पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030सूरत

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:16सूर्योदय19:00सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 22:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1619:00
शनिवार · शनि
राहु काल
09:27 –11:02
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:16दिन19:00
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:00रात06:15
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    22:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:03, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:40 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:07, 21 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:56, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:02 तक
  2. वरीयान्
    15:19, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    11:51 तक
  2. विष्टि
    22:10 तक
  3. बव
    08:34, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:16
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
19:00
बिंब मध्य 18:55
चंद्रोदय
21:37
चंद्रास्त
07:50
दिनमान
12h 44m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:56, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:31
  • प्रातः संध्या05:08 –06:16
  • अभिजित मुहूर्त12:12 –13:03
  • विजय मुहूर्त14:45 –15:36
  • गोधूलि मुहूर्त19:00 –19:22
  • सायाह्न संध्या19:00 –20:07
  • निशीथ मुहूर्त00:15 –01:00, 21 अप्रैल
  • अमृत काल19:49 –21:15
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:27 –11:02
  • यमगंड14:13 –15:49
  • गुलिक काल06:16 –07:51
  • दुर्मुहूर्त06:16 –07:07
  • दुर्मुहूर्त07:07 –07:58
  • वर्ज्य11:14 –12:40
  • गंड मूल05:07 –06:15, 21 अप्रैल
  • भद्रा11:51 –22:10

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि06:16 – 07:51
  • शुभशुभ07:51 – 09:27
  • रोगअनिष्ट09:27 – 11:02
  • उद्वेगअशुभ11:02 – 12:38
  • चरसम12:38 – 14:13
  • लाभलाभ14:13 – 15:49
  • अमृतश्रेष्ठ15:49 – 17:24
  • कालहानि17:24 – 19:00
रात
  • लाभलाभ19:00 – 20:24
  • उद्वेगअशुभ20:24 – 21:48
  • शुभशुभ21:48 – 23:13
  • अमृतश्रेष्ठ23:13 – 00:37
  • चरसम00:37 – 02:02
  • रोगअनिष्ट02:02 – 03:26
  • कालहानि03:26 – 04:51
  • लाभलाभ04:51 – 06:15

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि06:16–07:20
गुरु07:20–08:23
मंगल08:23–09:27
सूर्य09:27–10:31
शुक्र10:31–11:34
बुध11:34–12:38
चन्द्र12:38–13:41
शनि13:41–14:45
गुरु14:45–15:49
मंगल15:49–16:52
सूर्य16:52–17:56
शुक्र17:56–19:00
रात
ग्रहसमय
बुध19:00–19:56
चन्द्र19:56–20:52
शनि20:52–21:48
गुरु21:48–22:45
मंगल22:45–23:41
सूर्य23:41–00:37
शुक्र00:37–01:34
बुध01:34–02:30
चन्द्र02:30–03:26
शनि03:26–04:23
गुरु04:23–05:19
मंगल05:19–06:15

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:40 तक
  • अनुराधा 1 पद13:00 तक
  • अनुराधा 2 पद18:21 तक
  • अनुराधा 3 पद23:43 तक
  • अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 44m
रात्रिमान
11h 15m
मध्याह्न
12:38

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:40 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:07, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:16 –07:40
  • शुभ मुहूर्त07:40 –07:43
  • रोग पंचक07:43 –09:42
  • शुभ मुहूर्त09:42 –11:55
  • मृत्यु पंचक11:55 –14:09
  • अग्नि पंचक14:09 –16:19
  • शुभ मुहूर्त16:19 –18:28
  • राज पंचक18:28 –20:41
  • शुभ मुहूर्त20:41 –22:10
  • चोर पंचक22:10 –22:56
  • शुभ मुहूर्त22:56 –01:02, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक01:02 –02:50, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:50 –04:24, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:24 –05:07, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:07 –05:57, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:57 –06:15, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:01 –07:43
  • वृषभ07:43 –09:42
  • मिथुन09:42 –11:55
  • कर्क11:55 –14:09
  • सिंह14:09 –16:19
  • कन्या16:19 –18:28
  • तुला18:28 –20:41
  • वृश्चिक20:41 –22:56
  • धनु22:56 –01:02, 21 अप्रैल
  • मकर01:02 –02:50, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:50 –04:24, 21 अप्रैल
  • मीन04:24 –05:57, 21 अप्रैल
  • मेष05:57 –07:39, 21 अप्रैल

पंचांग · सूरत, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को सूरत में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 19:00 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:27–11:02, अभिजित मुहूर्त 12:12–13:03। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सूरत में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:16, सूरत)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।

सूरत में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:27–11:02, यमगण्ड 14:13–15:49, गुलिक काल 06:16–07:51।

सूरत में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 19:00, चंद्रोदय 21:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:12–13:03, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सूरत हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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