12:43 –14:05
- राज पंचक14:05 –14:53
- शुभ मुहूर्त14:53 –16:56
- चोर पंचक16:56 –18:58
- शुभ मुहूर्त18:58 –21:05
- रोग पंचक21:05 –23:18
- शुभ मुहूर्त23:18 –01:24, 5 अप्रैल
- मृत्यु पंचक01:24 –03:17, 5 अप्रैल
- अग्नि पंचक03:17 –04:59, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:59 –06:06, 5 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:03 –06:42
- मेष06:42 –08:30
- वृषभ08:30 –10:32
- मिथुन10:32 –12:43
- कर्क12:43 –14:53
- सिंह14:53 –16:56
- कन्या16:56 –18:58
- तुला18:58 –21:05
- वृश्चिक21:05 –23:18
- धनु23:18 –01:24, 5 अप्रैल
- मकर01:24 –03:17, 5 अप्रैल
- कुम्भ03:17 –04:59, 5 अप्रैल
- मीन04:59 –06:38, 5 अप्रैल
पंचांग · तिरुपति, 4 अप्रैल 2029
बुधवार, 4 अप्रैल 2029 को तिरुपति में सूर्योदय 06:06 और सूर्यास्त 18:24 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 14:05 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 09:30 तक, फिर मूल; योग वरीयान् 5 अप्रैल 01:24 तक, फिर परिघ; करण वणिज 14:05 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:15–13:48, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 4 अप्रैल 2029 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 14:05 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:06, तिरुपति)।
4 अप्रैल 2029 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 09:30 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 09:30 तक।
तिरुपति में 4 अप्रैल 2029 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:15–13:48, यमगण्ड 07:39–09:11, गुलिक काल 10:43–12:15।
तिरुपति में 4 अप्रैल 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:24, चंद्रोदय 23:54 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अप्रैल 2029 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:20। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2029आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2029मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2658° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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