पंचांग · सोमवार, 21 अक्टूबर 2030श्रीनगर

आश्विन · कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:41सूर्योदय17:50सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण नवमी
कृष्ण · 10:23 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
02:18, 22 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4117:50
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:04 –09:28
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:41दिन17:50
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:50रात06:41
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण नवमी
    10:23 तक
  2. कृष्ण दशमी
    10:46, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    02:18, 22 अक्टू॰ तक
  2. मघास्वामी केतु
    02:47, 23 अक्टू॰ तक
योग
  1. साध्य
    07:15 तक
  2. शुभ
    06:33, 22 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल
    05:11, 23 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    10:23 तक
  2. वणिज
    22:41 तक
  3. विष्टि
    10:46, 22 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:41
बिंब मध्य 06:44
सूर्यास्त
17:50
बिंब मध्य 17:45
चंद्रोदय
00:45
चंद्रास्त
14:16
दिनमान
11h 9m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कर्क
02:18, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:58 –05:49
  • प्रातः संध्या05:24 –06:41
  • अभिजित मुहूर्त11:53 –12:38
  • विजय मुहूर्त14:07 –14:51
  • गोधूलि मुहूर्त17:50 –18:16
  • सायाह्न संध्या17:50 –19:07
  • निशीथ मुहूर्त23:50 –00:41, 22 अक्टू॰
  • अमृत काल00:37 –02:18, 22 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:04 –09:28
  • यमगंड10:52 –12:15
  • गुलिक काल13:39 –15:03
  • दुर्मुहूर्त12:38 –13:22
  • दुर्मुहूर्त14:51 –15:36
  • वर्ज्य14:31 –16:12
  • गंड मूल06:41 –02:18, 22 अक्टू॰
  • गंड मूल02:18 –06:41, 22 अक्टू॰
  • भद्रा22:41 –06:41, 22 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:41 – 08:04
  • कालहानि08:04 – 09:28
  • शुभशुभ09:28 – 10:52
  • रोगअनिष्ट10:52 – 12:15
  • उद्वेगअशुभ12:15 – 13:39
  • चरसम13:39 – 15:03
  • लाभलाभ15:03 – 16:26
  • अमृतश्रेष्ठ16:26 – 17:50
रात
  • चरसम17:50 – 19:26
  • रोगअनिष्ट19:26 – 21:03
  • कालहानि21:03 – 22:39
  • लाभलाभ22:39 – 00:16
  • उद्वेगअशुभ00:16 – 01:52
  • शुभशुभ01:52 – 03:29
  • अमृतश्रेष्ठ03:29 – 05:05
  • चरसम05:05 – 06:41

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:41–07:36
शनि07:36–08:32
गुरु08:32–09:28
मंगल09:28–10:24
सूर्य10:24–11:19
शुक्र11:19–12:15
बुध12:15–13:11
चन्द्र13:11–14:07
शनि14:07–15:03
गुरु15:03–15:58
मंगल15:58–16:54
सूर्य16:54–17:50
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:50–18:54
बुध18:54–19:58
चन्द्र19:58–21:03
शनि21:03–22:07
गुरु22:07–23:11
मंगल23:11–00:16
सूर्य00:16–01:20
शुक्र01:20–02:24
बुध02:24–03:29
चन्द्र03:29–04:33
शनि04:33–05:37
गुरु05:37–06:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद07:25 तक
  • अश्लेषा 2 पद13:46 तक
  • अश्लेषा 3 पद20:04 तक
  • अश्लेषा 4 पद02:18, 22 अक्टू॰ तक
  • मघा 1 पद08:30, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 9m
रात्रिमान
12h 51m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 02:18, 22 अक्टू॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 02:18, 22 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 02:18, 22 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:23 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 10:23 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:41 –08:53
  • शुभ मुहूर्त08:53 –10:23
  • रोग पंचक10:23 –11:14
  • शुभ मुहूर्त11:14 –13:17
  • मृत्यु पंचक13:17 –14:54
  • अग्नि पंचक14:54 –16:16
  • शुभ मुहूर्त16:16 –17:35
  • मृत्यु पंचक17:35 –19:04
  • अग्नि पंचक19:04 –20:57
  • शुभ मुहूर्त20:57 –23:13
  • राज पंचक23:13 –01:38, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:38 –02:18, 22 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:18 –04:02, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:02 –06:24, 22 अक्टू॰
  • रोग पंचक06:24 –06:41, 22 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:28 –08:53
  • वृश्चिक08:53 –11:14
  • धनु11:14 –13:17
  • मकर13:17 –14:54
  • कुम्भ14:54 –16:16
  • मीन16:16 –17:35
  • मेष17:35 –19:04
  • वृषभ19:04 –20:57
  • मिथुन20:57 –23:13
  • कर्क23:13 –01:38, 22 अक्टू॰
  • सिंह01:38 –04:02, 22 अक्टू॰
  • कन्या04:02 –06:24, 22 अक्टू॰
  • तुला06:24 –08:49, 22 अक्टू॰

पंचांग · श्रीनगर, 21 अक्टूबर 2030

सोमवार, 21 अक्टूबर 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:41 और सूर्यास्त 17:50 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 10:23 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र अश्लेषा 22 अक्टूबर 02:18 तक, फिर मघा; योग साध्य 07:15 तक, फिर शुभ; करण गर 10:23 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:04–09:28, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:38। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण नवमी 10:23 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:41, श्रीनगर)।

21 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 22 अक्टूबर 02:18 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 22 अक्टूबर 02:18 तक।

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:04–09:28, यमगण्ड 10:52–12:15, गुलिक काल 13:39–15:03।

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:50, चंद्रोदय 00:45 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:53–12:38, ब्रह्म मुहूर्त 04:58–05:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2874° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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