पंचांग · शनिवार, 31 अगस्त 2030श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया00:31, 1 सित॰ तक
- शुक्ल चतुर्थी22:38, 1 सित॰ तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य07:00 तक
- हस्तस्वामी चन्द्र06:01, 1 सित॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल04:51, 2 सित॰ तक
- साध्य06:50 तक
- शुभ04:21, 1 सित॰ तक
- शुक्ल01:44, 2 सित॰ तक
- तैतिल13:24 तक
- गर00:31, 1 सित॰ तक
- वणिज11:36, 1 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:03बिंब मध्य 06:07
- सूर्यास्त
- 18:58बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- 08:22
- चंद्रास्त
- 20:03
- दिनमान
- 12h 55m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कन्या17:27, 1 सित॰ तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:35 –05:19
- प्रातः संध्या04:57 –06:03
- अभिजित मुहूर्त12:05 –12:57
- विजय मुहूर्त14:40 –15:32
- गोधूलि मुहूर्त18:58 –19:21
- सायाह्न संध्या18:58 –20:05
- निशीथ मुहूर्त00:09 –00:53, 1 सित॰
- अमृत काल00:15 –01:48, 1 सित॰
- राहु काल09:17 –10:54
- यमगंड14:08 –15:45
- गुलिक काल06:03 –07:40
- दुर्मुहूर्त06:03 –06:55
- दुर्मुहूर्त06:55 –07:47
- वर्ज्य15:03 –16:35
चौघड़िया
- कालहानि06:03 – 07:40
- शुभशुभ07:40 – 09:17
- रोगअनिष्ट09:17 – 10:54
- उद्वेगअशुभ10:54 – 12:31
- चरसम12:31 – 14:08
- लाभलाभ14:08 – 15:45
- अमृतश्रेष्ठ15:45 – 17:22
- कालहानि17:22 – 18:58
- लाभलाभ18:58 – 20:22
- उद्वेगअशुभ20:22 – 21:45
- शुभशुभ21:45 – 23:08
- अमृतश्रेष्ठ23:08 – 00:31
- चरसम00:31 – 01:54
- रोगअनिष्ट01:54 – 03:18
- कालहानि03:18 – 04:41
- लाभलाभ04:41 – 06:04
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:03–07:08 |
| गुरु | 07:08–08:13 |
| मंगल | 08:13–09:17 |
| सूर्य | 09:17–10:22 |
| शुक्र | 10:22–11:26 |
| बुध | 11:26–12:31 |
| चन्द्र | 12:31–13:35 |
| शनि | 13:35–14:40 |
| गुरु | 14:40–15:45 |
| मंगल | 15:45–16:49 |
| सूर्य | 16:49–17:54 |
| शुक्र | 17:54–18:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:58–19:54 |
| चन्द्र | 19:54–20:49 |
| शनि | 20:49–21:45 |
| गुरु | 21:45–22:40 |
| मंगल | 22:40–23:36 |
| सूर्य | 23:36–00:31 |
| शुक्र | 00:31–01:27 |
| बुध | 01:27–02:22 |
| चन्द्र | 02:22–03:18 |
| शनि | 03:18–04:13 |
| गुरु | 04:13–05:09 |
| मंगल | 05:09–06:04 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तर फाल्गुनी 4 पद07:00 तक
- हस्त 1 पद12:47 तक
- हस्त 2 पद18:32 तक
- हस्त 3 पद00:17, 1 सित॰ तक
- हस्त 4 पद06:01, 1 सित॰ तक
- चित्रा 1 पद11:44, 1 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 55m
- रात्रिमान
- 11h 6m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:31, 1 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 00:31, 1 सित॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:03 –07:00
- मृत्यु पंचक07:00 –07:26
- अग्नि पंचक07:26 –09:48
- शुभ मुहूर्त09:48 –12:13
- राज पंचक12:13 –14:35
- शुभ मुहूर्त14:35 –16:37
- चोर पंचक16:37 –18:15
- शुभ मुहूर्त18:15 –19:36
- रोग पंचक19:36 –20:55
- चोर पंचक20:55 –22:25
- शुभ मुहूर्त22:25 –00:18, 1 सित॰
- रोग पंचक00:18 –00:31, 1 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:31 –02:34, 1 सित॰
- मृत्यु पंचक02:34 –04:59, 1 सित॰
- अग्नि पंचक04:59 –06:01, 1 सित॰
- शुभ मुहूर्त06:01 –06:04, 1 सित॰
उदय लग्न
- सिंह05:03 –07:26
- कन्या07:26 –09:48
- तुला09:48 –12:13
- वृश्चिक12:13 –14:35
- धनु14:35 –16:37
- मकर16:37 –18:15
- कुम्भ18:15 –19:36
- मीन19:36 –20:55
- मेष20:55 –22:25
- वृषभ22:25 –00:18, 1 सित॰
- मिथुन00:18 –02:34, 1 सित॰
- कर्क02:34 –04:59, 1 सित॰
- सिंह04:59 –07:22, 1 सित॰
पंचांग · श्रीनगर, 31 अगस्त 2030
शनिवार, 31 अगस्त 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:03 और सूर्यास्त 18:58 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 1 सितंबर 00:31 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 07:00 तक, फिर हस्त; योग साध्य 06:50 तक, फिर शुभ; करण तैतिल 13:24 तक, फिर गर। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 09:17–10:54, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 31 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 1 सितंबर 00:31 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:03, श्रीनगर)।
31 अगस्त 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तर फाल्गुनी 07:00 तक, फिर हस्त। चंद्रमा कन्या राशि में 1 सितंबर 17:27 तक।
श्रीनगर में 31 अगस्त 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:17–10:54, यमगण्ड 14:08–15:45, गुलिक काल 06:03–07:40।
श्रीनगर में 31 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:58, चंद्रोदय 08:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 अगस्त 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:35–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
31 अगस्त 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
हरतालिका तीज।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2854° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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