पंचांग · शनिवार, 4 फ़रवरी 2034श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण प्रतिपदा15:42 तक
- कृष्ण द्वितीया16:27, 5 फ़र॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध09:30 तक
- मघास्वामी केतु10:39, 5 फ़र॰ तक
- सौभाग्य13:26 तक
- शोभन12:47, 5 फ़र॰ तक
- कौलव15:42 तक
- तैतिल04:00, 5 फ़र॰ तक
- गर16:27, 5 फ़र॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 07:26बिंब मध्य 07:30
- सूर्यास्त
- 18:04बिंब मध्य 17:59
- चंद्रोदय
- 19:09
- चंद्रास्त
- 07:40
- दिनमान
- 10h 38m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क09:30 तक
- सूर्य राशि
- मकर
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2090
- शक संवत
- 1955
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:39 –06:32
- प्रातः संध्या06:05 –07:26
- अभिजित मुहूर्त12:24 –13:06
- विजय मुहूर्त14:31 –15:14
- गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:31
- सायाह्न संध्या18:04 –19:24
- निशीथ मुहूर्त00:18 –01:11, 5 फ़र॰
- अमृत काल07:51 –09:30
- राहु काल10:05 –11:25
- यमगंड14:05 –15:24
- गुलिक काल07:26 –08:46
- दुर्मुहूर्त07:26 –08:08
- दुर्मुहूर्त08:08 –08:51
- वर्ज्य22:04 –23:45
- गंड मूल07:26 –09:30
- गंड मूल09:30 –07:25, 5 फ़र॰
चौघड़िया
- कालहानि07:26 – 08:46
- शुभशुभ08:46 – 10:05
- रोगअनिष्ट10:05 – 11:25
- उद्वेगअशुभ11:25 – 12:45
- चरसम12:45 – 14:05
- लाभलाभ14:05 – 15:24
- अमृतश्रेष्ठ15:24 – 16:44
- कालहानि16:44 – 18:04
- लाभलाभ18:04 – 19:44
- उद्वेगअशुभ19:44 – 21:24
- शुभशुभ21:24 – 23:04
- अमृतश्रेष्ठ23:04 – 00:44
- चरसम00:44 – 02:25
- रोगअनिष्ट02:25 – 04:05
- कालहानि04:05 – 05:45
- लाभलाभ05:45 – 07:25
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 07:26–08:19 |
| गुरु | 08:19–09:12 |
| मंगल | 09:12–10:05 |
| सूर्य | 10:05–10:58 |
| शुक्र | 10:58–11:52 |
| बुध | 11:52–12:45 |
| चन्द्र | 12:45–13:38 |
| शनि | 13:38–14:31 |
| गुरु | 14:31–15:24 |
| मंगल | 15:24–16:18 |
| सूर्य | 16:18–17:11 |
| शुक्र | 17:11–18:04 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:04–19:11 |
| चन्द्र | 19:11–20:17 |
| शनि | 20:17–21:24 |
| गुरु | 21:24–22:31 |
| मंगल | 22:31–23:38 |
| सूर्य | 23:38–00:44 |
| शुक्र | 00:44–01:51 |
| बुध | 01:51–02:58 |
| चन्द्र | 02:58–04:05 |
| शनि | 04:05–05:11 |
| गुरु | 05:11–06:18 |
| मंगल | 06:18–07:25 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 4 पद09:30 तक
- मघा 1 पद15:44 तक
- मघा 2 पद22:00 तक
- मघा 3 पद04:18, 5 फ़र॰ तक
- मघा 4 पद10:39, 5 फ़र॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- श्रवण 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शिशिर
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 10h 38m
- रात्रिमान
- 13h 21m
- मध्याह्न
- 12:45
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 09:30 तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:42 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 15:42 तकसभा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक07:26 –07:57
- शुभ मुहूर्त07:57 –09:18
- रोग पंचक09:18 –09:30
- शुभ मुहूर्त09:30 –12:07
- रोग पंचक12:07 –13:59
- शुभ मुहूर्त13:59 –15:42
- मृत्यु पंचक15:42 –16:16
- अग्नि पंचक16:16 –18:41
- शुभ मुहूर्त18:41 –21:04
- राज पंचक21:04 –23:26
- शुभ मुहूर्त23:26 –01:51, 5 फ़र॰
- चोर पंचक01:51 –04:13, 5 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त04:13 –06:15, 5 फ़र॰
- रोग पंचक06:15 –07:25, 5 फ़र॰
उदय लग्न
- मकर06:19 –07:57
- कुम्भ07:57 –09:18
- मीन09:18 –10:37
- मेष10:37 –12:07
- वृषभ12:07 –13:59
- मिथुन13:59 –16:16
- कर्क16:16 –18:41
- सिंह18:41 –21:04
- कन्या21:04 –23:26
- तुला23:26 –01:51, 5 फ़र॰
- वृश्चिक01:51 –04:13, 5 फ़र॰
- धनु04:13 –06:15, 5 फ़र॰
- मकर06:15 –07:53, 5 फ़र॰
पंचांग · श्रीनगर, 4 फ़रवरी 2034
शनिवार, 4 फ़रवरी 2034 को श्रीनगर में सूर्योदय 07:26 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 15:42 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र अश्लेषा 09:30 तक, फिर मघा; योग सौभाग्य 13:26 तक, फिर शोभन; करण कौलव 15:42 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 10:05–11:25, अभिजित मुहूर्त 12:24–13:06। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2090, शक संवत 1955।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 4 फ़रवरी 2034 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण प्रतिपदा 15:42 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 07:26, श्रीनगर)।
4 फ़रवरी 2034 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 09:30 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 09:30 तक।
श्रीनगर में 4 फ़रवरी 2034 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:05–11:25, यमगण्ड 14:05–15:24, गुलिक काल 07:26–08:46।
श्रीनगर में 4 फ़रवरी 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 07:26, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 19:09 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 फ़रवरी 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:24–13:06, ब्रह्म मुहूर्त 05:39–06:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3334° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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