पंचांग · सोमवार, 30 सितंबर 2030श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया08:03 तक
- शुक्ल चतुर्थी05:26, 1 अक्टू॰ तक
- शुक्ल पंचमी02:54, 2 अक्टू॰ तक
- स्वातीस्वामी राहु10:12 तक
- विशाखास्वामी गुरु08:21, 1 अक्टू॰ तक
- विष्कुम्भ02:35, 1 अक्टू॰ तक
- प्रीति23:23, 1 अक्टू॰ तक
- गर08:03 तक
- वणिज18:44 तक
- विष्टि05:26, 1 अक्टू॰ तक
- बव16:09, 1 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:24बिंब मध्य 06:28
- सूर्यास्त
- 18:17बिंब मध्य 18:12
- चंद्रोदय
- 09:29
- चंद्रास्त
- 20:06
- दिनमान
- 11h 53m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- तुला02:48, 1 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:48 –05:36
- प्रातः संध्या05:12 –06:24
- अभिजित मुहूर्त11:57 –12:44
- विजय मुहूर्त14:19 –15:07
- गोधूलि मुहूर्त18:17 –18:41
- सायाह्न संध्या18:17 –19:30
- निशीथ मुहूर्त23:57 –00:45, 1 अक्टू॰
- अमृत काल00:13 –01:42, 1 अक्टू॰
- राहु काल07:53 –09:22
- यमगंड10:52 –12:21
- गुलिक काल13:50 –15:19
- दुर्मुहूर्त12:44 –13:32
- दुर्मुहूर्त15:07 –15:54
- वर्ज्य15:22 –16:50
- भद्रा18:44 –05:26, 1 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:24 – 07:53
- कालहानि07:53 – 09:22
- शुभशुभ09:22 – 10:52
- रोगअनिष्ट10:52 – 12:21
- उद्वेगअशुभ12:21 – 13:50
- चरसम13:50 – 15:19
- लाभलाभ15:19 – 16:48
- अमृतश्रेष्ठ16:48 – 18:17
- चरसम18:17 – 19:48
- रोगअनिष्ट19:48 – 21:19
- कालहानि21:19 – 22:50
- लाभलाभ22:50 – 00:21
- उद्वेगअशुभ00:21 – 01:52
- शुभशुभ01:52 – 03:23
- अमृतश्रेष्ठ03:23 – 04:54
- चरसम04:54 – 06:25
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:24–07:24 |
| शनि | 07:24–08:23 |
| गुरु | 08:23–09:22 |
| मंगल | 09:22–10:22 |
| सूर्य | 10:22–11:21 |
| शुक्र | 11:21–12:21 |
| बुध | 12:21–13:20 |
| चन्द्र | 13:20–14:19 |
| शनि | 14:19–15:19 |
| गुरु | 15:19–16:18 |
| मंगल | 16:18–17:17 |
| सूर्य | 17:17–18:17 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:17–19:18 |
| बुध | 19:18–20:18 |
| चन्द्र | 20:18–21:19 |
| शनि | 21:19–22:20 |
| गुरु | 22:20–23:20 |
| मंगल | 23:20–00:21 |
| सूर्य | 00:21–01:22 |
| शुक्र | 01:22–02:22 |
| बुध | 02:22–03:23 |
| चन्द्र | 03:23–04:24 |
| शनि | 04:24–05:24 |
| गुरु | 05:24–06:25 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 4 पद10:12 तक
- विशाखा 1 पद15:44 तक
- विशाखा 2 पद21:16 तक
- विशाखा 3 पद02:48, 1 अक्टू॰ तक
- विशाखा 4 पद08:21, 1 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 53m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:21
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 02:48, 1 अक्टू॰ तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 08:03 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:26, 1 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 08:03 तकक्रीड़ा में · 05:26, 1 अक्टू॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:24 –07:51
- शुभ मुहूर्त07:51 –08:03
- मृत्यु पंचक08:03 –10:12
- अग्नि पंचक10:12 –10:15
- शुभ मुहूर्त10:15 –12:37
- राज पंचक12:37 –14:39
- शुभ मुहूर्त14:39 –16:17
- चोर पंचक16:17 –17:38
- शुभ मुहूर्त17:38 –20:27
- चोर पंचक20:27 –22:20
- शुभ मुहूर्त22:20 –00:36, 1 अक्टू॰
- रोग पंचक00:36 –03:01, 1 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:01 –05:24, 1 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक05:24 –05:26, 1 अक्टू॰
- अग्नि पंचक05:26 –06:25, 1 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:28 –07:51
- तुला07:51 –10:15
- वृश्चिक10:15 –12:37
- धनु12:37 –14:39
- मकर14:39 –16:17
- कुम्भ16:17 –17:38
- मीन17:38 –18:57
- मेष18:57 –20:27
- वृषभ20:27 –22:20
- मिथुन22:20 –00:36, 1 अक्टू॰
- कर्क00:36 –03:01, 1 अक्टू॰
- सिंह03:01 –05:24, 1 अक्टू॰
- कन्या05:24 –07:47, 1 अक्टू॰
पंचांग · श्रीनगर, 30 सितंबर 2030
सोमवार, 30 सितंबर 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:24 और सूर्यास्त 18:17 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 08:03 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र स्वाती 10:12 तक, फिर विशाखा; योग विष्कुम्भ 1 अक्टूबर 02:35 तक, फिर प्रीति; करण गर 08:03 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:53–09:22, अभिजित मुहूर्त 11:57–12:44। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 30 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 08:03 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:24, श्रीनगर)।
30 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 10:12 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 1 अक्टूबर 02:48 तक।
श्रीनगर में 30 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:53–09:22, यमगण्ड 10:52–12:21, गुलिक काल 13:50–15:19।
श्रीनगर में 30 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 18:17, चंद्रोदय 09:29 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:57–12:44, ब्रह्म मुहूर्त 04:48–05:36। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2866° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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