पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030श्रीनगर

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:54सूर्योदय19:06सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 22:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5419:06
शनिवार · शनि
राहु काल
09:12 –10:51
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:54दिन19:06
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:06रात05:53
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    22:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:03, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:40 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:07, 21 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:56, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:02 तक
  2. वरीयान्
    15:19, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    11:51 तक
  2. विष्टि
    22:10 तक
  3. बव
    08:34, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:54
बिंब मध्य 05:58
सूर्यास्त
19:06
बिंब मध्य 19:01
चंद्रोदय
21:58
चंद्रास्त
07:14
दिनमान
13h 12m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:56, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:11
  • प्रातः संध्या04:49 –05:54
  • अभिजित मुहूर्त12:04 –12:56
  • विजय मुहूर्त14:42 –15:35
  • गोधूलि मुहूर्त19:06 –19:28
  • सायाह्न संध्या19:06 –20:11
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:51, 21 अप्रैल
  • अमृत काल19:49 –21:15
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:12 –10:51
  • यमगंड14:09 –15:48
  • गुलिक काल05:54 –07:33
  • दुर्मुहूर्त05:54 –06:47
  • दुर्मुहूर्त06:47 –07:40
  • वर्ज्य11:14 –12:40
  • गंड मूल05:07 –05:53, 21 अप्रैल
  • भद्रा11:51 –22:10

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:54 – 07:33
  • शुभशुभ07:33 – 09:12
  • रोगअनिष्ट09:12 – 10:51
  • उद्वेगअशुभ10:51 – 12:30
  • चरसम12:30 – 14:09
  • लाभलाभ14:09 – 15:48
  • अमृतश्रेष्ठ15:48 – 17:27
  • कालहानि17:27 – 19:06
रात
  • लाभलाभ19:06 – 20:27
  • उद्वेगअशुभ20:27 – 21:48
  • शुभशुभ21:48 – 23:09
  • अमृतश्रेष्ठ23:09 – 00:29
  • चरसम00:29 – 01:50
  • रोगअनिष्ट01:50 – 03:11
  • कालहानि03:11 – 04:32
  • लाभलाभ04:32 – 05:53

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:54–07:00
गुरु07:00–08:06
मंगल08:06–09:12
सूर्य09:12–10:18
शुक्र10:18–11:24
बुध11:24–12:30
चन्द्र12:30–13:36
शनि13:36–14:42
गुरु14:42–15:48
मंगल15:48–16:54
सूर्य16:54–18:00
शुक्र18:00–19:06
रात
ग्रहसमय
बुध19:06–20:00
चन्द्र20:00–20:54
शनि20:54–21:48
गुरु21:48–22:42
मंगल22:42–23:36
सूर्य23:36–00:29
शुक्र00:29–01:23
बुध01:23–02:17
चन्द्र02:17–03:11
शनि03:11–04:05
गुरु04:05–04:59
मंगल04:59–05:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:40 तक
  • अनुराधा 1 पद13:00 तक
  • अनुराधा 2 पद18:21 तक
  • अनुराधा 3 पद23:43 तक
  • अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 12m
रात्रिमान
10h 47m
मध्याह्न
12:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:40 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:07, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:54 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –07:40
  • रोग पंचक07:40 –09:04
  • शुभ मुहूर्त09:04 –11:21
  • मृत्यु पंचक11:21 –13:46
  • अग्नि पंचक13:46 –16:09
  • शुभ मुहूर्त16:09 –18:31
  • राज पंचक18:31 –20:56
  • शुभ मुहूर्त20:56 –22:10
  • चोर पंचक22:10 –23:18
  • शुभ मुहूर्त23:18 –01:20, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक01:20 –02:58, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:58 –04:19, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:19 –05:07, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:07 –05:38, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:38 –05:53, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:42 –07:12
  • वृषभ07:12 –09:04
  • मिथुन09:04 –11:21
  • कर्क11:21 –13:46
  • सिंह13:46 –16:09
  • कन्या16:09 –18:31
  • तुला18:31 –20:56
  • वृश्चिक20:56 –23:18
  • धनु23:18 –01:20, 21 अप्रैल
  • मकर01:20 –02:58, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:58 –04:19, 21 अप्रैल
  • मीन04:19 –05:38, 21 अप्रैल
  • मेष05:38 –07:08, 21 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 19:06 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:12–10:51, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:54, श्रीनगर)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:12–10:51, यमगण्ड 14:09–15:48, गुलिक काल 05:54–07:33।

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 19:06, चंद्रोदय 21:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:11। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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