पंचांग · बुधवार, 17 जुलाई 2030श्रीनगर

आषाढ़ · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:32सूर्योदय19:42सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 00:38, 18 जुल॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
00:06, 18 जुल॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3219:42
बुधवार · बुध
राहु काल
12:37 –14:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:32दिन19:42
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:42रात05:32
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
22:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    00:38, 18 जुल॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    23:29, 18 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. धनिष्ठास्वामी मंगल
    00:06, 18 जुल॰ तक
  2. शतभिषास्वामी राहु
    23:42, 18 जुल॰ तक
योग
  1. प्रीति
    06:25 तक
  2. आयुष्मान्
    03:59, 18 जुल॰ तक
  3. सौभाग्य
    02:07, 19 जुल॰ तक
करण
  1. वणिज
    13:28 तक
  2. विष्टि
    00:38, 18 जुल॰ तक
  3. बव
    11:58, 18 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:32
बिंब मध्य 05:36
सूर्यास्त
19:42
बिंब मध्य 19:37
चंद्रोदय
21:06
चंद्रास्त
07:53
दिनमान
14h 10m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मकर
12:33 तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:13 –04:52
  • प्रातः संध्या04:33 –05:32
  • अभिजित मुहूर्त12:08 –13:05
  • विजय मुहूर्त14:59 –15:55
  • गोधूलि मुहूर्त19:42 –20:02
  • सायाह्न संध्या19:42 –20:41
  • निशीथ मुहूर्त00:17 –00:57, 18 जुल॰
  • अमृत काल14:10 –15:42
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:37 –14:23
  • यमगंड07:18 –09:04
  • गुलिक काल10:51 –12:37
  • दुर्मुहूर्त12:08 –13:05
  • वर्ज्य05:00 –06:31
  • भद्रा13:28 –00:38, 18 जुल॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:32 – 07:18
  • अमृतश्रेष्ठ07:18 – 09:04
  • कालहानि09:04 – 10:51
  • शुभशुभ10:51 – 12:37
  • रोगअनिष्ट12:37 – 14:23
  • उद्वेगअशुभ14:23 – 16:09
  • चरसम16:09 – 17:56
  • लाभलाभ17:56 – 19:42
रात
  • उद्वेगअशुभ19:42 – 20:56
  • शुभशुभ20:56 – 22:10
  • अमृतश्रेष्ठ22:10 – 23:23
  • चरसम23:23 – 00:37
  • रोगअनिष्ट00:37 – 01:51
  • कालहानि01:51 – 03:05
  • लाभलाभ03:05 – 04:18
  • उद्वेगअशुभ04:18 – 05:32

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:32–06:42
चन्द्र06:42–07:53
शनि07:53–09:04
गुरु09:04–10:15
मंगल10:15–11:26
सूर्य11:26–12:37
शुक्र12:37–13:48
बुध13:48–14:59
चन्द्र14:59–16:09
शनि16:09–17:20
गुरु17:20–18:31
मंगल18:31–19:42
रात
ग्रहसमय
सूर्य19:42–20:31
शुक्र20:31–21:20
बुध21:20–22:10
चन्द्र22:10–22:59
शनि22:59–23:48
गुरु23:48–00:37
मंगल00:37–01:26
सूर्य01:26–02:16
शुक्र02:16–03:05
बुध03:05–03:54
चन्द्र03:54–04:43
शनि04:43–05:32

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • धनिष्ठा 1 पद06:51 तक
  • धनिष्ठा 2 पद12:33 तक
  • धनिष्ठा 3 पद18:18 तक
  • धनिष्ठा 4 पद00:06, 18 जुल॰ तक
  • शतभिषा 1 पद05:56, 18 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
14h 10m
रात्रिमान
9h 50m
मध्याह्न
12:37

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 12:33 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
धनिष्ठा · 00:06, 18 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण · 12:33 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:38, 18 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 00:38, 18 जुल॰ तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:32 –05:35
  • राज पंचक05:35 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –10:23
  • चोर पंचक10:23 –12:45
  • शुभ मुहूर्त12:45 –15:10
  • रोग पंचक15:10 –17:32
  • शुभ मुहूर्त17:32 –19:34
  • मृत्यु पंचक19:34 –21:12
  • अग्नि पंचक21:12 –22:33
  • शुभ मुहूर्त22:33 –23:52
  • मृत्यु पंचक23:52 –00:06, 18 जुल॰
  • अग्नि पंचक00:06 –00:38, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त00:38 –01:22, 18 जुल॰
  • राज पंचक01:22 –03:15, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त03:15 –05:31, 18 जुल॰
  • चोर पंचक05:31 –05:32, 18 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन03:19 –05:35
  • कर्क05:35 –08:00
  • सिंह08:00 –10:23
  • कन्या10:23 –12:45
  • तुला12:45 –15:10
  • वृश्चिक15:10 –17:32
  • धनु17:32 –19:34
  • मकर19:34 –21:12
  • कुम्भ21:12 –22:33
  • मीन22:33 –23:52
  • मेष23:52 –01:22, 18 जुल॰
  • वृषभ01:22 –03:15, 18 जुल॰
  • मिथुन03:15 –05:31, 18 जुल॰
  • कर्क05:31 –07:56, 18 जुल॰

पंचांग · श्रीनगर, 17 जुलाई 2030

बुधवार, 17 जुलाई 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:32 और सूर्यास्त 19:42 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 18 जुलाई 00:38 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र धनिष्ठा 18 जुलाई 00:06 तक, फिर शतभिषा; योग प्रीति 06:25 तक, फिर आयुष्मान्; करण वणिज 13:28 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 12:37–14:23, अभिजित मुहूर्त 12:08–13:05। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 17 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 18 जुलाई 00:38 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:32, श्रीनगर)।

17 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा 18 जुलाई 00:06 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा मकर राशि में 12:33 तक।

श्रीनगर में 17 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:37–14:23, यमगण्ड 07:18–09:04, गुलिक काल 10:51–12:37।

श्रीनगर में 17 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:32, सूर्यास्त 19:42, चंद्रोदय 21:06 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:08–13:05, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–04:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2837° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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