पंचांग · रविवार, 21 अप्रैल 2030सिंगापुर

चैत्र · कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2087संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:59सूर्योदय19:08सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
कृष्ण · 21:33 तक
नक्षत्र
अनुराधा
07:37 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5919:08
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:37 –19:08
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:59दिन19:08
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
वर्ज्य
गुलिक काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:08रात06:59
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्थी
    21:33 तक
  2. कृष्ण पंचमी
    18:53, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अनुराधास्वामी शनि
    07:37 तक
  2. ज्येष्ठास्वामी बुध
    05:26, 22 अप्रैल तक
  3. मूलस्वामी केतु
    03:43, 23 अप्रैल तक
योग
  1. वरीयान्
    17:49 तक
  2. परिघ
    14:27, 22 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    11:04 तक
  2. बालव
    21:33 तक
  3. कौलव
    08:09, 22 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:59
बिंब मध्य 07:02
सूर्यास्त
19:08
बिंब मध्य 19:04
चंद्रोदय
22:25
चंद्रास्त
09:48
दिनमान
12h 9m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
वृश्चिक
05:26, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:24 –06:12
  • प्रातः संध्या05:48 –06:59
  • अभिजित मुहूर्त12:39 –13:28
  • विजय मुहूर्त15:05 –15:54
  • गोधूलि मुहूर्त19:08 –19:32
  • सायाह्न संध्या19:08 –20:19
  • निशीथ मुहूर्त00:40 –01:27, 22 अप्रैल
  • अमृत काल21:26 –22:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:37 –19:08
  • यमगंड13:03 –14:35
  • गुलिक काल16:06 –17:37
  • दुर्मुहूर्त17:31 –18:19
  • वर्ज्य12:42 –14:09
  • गंड मूल07:37 –05:26, 22 अप्रैल
  • गंड मूल05:26 –06:59, 22 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:59 – 08:30
  • चरसम08:30 – 10:01
  • लाभलाभ10:01 – 11:32
  • अमृतश्रेष्ठ11:32 – 13:03
  • कालहानि13:03 – 14:35
  • शुभशुभ14:35 – 16:06
  • रोगअनिष्ट16:06 – 17:37
  • उद्वेगअशुभ17:37 – 19:08
रात
  • शुभशुभ19:08 – 20:37
  • अमृतश्रेष्ठ20:37 – 22:06
  • चरसम22:06 – 23:35
  • रोगअनिष्ट23:35 – 01:03
  • कालहानि01:03 – 02:32
  • लाभलाभ02:32 – 04:01
  • उद्वेगअशुभ04:01 – 05:30
  • शुभशुभ05:30 – 06:59

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:59–08:00
शुक्र08:00–09:00
बुध09:00–10:01
चन्द्र10:01–11:02
शनि11:02–12:03
गुरु12:03–13:03
मंगल13:03–14:04
सूर्य14:04–15:05
शुक्र15:05–16:06
बुध16:06–17:06
चन्द्र17:06–18:07
शनि18:07–19:08
रात
ग्रहसमय
गुरु19:08–20:07
मंगल20:07–21:06
सूर्य21:06–22:06
शुक्र22:06–23:05
बुध23:05–00:04
चन्द्र00:04–01:03
शनि01:03–02:03
गुरु02:03–03:02
मंगल03:02–04:01
सूर्य04:01–05:00
शुक्र05:00–06:00
बुध06:00–06:59

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अनुराधा 4 पद07:37 तक
  • ज्येष्ठा 1 पद13:02 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद18:28 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद23:56 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद05:26, 22 अप्रैल तक
  • मूल 1 पद10:57, 22 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 9m
रात्रिमान
11h 51m
मध्याह्न
13:03

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 05:26, 22 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अनुराधा · 07:37 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · 05:26, 22 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 05:26, 22 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 21:33 तकपाताल
शिववास
कैलाश पर · 21:33 तकनंदी पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:59 –07:37
  • शुभ मुहूर्त07:37 –08:33
  • राज पंचक08:33 –10:40
  • शुभ मुहूर्त10:40 –12:50
  • चोर पंचक12:50 –14:52
  • शुभ मुहूर्त14:52 –16:45
  • रोग पंचक16:45 –18:37
  • शुभ मुहूर्त18:37 –20:35
  • मृत्यु पंचक20:35 –21:33
  • अग्नि पंचक21:33 –22:43
  • शुभ मुहूर्त22:43 –00:52, 22 अप्रैल
  • राज पंचक00:52 –02:52, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:52 –04:44, 22 अप्रैल
  • चोर पंचक04:44 –05:26, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:26 –06:59, 22 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:37 –08:33
  • वृषभ08:33 –10:40
  • मिथुन10:40 –12:50
  • कर्क12:50 –14:52
  • सिंह14:52 –16:45
  • कन्या16:45 –18:37
  • तुला18:37 –20:35
  • वृश्चिक20:35 –22:43
  • धनु22:43 –00:52, 22 अप्रैल
  • मकर00:52 –02:52, 22 अप्रैल
  • कुम्भ02:52 –04:44, 22 अप्रैल
  • मीन04:44 –06:33, 22 अप्रैल
  • मेष06:33 –08:30, 22 अप्रैल

पंचांग · सिंगापुर, 21 अप्रैल 2030

रविवार, 21 अप्रैल 2030 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:59 और सूर्यास्त 19:08 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 21:33 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र अनुराधा 07:37 तक, फिर ज्येष्ठा; योग वरीयान् 17:49 तक, फिर परिघ; करण बव 11:04 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 17:37–19:08, अभिजित मुहूर्त 12:39–13:28। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 21 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्थी 21:33 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:59, सिंगापुर)।

21 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा 07:37 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 05:26 तक।

सिंगापुर में 21 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:37–19:08, यमगण्ड 13:03–14:35, गुलिक काल 16:06–17:37।

सिंगापुर में 21 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 19:08, चंद्रोदय 22:25 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:39–13:28, ब्रह्म मुहूर्त 05:24–06:12। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

21 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP