पंचांग · बुधवार, 11 सितंबर 2030श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- पूर्णिमा02:47, 12 सित॰ तक
- कृष्ण प्रतिपदा02:25, 13 सित॰ तक
- शतभिषास्वामी राहु17:59 तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु18:07, 12 सित॰ तक
- धृति21:32 तक
- शूल20:04, 12 सित॰ तक
- विष्टि15:10 तक
- बव02:47, 12 सित॰ तक
- बालव14:32, 12 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:11बिंब मध्य 06:15
- सूर्यास्त
- 18:43बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- 18:07
- चंद्रास्त
- 05:27
- दिनमान
- 12h 32m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कुम्भ12:02, 12 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:25
- प्रातः संध्या05:02 –06:11
- अभिजित मुहूर्त12:02 –12:52
- विजय मुहूर्त14:33 –15:23
- गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:06
- सायाह्न संध्या18:43 –19:52
- निशीथ मुहूर्त00:05 –00:51, 12 सित॰
- अमृत काल10:53 –12:28
- राहु काल12:27 –14:01
- यमगंड07:45 –09:19
- गुलिक काल10:53 –12:27
- दुर्मुहूर्त12:02 –12:52
- वर्ज्य00:25 –02:02, 12 सित॰
- भद्रा06:11 –15:10
चौघड़िया
- लाभलाभ06:11 – 07:45
- अमृतश्रेष्ठ07:45 – 09:19
- कालहानि09:19 – 10:53
- शुभशुभ10:53 – 12:27
- रोगअनिष्ट12:27 – 14:01
- उद्वेगअशुभ14:01 – 15:35
- चरसम15:35 – 17:09
- लाभलाभ17:09 – 18:43
- उद्वेगअशुभ18:43 – 20:09
- शुभशुभ20:09 – 21:35
- अमृतश्रेष्ठ21:35 – 23:02
- चरसम23:02 – 00:28
- रोगअनिष्ट00:28 – 01:54
- कालहानि01:54 – 03:20
- लाभलाभ03:20 – 04:46
- उद्वेगअशुभ04:46 – 06:12
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:11–07:14 |
| चन्द्र | 07:14–08:16 |
| शनि | 08:16–09:19 |
| गुरु | 09:19–10:22 |
| मंगल | 10:22–11:25 |
| सूर्य | 11:25–12:27 |
| शुक्र | 12:27–13:30 |
| बुध | 13:30–14:33 |
| चन्द्र | 14:33–15:35 |
| शनि | 15:35–16:38 |
| गुरु | 16:38–17:41 |
| मंगल | 17:41–18:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:43–19:41 |
| शुक्र | 19:41–20:38 |
| बुध | 20:38–21:35 |
| चन्द्र | 21:35–22:33 |
| शनि | 22:33–23:30 |
| गुरु | 23:30–00:28 |
| मंगल | 00:28–01:25 |
| सूर्य | 01:25–02:22 |
| शुक्र | 02:22–03:20 |
| बुध | 03:20–04:17 |
| चन्द्र | 04:17–05:14 |
| शनि | 05:14–06:12 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- शतभिषा 3 पद12:02 तक
- शतभिषा 4 पद17:59 तक
- पूर्वभाद्रपद 1 पद23:58 तक
- पूर्वभाद्रपद 2 पद05:59, 12 सित॰ तक
- पूर्वभाद्रपद 3 पद12:02, 12 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 32m
- रात्रिमान
- 11h 29m
- मध्याह्न
- 12:27
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:47, 12 सित॰ तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 02:47, 12 सित॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:11 –06:43
- राज पंचक06:43 –09:05
- शुभ मुहूर्त09:05 –11:30
- चोर पंचक11:30 –13:52
- शुभ मुहूर्त13:52 –15:54
- रोग पंचक15:54 –17:32
- शुभ मुहूर्त17:32 –17:59
- मृत्यु पंचक17:59 –18:53
- अग्नि पंचक18:53 –20:12
- शुभ मुहूर्त20:12 –21:42
- मृत्यु पंचक21:42 –23:34
- अग्नि पंचक23:34 –01:50, 12 सित॰
- शुभ मुहूर्त01:50 –02:47, 12 सित॰
- राज पंचक02:47 –04:16, 12 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:16 –06:12, 12 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:19 –06:43
- कन्या06:43 –09:05
- तुला09:05 –11:30
- वृश्चिक11:30 –13:52
- धनु13:52 –15:54
- मकर15:54 –17:32
- कुम्भ17:32 –18:53
- मीन18:53 –20:12
- मेष20:12 –21:42
- वृषभ21:42 –23:34
- मिथुन23:34 –01:50, 12 सित॰
- कर्क01:50 –04:16, 12 सित॰
- सिंह04:16 –06:39, 12 सित॰
पंचांग · श्रीनगर, 11 सितंबर 2030
बुधवार, 11 सितंबर 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि पूर्णिमा 12 सितंबर 02:47 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र शतभिषा 17:59 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग धृति 21:32 तक, फिर शूल; करण विष्टि 15:10 तक, फिर बव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 12:27–14:01, अभिजित मुहूर्त 12:02–12:52। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 11 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
पूर्णिमा 12 सितंबर 02:47 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:11, श्रीनगर)।
11 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
शतभिषा 17:59 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 12 सितंबर 12:02 तक।
श्रीनगर में 11 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:27–14:01, यमगण्ड 07:45–09:19, गुलिक काल 10:53–12:27।
श्रीनगर में 11 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 18:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:02–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:25। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
11 सितंबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
पूर्णिमा।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2859° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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