पंचांग · गुरुवार, 4 जुलाई 2030सूरत
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया06:52 तक
- शुक्ल चतुर्थी07:12, 5 जुल॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध18:25 तक
- मघास्वामी केतु19:13, 5 जुल॰ तक
- वज्र21:20 तक
- सिद्धि20:23, 5 जुल॰ तक
- गर06:52 तक
- वणिज19:05 तक
- विष्टि07:12, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:02बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 19:25बिंब मध्य 19:20
- चंद्रोदय
- 08:54
- चंद्रास्त
- 21:46
- दिनमान
- 13h 23m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- कर्क18:25 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:19
- प्रातः संध्या04:58 –06:02
- अभिजित मुहूर्त12:16 –13:10
- विजय मुहूर्त14:57 –15:50
- गोधूलि मुहूर्त19:25 –19:46
- सायाह्न संध्या19:25 –20:28
- निशीथ मुहूर्त00:22 –01:04, 5 जुल॰
- अमृत काल16:44 –18:25
- राहु काल14:23 –16:04
- यमगंड06:02 –07:42
- गुलिक काल09:22 –11:03
- दुर्मुहूर्त10:29 –11:23
- दुर्मुहूर्त15:50 –16:44
- वर्ज्य06:37 –08:18
- गंड मूल06:02 –18:25
- गंड मूल18:25 –06:02, 5 जुल॰
- भद्रा19:05 –06:02, 5 जुल॰
चौघड़िया
- शुभशुभ06:02 – 07:42
- रोगअनिष्ट07:42 – 09:22
- उद्वेगअशुभ09:22 – 11:03
- चरसम11:03 – 12:43
- लाभलाभ12:43 – 14:23
- अमृतश्रेष्ठ14:23 – 16:04
- कालहानि16:04 – 17:44
- शुभशुभ17:44 – 19:25
- अमृतश्रेष्ठ19:25 – 20:44
- चरसम20:44 – 22:04
- रोगअनिष्ट22:04 – 23:24
- कालहानि23:24 – 00:43
- लाभलाभ00:43 – 02:03
- उद्वेगअशुभ02:03 – 03:23
- शुभशुभ03:23 – 04:42
- अमृतश्रेष्ठ04:42 – 06:02
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:02–07:08 |
| मंगल | 07:08–08:15 |
| सूर्य | 08:15–09:22 |
| शुक्र | 09:22–10:29 |
| बुध | 10:29–11:36 |
| चन्द्र | 11:36–12:43 |
| शनि | 12:43–13:50 |
| गुरु | 13:50–14:57 |
| मंगल | 14:57–16:04 |
| सूर्य | 16:04–17:11 |
| शुक्र | 17:11–18:18 |
| बुध | 18:18–19:25 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 19:25–20:18 |
| शनि | 20:18–21:11 |
| गुरु | 21:11–22:04 |
| मंगल | 22:04–22:57 |
| सूर्य | 22:57–23:50 |
| शुक्र | 23:50–00:43 |
| बुध | 00:43–01:36 |
| चन्द्र | 01:36–02:29 |
| शनि | 02:29–03:23 |
| गुरु | 03:23–04:16 |
| मंगल | 04:16–05:09 |
| सूर्य | 05:09–06:02 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 3 पद12:08 तक
- अश्लेषा 4 पद18:25 तक
- मघा 1 पद00:40, 5 जुल॰ तक
- मघा 2 पद06:53, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 23m
- रात्रिमान
- 10h 37m
- मध्याह्न
- 12:43
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 18:25 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 06:52 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 06:52 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:02 –06:52
- शुभ मुहूर्त06:52 –07:00
- राज पंचक07:00 –09:14
- शुभ मुहूर्त09:14 –11:25
- चोर पंचक11:25 –13:33
- शुभ मुहूर्त13:33 –15:46
- रोग पंचक15:46 –18:01
- शुभ मुहूर्त18:01 –18:25
- मृत्यु पंचक18:25 –20:07
- अग्नि पंचक20:07 –21:55
- शुभ मुहूर्त21:55 –23:30
- राज पंचक23:30 –01:02, 5 जुल॰
- अग्नि पंचक01:02 –02:44, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:44 –04:43, 5 जुल॰
- राज पंचक04:43 –06:02, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:47 –07:00
- कर्क07:00 –09:14
- सिंह09:14 –11:25
- कन्या11:25 –13:33
- तुला13:33 –15:46
- वृश्चिक15:46 –18:01
- धनु18:01 –20:07
- मकर20:07 –21:55
- कुम्भ21:55 –23:30
- मीन23:30 –01:02, 5 जुल॰
- मेष01:02 –02:44, 5 जुल॰
- वृषभ02:44 –04:43, 5 जुल॰
- मिथुन04:43 –06:56, 5 जुल॰
पंचांग · सूरत, 4 जुलाई 2030
गुरुवार, 4 जुलाई 2030 को सूरत में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 19:25 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 06:52 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र अश्लेषा 18:25 तक, फिर मघा; योग वज्र 21:20 तक, फिर सिद्धि; करण गर 06:52 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 14:23–16:04, अभिजित मुहूर्त 12:16–13:10। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
सूरत में 4 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 06:52 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:02, सूरत)।
4 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 18:25 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 18:25 तक।
सूरत में 4 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:23–16:04, यमगण्ड 06:02–07:42, गुलिक काल 09:22–11:03।
सूरत में 4 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 19:25, चंद्रोदय 08:54 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:16–13:10, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
सूरत हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2832° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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