पंचांग · सोमवार, 4 नवंबर 2030श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी03:34, 5 नव॰ तक
- शुक्ल एकादशी03:44, 6 नव॰ तक
- शतभिषास्वामी राहु06:48, 5 नव॰ तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु07:38, 6 नव॰ तक
- वृद्धि10:54 तक
- ध्रुव09:35, 5 नव॰ तक
- तैतिल15:41 तक
- गर03:34, 5 नव॰ तक
- वणिज15:35, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:53बिंब मध्य 06:57
- सूर्यास्त
- 17:35बिंब मध्य 17:31
- चंद्रोदय
- 14:09
- चंद्रास्त
- 01:11
- दिनमान
- 10h 42m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कुम्भ01:23, 6 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:07 –06:00
- प्रातः संध्या05:33 –06:53
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:36
- विजय मुहूर्त14:01 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त17:35 –18:02
- सायाह्न संध्या17:35 –18:55
- निशीथ मुहूर्त23:48 –00:41, 5 नव॰
- अमृत काल23:30 –01:07, 5 नव॰
- राहु काल08:13 –09:34
- यमगंड10:54 –12:14
- गुलिक काल13:34 –14:55
- दुर्मुहूर्त12:36 –13:18
- दुर्मुहूर्त14:44 –15:27
- वर्ज्य13:46 –15:23
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:53 – 08:13
- कालहानि08:13 – 09:34
- शुभशुभ09:34 – 10:54
- रोगअनिष्ट10:54 – 12:14
- उद्वेगअशुभ12:14 – 13:34
- चरसम13:34 – 14:55
- लाभलाभ14:55 – 16:15
- अमृतश्रेष्ठ16:15 – 17:35
- चरसम17:35 – 19:15
- रोगअनिष्ट19:15 – 20:55
- कालहानि20:55 – 22:35
- लाभलाभ22:35 – 00:15
- उद्वेगअशुभ00:15 – 01:54
- शुभशुभ01:54 – 03:34
- अमृतश्रेष्ठ03:34 – 05:14
- चरसम05:14 – 06:54
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:53–07:46 |
| शनि | 07:46–08:40 |
| गुरु | 08:40–09:34 |
| मंगल | 09:34–10:27 |
| सूर्य | 10:27–11:21 |
| शुक्र | 11:21–12:14 |
| बुध | 12:14–13:08 |
| चन्द्र | 13:08–14:01 |
| शनि | 14:01–14:55 |
| गुरु | 14:55–15:48 |
| मंगल | 15:48–16:42 |
| सूर्य | 16:42–17:35 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:35–18:42 |
| बुध | 18:42–19:49 |
| चन्द्र | 19:49–20:55 |
| शनि | 20:55–22:02 |
| गुरु | 22:02–23:08 |
| मंगल | 23:08–00:15 |
| सूर्य | 00:15–01:21 |
| शुक्र | 01:21–02:28 |
| बुध | 02:28–03:34 |
| चन्द्र | 03:34–04:41 |
| शनि | 04:41–05:47 |
| गुरु | 05:47–06:54 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- शतभिषा 1 पद12:30 तक
- शतभिषा 2 पद18:34 तक
- शतभिषा 3 पद00:40, 5 नव॰ तक
- शतभिषा 4 पद06:48, 5 नव॰ तक
- पूर्वभाद्रपद 1 पद12:58, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 42m
- रात्रिमान
- 13h 19m
- मध्याह्न
- 12:14
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 03:34, 5 नव॰ तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 03:34, 5 नव॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:53 –07:58
- रोग पंचक07:58 –10:19
- शुभ मुहूर्त10:19 –12:22
- मृत्यु पंचक12:22 –13:59
- अग्नि पंचक13:59 –15:21
- शुभ मुहूर्त15:21 –16:40
- मृत्यु पंचक16:40 –18:09
- अग्नि पंचक18:09 –20:02
- शुभ मुहूर्त20:02 –22:18
- राज पंचक22:18 –00:43, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त00:43 –03:07, 5 नव॰
- चोर पंचक03:07 –03:34, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:34 –05:29, 5 नव॰
- रोग पंचक05:29 –06:48, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त06:48 –06:54, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:33 –07:58
- वृश्चिक07:58 –10:19
- धनु10:19 –12:22
- मकर12:22 –13:59
- कुम्भ13:59 –15:21
- मीन15:21 –16:40
- मेष16:40 –18:09
- वृषभ18:09 –20:02
- मिथुन20:02 –22:18
- कर्क22:18 –00:43, 5 नव॰
- सिंह00:43 –03:07, 5 नव॰
- कन्या03:07 –05:29, 5 नव॰
- तुला05:29 –07:54, 5 नव॰
पंचांग · श्रीनगर, 4 नवंबर 2030
सोमवार, 4 नवंबर 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:53 और सूर्यास्त 17:35 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 5 नवंबर 03:34 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र शतभिषा 5 नवंबर 06:48 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग वृद्धि 10:54 तक, फिर ध्रुव; करण तैतिल 15:41 तक, फिर गर। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:13–09:34, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:36। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 4 नवंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 5 नवंबर 03:34 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:53, श्रीनगर)।
4 नवंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
शतभिषा 5 नवंबर 06:48 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 6 नवंबर 01:23 तक।
श्रीनगर में 4 नवंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:13–09:34, यमगण्ड 10:54–12:14, गुलिक काल 13:34–14:55।
श्रीनगर में 4 नवंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:53, सूर्यास्त 17:35, चंद्रोदय 14:09 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:36, ब्रह्म मुहूर्त 05:07–06:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2879° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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