पंचांग · सोमवार, 20 अक्टूबर 2031श्रीनगर

आश्विन · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:40सूर्योदय17:51सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 08:24 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
01:06, 21 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4017:51
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:04 –09:27
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:40दिन17:51
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:51रात06:40
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    08:24 तक
  2. शुक्ल पंचमी
    06:26, 21 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल षष्ठी
    04:21, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    01:06, 21 अक्टू॰ तक
  2. मूलस्वामी केतु
    23:46, 21 अक्टू॰ तक
योग
  1. सौभाग्य
    09:50 तक
  2. शोभन
    07:05, 21 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    08:24 तक
  2. बव
    19:27 तक
  3. बालव
    06:26, 21 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    17:25, 21 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:40
बिंब मध्य 06:43
सूर्यास्त
17:51
बिंब मध्य 17:47
चंद्रोदय
10:34
चंद्रास्त
21:02
दिनमान
11h 11m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
01:06, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:57 –05:48
  • प्रातः संध्या05:23 –06:40
  • अभिजित मुहूर्त11:53 –12:38
  • विजय मुहूर्त14:07 –14:52
  • गोधूलि मुहूर्त17:51 –18:17
  • सायाह्न संध्या17:51 –19:08
  • निशीथ मुहूर्त23:50 –00:41, 21 अक्टू॰
  • अमृत काल16:45 –18:16
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:04 –09:27
  • यमगंड10:51 –12:15
  • गुलिक काल13:39 –15:03
  • दुर्मुहूर्त12:38 –13:23
  • दुर्मुहूर्त14:52 –15:37
  • वर्ज्य07:38 –09:09
  • गंड मूल06:40 –01:06, 21 अक्टू॰
  • गंड मूल01:06 –06:40, 21 अक्टू॰
  • भद्रा06:40 –08:24

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:40 – 08:04
  • कालहानि08:04 – 09:27
  • शुभशुभ09:27 – 10:51
  • रोगअनिष्ट10:51 – 12:15
  • उद्वेगअशुभ12:15 – 13:39
  • चरसम13:39 – 15:03
  • लाभलाभ15:03 – 16:27
  • अमृतश्रेष्ठ16:27 – 17:51
रात
  • चरसम17:51 – 19:27
  • रोगअनिष्ट19:27 – 21:04
  • कालहानि21:04 – 22:40
  • लाभलाभ22:40 – 00:16
  • उद्वेगअशुभ00:16 – 01:52
  • शुभशुभ01:52 – 03:28
  • अमृतश्रेष्ठ03:28 – 05:04
  • चरसम05:04 – 06:40

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:40–07:36
शनि07:36–08:31
गुरु08:31–09:27
मंगल09:27–10:23
सूर्य10:23–11:19
शुक्र11:19–12:15
बुध12:15–13:11
चन्द्र13:11–14:07
शनि14:07–15:03
गुरु15:03–15:59
मंगल15:59–16:55
सूर्य16:55–17:51
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:51–18:55
बुध18:55–19:59
चन्द्र19:59–21:04
शनि21:04–22:08
गुरु22:08–23:12
मंगल23:12–00:16
सूर्य00:16–01:20
शुक्र01:20–02:24
बुध02:24–03:28
चन्द्र03:28–04:32
शनि04:32–05:36
गुरु05:36–06:40

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद08:02 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद13:44 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद19:25 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद01:06, 21 अक्टू॰ तक
  • मूल 1 पद06:47, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 11m
रात्रिमान
12h 49m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 01:06, 21 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 01:06, 21 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 01:06, 21 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:26, 21 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 08:24 तककैलाश पर · 06:26, 21 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:40 –08:24
  • शुभ मुहूर्त08:24 –08:58
  • चोर पंचक08:58 –11:19
  • शुभ मुहूर्त11:19 –13:22
  • रोग पंचक13:22 –14:59
  • शुभ मुहूर्त14:59 –16:21
  • मृत्यु पंचक16:21 –17:40
  • रोग पंचक17:40 –19:09
  • शुभ मुहूर्त19:09 –21:02
  • मृत्यु पंचक21:02 –23:18
  • अग्नि पंचक23:18 –01:06, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:06 –01:43, 21 अक्टू॰
  • राज पंचक01:43 –04:07, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:07 –06:26, 21 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:26 –06:29, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:29 –06:40, 21 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:33 –08:58
  • वृश्चिक08:58 –11:19
  • धनु11:19 –13:22
  • मकर13:22 –14:59
  • कुम्भ14:59 –16:21
  • मीन16:21 –17:40
  • मेष17:40 –19:09
  • वृषभ19:09 –21:02
  • मिथुन21:02 –23:18
  • कर्क23:18 –01:43, 21 अक्टू॰
  • सिंह01:43 –04:07, 21 अक्टू॰
  • कन्या04:07 –06:29, 21 अक्टू॰
  • तुला06:29 –08:54, 21 अक्टू॰

पंचांग · श्रीनगर, 20 अक्टूबर 2031

सोमवार, 20 अक्टूबर 2031 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:40 और सूर्यास्त 17:51 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल; योग सौभाग्य 09:50 तक, फिर शोभन; करण विष्टि 08:24 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:04–09:27, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:38। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 20 अक्टूबर 2031 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 08:24 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 06:40, श्रीनगर)।

20 अक्टूबर 2031 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 21 अक्टूबर 01:06 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 21 अक्टूबर 01:06 तक।

श्रीनगर में 20 अक्टूबर 2031 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:04–09:27, यमगण्ड 10:51–12:15, गुलिक काल 13:39–15:03।

श्रीनगर में 20 अक्टूबर 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 17:51, चंद्रोदय 10:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अक्टूबर 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:53–12:38, ब्रह्म मुहूर्त 04:57–05:48। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3013° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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