पंचांग · रविवार, 14 जुलाई 2030श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्दशी10:47 तक
- पूर्णिमा07:41, 15 जुल॰ तक
- मूलस्वामी केतु07:10 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र04:52, 15 जुल॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य02:49, 16 जुल॰ तक
- इन्द्र16:11 तक
- वैधृति12:38, 15 जुल॰ तक
- वणिज10:47 तक
- विष्टि21:13 तक
- बव07:41, 15 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:30बिंब मध्य 05:34
- सूर्यास्त
- 19:43बिंब मध्य 19:38
- चंद्रोदय
- 19:02
- चंद्रास्त
- 04:26
- दिनमान
- 14h 13m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- धनु10:19, 15 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:12 –04:51
- प्रातः संध्या04:31 –05:30
- अभिजित मुहूर्त12:08 –13:05
- विजय मुहूर्त14:59 –15:56
- गोधूलि मुहूर्त19:43 –20:03
- सायाह्न संध्या19:43 –20:42
- निशीथ मुहूर्त00:17 –00:56, 15 जुल॰
- अमृत काल00:32 –01:58, 15 जुल॰
- राहु काल17:57 –19:43
- यमगंड12:37 –14:23
- गुलिक काल16:10 –17:57
- दुर्मुहूर्त17:50 –18:47
- वर्ज्य05:44 –07:10
- वर्ज्य15:51 –17:18
- गंड मूल05:30 –07:10
- भद्रा10:47 –21:13
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ05:30 – 07:16
- चरसम07:16 – 09:03
- लाभलाभ09:03 – 10:50
- अमृतश्रेष्ठ10:50 – 12:37
- कालहानि12:37 – 14:23
- शुभशुभ14:23 – 16:10
- रोगअनिष्ट16:10 – 17:57
- उद्वेगअशुभ17:57 – 19:43
- शुभशुभ19:43 – 20:57
- अमृतश्रेष्ठ20:57 – 22:10
- चरसम22:10 – 23:24
- रोगअनिष्ट23:24 – 00:37
- कालहानि00:37 – 01:50
- लाभलाभ01:50 – 03:04
- उद्वेगअशुभ03:04 – 04:17
- शुभशुभ04:17 – 05:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 05:30–06:41 |
| शुक्र | 06:41–07:52 |
| बुध | 07:52–09:03 |
| चन्द्र | 09:03–10:14 |
| शनि | 10:14–11:25 |
| गुरु | 11:25–12:37 |
| मंगल | 12:37–13:48 |
| सूर्य | 13:48–14:59 |
| शुक्र | 14:59–16:10 |
| बुध | 16:10–17:21 |
| चन्द्र | 17:21–18:32 |
| शनि | 18:32–19:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 19:43–20:32 |
| मंगल | 20:32–21:21 |
| सूर्य | 21:21–22:10 |
| शुक्र | 22:10–22:59 |
| बुध | 22:59–23:48 |
| चन्द्र | 23:48–00:37 |
| शनि | 00:37–01:26 |
| गुरु | 01:26–02:15 |
| मंगल | 02:15–03:04 |
| सूर्य | 03:04–03:53 |
| शुक्र | 03:53–04:41 |
| बुध | 04:41–05:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 4 पद07:10 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद12:35 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद18:00 तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद23:25 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद04:52, 15 जुल॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद10:19, 15 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुनर्वसु 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 14h 13m
- रात्रिमान
- 9h 47m
- मध्याह्न
- 12:37
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:47 तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 10:47 तकश्मशान में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक05:30 –05:46
- अग्नि पंचक05:46 –07:10
- शुभ मुहूर्त07:10 –08:11
- राज पंचक08:11 –10:35
- शुभ मुहूर्त10:35 –10:47
- चोर पंचक10:47 –12:57
- शुभ मुहूर्त12:57 –15:22
- रोग पंचक15:22 –17:44
- शुभ मुहूर्त17:44 –19:46
- मृत्यु पंचक19:46 –21:24
- अग्नि पंचक21:24 –22:45
- शुभ मुहूर्त22:45 –00:04, 15 जुल॰
- मृत्यु पंचक00:04 –01:34, 15 जुल॰
- अग्नि पंचक01:34 –03:26, 15 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:26 –04:52, 15 जुल॰
- राज पंचक04:52 –05:30, 15 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन03:30 –05:46
- कर्क05:46 –08:11
- सिंह08:11 –10:35
- कन्या10:35 –12:57
- तुला12:57 –15:22
- वृश्चिक15:22 –17:44
- धनु17:44 –19:46
- मकर19:46 –21:24
- कुम्भ21:24 –22:45
- मीन22:45 –00:04, 15 जुल॰
- मेष00:04 –01:34, 15 जुल॰
- वृषभ01:34 –03:26, 15 जुल॰
- मिथुन03:26 –05:42, 15 जुल॰
पंचांग · श्रीनगर, 14 जुलाई 2030
रविवार, 14 जुलाई 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:30 और सूर्यास्त 19:43 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 10:47 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र मूल 07:10 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग इन्द्र 16:11 तक, फिर वैधृति; करण वणिज 10:47 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 17:57–19:43, अभिजित मुहूर्त 12:08–13:05। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 14 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्दशी 10:47 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 05:30, श्रीनगर)।
14 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 07:10 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 15 जुलाई 10:19 तक।
श्रीनगर में 14 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:57–19:43, यमगण्ड 12:37–14:23, गुलिक काल 16:10–17:57।
श्रीनगर में 14 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 19:43, चंद्रोदय 19:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:08–13:05, ब्रह्म मुहूर्त 04:12–04:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2836° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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