पंचांग · मंगलवार, 30 अप्रैल 2030श्रीनगर

चैत्र · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:43सूर्योदय19:14सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 15:22 तक
नक्षत्र
रेवती
07:37, 1 मई तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4319:14
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:51 –17:32
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:43दिन19:14
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
भद्रा
यमगंड
राहु काल
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:14रात05:42
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    15:22 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    17:23, 1 मई तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    07:37, 1 मई तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    01:48, 1 मई तक
  2. प्रीति
    02:29, 2 मई तक
करण
  1. वणिज
    15:22 तक
  2. विष्टि
    04:20, 1 मई तक
  3. शकुनि
    17:23, 1 मई तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:43
बिंब मध्य 05:47
सूर्यास्त
19:14
बिंब मध्य 19:09
चंद्रोदय
04:06
चंद्रास्त
17:22
दिनमान
13h 31m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मीन
07:37, 1 मई तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:01
  • प्रातः संध्या04:40 –05:43
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:55
  • विजय मुहूर्त14:43 –15:38
  • गोधूलि मुहूर्त19:14 –19:35
  • सायाह्न संध्या19:14 –20:17
  • निशीथ मुहूर्त00:07 –00:49, 1 मई
  • अमृत काल04:58 –06:44, 1 मई
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:51 –17:32
  • यमगंड09:06 –10:47
  • गुलिक काल12:28 –14:10
  • दुर्मुहूर्त08:25 –09:19
  • दुर्मुहूर्त23:25 –00:07, 1 मई
  • वर्ज्य18:23 –20:09
  • गंड मूल05:43 –05:42, 1 मई
  • भद्रा15:22 –04:20, 1 मई

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:43 – 07:24
  • उद्वेगअशुभ07:24 – 09:06
  • चरसम09:06 – 10:47
  • लाभलाभ10:47 – 12:28
  • अमृतश्रेष्ठ12:28 – 14:10
  • कालहानि14:10 – 15:51
  • शुभशुभ15:51 – 17:32
  • रोगअनिष्ट17:32 – 19:14
रात
  • कालहानि19:14 – 20:32
  • लाभलाभ20:32 – 21:51
  • उद्वेगअशुभ21:51 – 23:09
  • शुभशुभ23:09 – 00:28
  • अमृतश्रेष्ठ00:28 – 01:46
  • चरसम01:46 – 03:05
  • रोगअनिष्ट03:05 – 04:23
  • कालहानि04:23 – 05:42

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:43–06:50
सूर्य06:50–07:58
शुक्र07:58–09:06
बुध09:06–10:13
चन्द्र10:13–11:21
शनि11:21–12:28
गुरु12:28–13:36
मंगल13:36–14:43
सूर्य14:43–15:51
शुक्र15:51–16:59
बुध16:59–18:06
चन्द्र18:06–19:14
रात
ग्रहसमय
शनि19:14–20:06
गुरु20:06–20:58
मंगल20:58–21:51
सूर्य21:51–22:43
शुक्र22:43–23:35
बुध23:35–00:28
चन्द्र00:28–01:20
शनि01:20–02:12
गुरु02:12–03:05
मंगल03:05–03:57
सूर्य03:57–04:50
शुक्र04:50–05:42

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद11:45 तक
  • रेवती 2 पद18:21 तक
  • रेवती 3 पद00:58, 1 मई तक
  • रेवती 4 पद07:37, 1 मई तक
सूर्य नक्षत्र
भरणी 1 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 31m
रात्रिमान
10h 28m
मध्याह्न
12:28

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:22 तकआकाश
शिववास
भोजन में · 15:22 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:43 –06:32
  • चोर पंचक06:32 –08:25
  • शुभ मुहूर्त08:25 –10:41
  • रोग पंचक10:41 –13:06
  • शुभ मुहूर्त13:06 –15:22
  • मृत्यु पंचक15:22 –15:30
  • अग्नि पंचक15:30 –17:52
  • शुभ मुहूर्त17:52 –20:17
  • राज पंचक20:17 –22:38
  • शुभ मुहूर्त22:38 –00:41, 1 मई
  • चोर पंचक00:41 –02:18, 1 मई
  • शुभ मुहूर्त02:18 –03:40, 1 मई
  • रोग पंचक03:40 –04:59, 1 मई
  • चोर पंचक04:59 –05:42, 1 मई

उदय लग्न

  • मेष05:03 –06:32
  • वृषभ06:32 –08:25
  • मिथुन08:25 –10:41
  • कर्क10:41 –13:06
  • सिंह13:06 –15:30
  • कन्या15:30 –17:52
  • तुला17:52 –20:17
  • वृश्चिक20:17 –22:38
  • धनु22:38 –00:41, 1 मई
  • मकर00:41 –02:18, 1 मई
  • कुम्भ02:18 –03:40, 1 मई
  • मीन03:40 –04:59, 1 मई
  • मेष04:59 –06:29, 1 मई

पंचांग · श्रीनगर, 30 अप्रैल 2030

मंगलवार, 30 अप्रैल 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:43 और सूर्यास्त 19:14 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 1 मई 07:37 तक; योग विष्कुम्भ 1 मई 01:48 तक, फिर प्रीति; करण वणिज 15:22 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:51–17:32, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:55। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 30 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:43, श्रीनगर)।

30 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 1 मई 07:37 तक। चंद्रमा मीन राशि में 1 मई 07:37 तक।

श्रीनगर में 30 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:51–17:32, यमगण्ड 09:06–10:47, गुलिक काल 12:28–14:10।

श्रीनगर में 30 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 19:14, चंद्रोदय 04:06 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2807° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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