पंचांग · मंगलवार, 4 मार्च 2031श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी06:20, 5 मार्च तक
- शुक्ल द्वादशी08:06, 6 मार्च तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु09:04, 5 मार्च तक
- आयुष्मान्08:19 तक
- सौभाग्य08:56, 5 मार्च तक
- वणिज17:15 तक
- विष्टि06:20, 5 मार्च तक
- बव19:17, 5 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:56बिंब मध्य 07:00
- सूर्यास्त
- 18:29बिंब मध्य 18:25
- चंद्रोदय
- 14:07
- चंद्रास्त
- 03:34
- दिनमान
- 11h 33m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मिथुन02:26, 5 मार्च तक
- सूर्य राशि
- कुम्भ
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:17 –06:07
- प्रातः संध्या05:42 –06:56
- अभिजित मुहूर्त12:20 –13:06
- विजय मुहूर्त14:38 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:29 –18:54
- सायाह्न संध्या18:29 –19:44
- निशीथ मुहूर्त00:17 –01:07, 5 मार्च
- अमृत काल06:24 –08:10, 5 मार्च
- राहु काल15:36 –17:03
- यमगंड09:50 –11:16
- गुलिक काल12:43 –14:09
- दुर्मुहूर्त09:15 –10:01
- दुर्मुहूर्त23:28 –00:17, 5 मार्च
- वर्ज्य19:43 –21:30
- भद्रा17:15 –06:20, 5 मार्च
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:56 – 08:23
- उद्वेगअशुभ08:23 – 09:50
- चरसम09:50 – 11:16
- लाभलाभ11:16 – 12:43
- अमृतश्रेष्ठ12:43 – 14:09
- कालहानि14:09 – 15:36
- शुभशुभ15:36 – 17:03
- रोगअनिष्ट17:03 – 18:29
- कालहानि18:29 – 20:02
- लाभलाभ20:02 – 21:36
- उद्वेगअशुभ21:36 – 23:09
- शुभशुभ23:09 – 00:42
- अमृतश्रेष्ठ00:42 – 02:15
- चरसम02:15 – 03:49
- रोगअनिष्ट03:49 – 05:22
- कालहानि05:22 – 06:55
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:56–07:54 |
| सूर्य | 07:54–08:52 |
| शुक्र | 08:52–09:50 |
| बुध | 09:50–10:47 |
| चन्द्र | 10:47–11:45 |
| शनि | 11:45–12:43 |
| गुरु | 12:43–13:41 |
| मंगल | 13:41–14:38 |
| सूर्य | 14:38–15:36 |
| शुक्र | 15:36–16:34 |
| बुध | 16:34–17:32 |
| चन्द्र | 17:32–18:29 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:29–19:31 |
| गुरु | 19:31–20:34 |
| मंगल | 20:34–21:36 |
| सूर्य | 21:36–22:38 |
| शुक्र | 22:38–23:40 |
| बुध | 23:40–00:42 |
| चन्द्र | 00:42–01:44 |
| शनि | 01:44–02:47 |
| गुरु | 02:47–03:49 |
| मंगल | 03:49–04:51 |
| सूर्य | 04:51–05:53 |
| शुक्र | 05:53–06:55 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 1 पद13:05 तक
- पुनर्वसु 2 पद19:46 तक
- पुनर्वसु 3 पद02:26, 5 मार्च तक
- पुनर्वसु 4 पद09:04, 5 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- शतभिषा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 33m
- रात्रिमान
- 12h 26m
- मध्याह्न
- 12:43
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 02:26, 5 मार्च तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:20, 5 मार्च तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 06:20, 5 मार्च तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:56 –07:29
- चोर पंचक07:29 –08:48
- राज पंचक08:48 –10:18
- शुभ मुहूर्त10:18 –12:10
- चोर पंचक12:10 –14:26
- शुभ मुहूर्त14:26 –16:51
- रोग पंचक16:51 –19:15
- शुभ मुहूर्त19:15 –21:37
- मृत्यु पंचक21:37 –00:02, 5 मार्च
- अग्नि पंचक00:02 –02:24, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त02:24 –04:26, 5 मार्च
- राज पंचक04:26 –06:04, 5 मार्च
- शुभ मुहूर्त06:04 –06:20, 5 मार्च
- चोर पंचक06:20 –06:55, 5 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ06:08 –07:29
- मीन07:29 –08:48
- मेष08:48 –10:18
- वृषभ10:18 –12:10
- मिथुन12:10 –14:26
- कर्क14:26 –16:51
- सिंह16:51 –19:15
- कन्या19:15 –21:37
- तुला21:37 –00:02, 5 मार्च
- वृश्चिक00:02 –02:24, 5 मार्च
- धनु02:24 –04:26, 5 मार्च
- मकर04:26 –06:04, 5 मार्च
- कुम्भ06:04 –07:25, 5 मार्च
पंचांग · श्रीनगर, 4 मार्च 2031
मंगलवार, 4 मार्च 2031 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:56 और सूर्यास्त 18:29 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 5 मार्च 06:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पुनर्वसु 5 मार्च 09:04 तक; योग आयुष्मान् 08:19 तक, फिर सौभाग्य; करण वणिज 17:15 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 15:36–17:03, अभिजित मुहूर्त 12:20–13:06। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 4 मार्च 2031 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 5 मार्च 06:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:56, श्रीनगर)।
4 मार्च 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 5 मार्च 09:04 तक। चंद्रमा मिथुन राशि में 5 मार्च 02:26 तक।
श्रीनगर में 4 मार्च 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:36–17:03, यमगण्ड 09:50–11:16, गुलिक काल 12:43–14:09।
श्रीनगर में 4 मार्च 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 18:29, चंद्रोदय 14:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मार्च 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:20–13:06, ब्रह्म मुहूर्त 05:17–06:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 मार्च 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
आमलकी एकादशी।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर मार्च 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2925° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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