पंचांग · सोमवार, 12 अक्टूबर 2020श्रीनगर

आश्विन (अधिक मास) · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2077

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:34सूर्योदय18:00सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 16:39 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
00:30, 13 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3418:00
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:59 –09:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:34दिन18:00
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
भद्रा
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:00रात06:34
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    16:39 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    14:36, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    00:30, 13 अक्टू॰ तक
  2. मघास्वामी केतु
    22:55, 13 अक्टू॰ तक
योग
  1. साध्य
    20:37 तक
  2. शुभ
    17:42, 13 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    16:39 तक
  2. बव
    03:43, 13 अक्टू॰ तक
  3. बालव
    14:36, 13 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:34
बिंब मध्य 06:37
सूर्यास्त
18:00
बिंब मध्य 17:56
चंद्रोदय
01:03
चंद्रास्त
15:29
दिनमान
11h 26m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कर्क
00:30, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन (अधिक मास)
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:53 –05:43
  • प्रातः संध्या05:18 –06:34
  • अभिजित मुहूर्त11:54 –12:40
  • विजय मुहूर्त14:11 –14:57
  • गोधूलि मुहूर्त18:00 –18:25
  • सायाह्न संध्या18:00 –19:16
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:42, 13 अक्टू॰
  • अमृत काल22:57 –00:30, 13 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:59 –09:25
  • यमगंड10:51 –12:17
  • गुलिक काल13:43 –15:09
  • दुर्मुहूर्त12:40 –13:26
  • दुर्मुहूर्त14:57 –15:43
  • वर्ज्य13:41 –15:13
  • गंड मूल06:34 –00:30, 13 अक्टू॰
  • गंड मूल00:30 –06:34, 13 अक्टू॰
  • भद्रा06:34 –16:39

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:34 – 07:59
  • कालहानि07:59 – 09:25
  • शुभशुभ09:25 – 10:51
  • रोगअनिष्ट10:51 – 12:17
  • उद्वेगअशुभ12:17 – 13:43
  • चरसम13:43 – 15:09
  • लाभलाभ15:09 – 16:34
  • अमृतश्रेष्ठ16:34 – 18:00
रात
  • चरसम18:00 – 19:35
  • रोगअनिष्ट19:35 – 21:09
  • कालहानि21:09 – 22:43
  • लाभलाभ22:43 – 00:17
  • उद्वेगअशुभ00:17 – 01:52
  • शुभशुभ01:52 – 03:26
  • अमृतश्रेष्ठ03:26 – 05:00
  • चरसम05:00 – 06:34

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:34–07:31
शनि07:31–08:28
गुरु08:28–09:25
मंगल09:25–10:23
सूर्य10:23–11:20
शुक्र11:20–12:17
बुध12:17–13:14
चन्द्र13:14–14:11
शनि14:11–15:09
गुरु15:09–16:06
मंगल16:06–17:03
सूर्य17:03–18:00
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:00–19:03
बुध19:03–20:06
चन्द्र20:06–21:09
शनि21:09–22:12
गुरु22:12–23:15
मंगल23:15–00:17
सूर्य00:17–01:20
शुक्र01:20–02:23
बुध02:23–03:26
चन्द्र03:26–04:29
शनि04:29–05:32
गुरु05:32–06:34

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद07:11 तक
  • अश्लेषा 2 पद13:00 तक
  • अश्लेषा 3 पद18:46 तक
  • अश्लेषा 4 पद00:30, 13 अक्टू॰ तक
  • मघा 1 पद06:10, 13 अक्टू॰ तक
  • मघा 2 पद11:47, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 26m
रात्रिमान
12h 34m
मध्याह्न
12:17

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 00:30, 13 अक्टू॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 00:30, 13 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 00:30, 13 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 16:39 तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 16:39 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:34 –07:01
  • शुभ मुहूर्त07:01 –09:26
  • रोग पंचक09:26 –11:47
  • शुभ मुहूर्त11:47 –13:50
  • मृत्यु पंचक13:50 –15:28
  • अग्नि पंचक15:28 –16:39
  • शुभ मुहूर्त16:39 –16:49
  • राज पंचक16:49 –18:08
  • अग्नि पंचक18:08 –19:38
  • शुभ मुहूर्त19:38 –21:30
  • राज पंचक21:30 –23:46
  • शुभ मुहूर्त23:46 –00:30, 13 अक्टू॰
  • चोर पंचक00:30 –02:11, 13 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:11 –04:35, 13 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:35 –06:34, 13 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:39 –07:01
  • तुला07:01 –09:26
  • वृश्चिक09:26 –11:47
  • धनु11:47 –13:50
  • मकर13:50 –15:28
  • कुम्भ15:28 –16:49
  • मीन16:49 –18:08
  • मेष18:08 –19:38
  • वृषभ19:38 –21:30
  • मिथुन21:30 –23:46
  • कर्क23:46 –02:11, 13 अक्टू॰
  • सिंह02:11 –04:35, 13 अक्टू॰
  • कन्या04:35 –06:57, 13 अक्टू॰

पंचांग · श्रीनगर, 12 अक्टूबर 2020

सोमवार, 12 अक्टूबर 2020 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:34 और सूर्यास्त 18:00 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 16:39 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र अश्लेषा 13 अक्टूबर 00:30 तक, फिर मघा; योग साध्य 20:37 तक, फिर शुभ; करण विष्टि 16:39 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:59–09:25, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:40। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 12 अक्टूबर 2020 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 16:39 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:34, श्रीनगर)।

12 अक्टूबर 2020 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 13 अक्टूबर 00:30 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 13 अक्टूबर 00:30 तक।

श्रीनगर में 12 अक्टूबर 2020 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:59–09:25, यमगण्ड 10:51–12:17, गुलिक काल 13:43–15:09।

श्रीनगर में 12 अक्टूबर 2020 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 18:00, चंद्रोदय 01:03 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अक्टूबर 2020 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:54–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:53–05:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2020आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2020मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1474° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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