पंचांग · रविवार, 21 अक्टूबर 2029श्रीनगर

आश्विन · शुक्ल चतुर्दशी · विक्रम संवत 2086शरद पूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:41सूर्योदय17:50सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
शुक्ल · 12:32 तक
नक्षत्र
रेवती
04:52, 22 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4117:50
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:26 –17:50
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:41दिन17:50
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:50रात06:42
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्दशी
    12:32 तक
  2. पूर्णिमा
    14:57, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    04:52, 22 अक्टू॰ तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    07:50, 23 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्याघात
    07:57 तक
  2. हर्षण
    08:45, 22 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    12:32 तक
  2. विष्टि
    01:43, 22 अक्टू॰ तक
  3. बव
    14:57, 22 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:41
बिंब मध्य 06:44
सूर्यास्त
17:50
बिंब मध्य 17:45
चंद्रोदय
16:58
चंद्रास्त
05:36
दिनमान
11h 9m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मीन
04:52, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:58 –05:49
  • प्रातः संध्या05:24 –06:41
  • अभिजित मुहूर्त11:53 –12:37
  • विजय मुहूर्त14:07 –14:51
  • गोधूलि मुहूर्त17:50 –18:15
  • सायाह्न संध्या17:50 –19:07
  • निशीथ मुहूर्त23:50 –00:41, 22 अक्टू॰
  • अमृत काल02:10 –03:58, 22 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:26 –17:50
  • यमगंड12:15 –13:39
  • गुलिक काल15:02 –16:26
  • दुर्मुहूर्त16:20 –17:05
  • वर्ज्य15:26 –17:14
  • गंड मूल06:41 –04:52, 22 अक्टू॰
  • गंड मूल04:52 –06:42, 22 अक्टू॰
  • भद्रा12:32 –01:43, 22 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:41 – 08:04
  • चरसम08:04 – 09:28
  • लाभलाभ09:28 – 10:52
  • अमृतश्रेष्ठ10:52 – 12:15
  • कालहानि12:15 – 13:39
  • शुभशुभ13:39 – 15:02
  • रोगअनिष्ट15:02 – 16:26
  • उद्वेगअशुभ16:26 – 17:50
रात
  • शुभशुभ17:50 – 19:26
  • अमृतश्रेष्ठ19:26 – 21:03
  • चरसम21:03 – 22:39
  • रोगअनिष्ट22:39 – 00:16
  • कालहानि00:16 – 01:52
  • लाभलाभ01:52 – 03:29
  • उद्वेगअशुभ03:29 – 05:05
  • शुभशुभ05:05 – 06:42

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:41–07:37
शुक्र07:37–08:32
बुध08:32–09:28
चन्द्र09:28–10:24
शनि10:24–11:19
गुरु11:19–12:15
मंगल12:15–13:11
सूर्य13:11–14:07
शुक्र14:07–15:02
बुध15:02–15:58
चन्द्र15:58–16:54
शनि16:54–17:50
रात
ग्रहसमय
गुरु17:50–18:54
मंगल18:54–19:58
सूर्य19:58–21:03
शुक्र21:03–22:07
बुध22:07–23:11
चन्द्र23:11–00:16
शनि00:16–01:20
गुरु01:20–02:24
मंगल02:24–03:29
सूर्य03:29–04:33
शुक्र04:33–05:37
बुध05:37–06:42

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद08:43 तक
  • रेवती 2 पद15:25 तक
  • रेवती 3 पद22:08 तक
  • रेवती 4 पद04:52, 22 अक्टू॰ तक
  • अश्विनी 1 पद11:36, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 9m
रात्रिमान
12h 52m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 04:52, 22 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 04:52, 22 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 04:52, 22 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:32 तकआकाश
शिववास
भोजन में · 12:32 तकश्मशान में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:41 –08:52
  • शुभ मुहूर्त08:52 –11:13
  • चोर पंचक11:13 –12:32
  • शुभ मुहूर्त12:32 –13:16
  • रोग पंचक13:16 –14:53
  • शुभ मुहूर्त14:53 –16:15
  • मृत्यु पंचक16:15 –17:34
  • रोग पंचक17:34 –19:03
  • शुभ मुहूर्त19:03 –20:56
  • मृत्यु पंचक20:56 –23:12
  • अग्नि पंचक23:12 –01:37, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:37 –04:01, 22 अक्टू॰
  • राज पंचक04:01 –04:52, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:52 –06:23, 22 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:23 –06:42, 22 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:27 –08:52
  • वृश्चिक08:52 –11:13
  • धनु11:13 –13:16
  • मकर13:16 –14:53
  • कुम्भ14:53 –16:15
  • मीन16:15 –17:34
  • मेष17:34 –19:03
  • वृषभ19:03 –20:56
  • मिथुन20:56 –23:12
  • कर्क23:12 –01:37, 22 अक्टू॰
  • सिंह01:37 –04:01, 22 अक्टू॰
  • कन्या04:01 –06:23, 22 अक्टू॰
  • तुला06:23 –08:48, 22 अक्टू॰

पंचांग · श्रीनगर, 21 अक्टूबर 2029

रविवार, 21 अक्टूबर 2029 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:41 और सूर्यास्त 17:50 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 12:32 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र रेवती 22 अक्टूबर 04:52 तक, फिर अश्विनी; योग व्याघात 07:57 तक, फिर हर्षण; करण वणिज 12:32 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 16:26–17:50, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्दशी 12:32 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 06:41, श्रीनगर)।

21 अक्टूबर 2029 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 22 अक्टूबर 04:52 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 22 अक्टूबर 04:52 तक।

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2029 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:26–17:50, यमगण्ड 12:15–13:39, गुलिक काल 15:02–16:26।

श्रीनगर में 21 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:41, सूर्यास्त 17:50, चंद्रोदय 16:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अक्टूबर 2029 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:58–05:49। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

21 अक्टूबर 2029 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शरद पूर्णिमा।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2029आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2029मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2734° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP