पंचांग · शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030सिंगापुर

चैत्र · कृष्ण प्रतिपदा · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:59सूर्योदय19:08सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
कृष्ण · 07:42 तक
नक्षत्र
स्वाती
12:56 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5919:08
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:33 –13:04
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:59दिन19:08
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:08रात06:59
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण प्रतिपदा
    07:42 तक
  2. कृष्ण द्वितीया
    04:06, 20 अप्रैल तक
  3. कृष्ण तृतीया
    00:40, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    12:56 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    10:10, 20 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    01:30, 20 अप्रैल तक
  2. व्यतीपात
    21:32, 20 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    07:42 तक
  2. तैतिल
    17:53 तक
  3. गर
    04:06, 20 अप्रैल तक
  4. वणिज
    14:21, 20 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:59
बिंब मध्य 07:02
सूर्यास्त
19:08
बिंब मध्य 19:04
चंद्रोदय
20:19
चंद्रास्त
07:44
दिनमान
12h 9m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
तुला
04:51, 20 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:25 –06:12
  • प्रातः संध्या05:48 –06:59
  • अभिजित मुहूर्त12:40 –13:28
  • विजय मुहूर्त15:05 –15:54
  • गोधूलि मुहूर्त19:08 –19:32
  • सायाह्न संध्या19:08 –20:19
  • निशीथ मुहूर्त00:40 –01:27, 20 अप्रैल
  • अमृत काल02:23 –03:48, 20 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:33 –13:04
  • यमगंड16:06 –17:37
  • गुलिक काल08:31 –10:02
  • दुर्मुहूर्त09:25 –10:14
  • दुर्मुहूर्त13:28 –14:17
  • वर्ज्य17:53 –19:18

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:59 – 08:31
  • लाभलाभ08:31 – 10:02
  • अमृतश्रेष्ठ10:02 – 11:33
  • कालहानि11:33 – 13:04
  • शुभशुभ13:04 – 14:35
  • रोगअनिष्ट14:35 – 16:06
  • उद्वेगअशुभ16:06 – 17:37
  • चरसम17:37 – 19:08
रात
  • रोगअनिष्ट19:08 – 20:37
  • कालहानि20:37 – 22:06
  • लाभलाभ22:06 – 23:35
  • उद्वेगअशुभ23:35 – 01:04
  • शुभशुभ01:04 – 02:33
  • अमृतश्रेष्ठ02:33 – 04:02
  • चरसम04:02 – 05:30
  • रोगअनिष्ट05:30 – 06:59

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:59–08:00
बुध08:00–09:01
चन्द्र09:01–10:02
शनि10:02–11:02
गुरु11:02–12:03
मंगल12:03–13:04
सूर्य13:04–14:05
शुक्र14:05–15:05
बुध15:05–16:06
चन्द्र16:06–17:07
शनि17:07–18:08
गुरु18:08–19:08
रात
ग्रहसमय
मंगल19:08–20:08
सूर्य20:08–21:07
शुक्र21:07–22:06
बुध22:06–23:05
चन्द्र23:05–00:05
शनि00:05–01:04
गुरु01:04–02:03
मंगल02:03–03:02
सूर्य03:02–04:02
शुक्र04:02–05:01
बुध05:01–06:00
चन्द्र06:00–06:59

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 3 पद07:39 तक
  • स्वाती 4 पद12:56 तक
  • विशाखा 1 पद18:14 तक
  • विशाखा 2 पद23:32 तक
  • विशाखा 3 पद04:51, 20 अप्रैल तक
  • विशाखा 4 पद10:10, 20 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 9m
रात्रिमान
11h 51m
मध्याह्न
13:04

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 04:51, 20 अप्रैल तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 12:56 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 04:51, 20 अप्रैल तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:42 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:06, 20 अप्रैल तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 07:42 तकसभा में · 04:06, 20 अप्रैल तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:59 –07:42
  • शुभ मुहूर्त07:42 –08:41
  • राज पंचक08:41 –10:48
  • शुभ मुहूर्त10:48 –12:56
  • चोर पंचक12:56 –12:57
  • शुभ मुहूर्त12:57 –15:00
  • रोग पंचक15:00 –16:53
  • शुभ मुहूर्त16:53 –18:45
  • मृत्यु पंचक18:45 –20:43
  • अग्नि पंचक20:43 –22:51
  • शुभ मुहूर्त22:51 –01:00, 20 अप्रैल
  • राज पंचक01:00 –03:00, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:00 –04:06, 20 अप्रैल
  • चोर पंचक04:06 –04:51, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:51 –06:59, 20 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:45 –08:41
  • वृषभ08:41 –10:48
  • मिथुन10:48 –12:57
  • कर्क12:57 –15:00
  • सिंह15:00 –16:53
  • कन्या16:53 –18:45
  • तुला18:45 –20:43
  • वृश्चिक20:43 –22:51
  • धनु22:51 –01:00, 20 अप्रैल
  • मकर01:00 –03:00, 20 अप्रैल
  • कुम्भ03:00 –04:51, 20 अप्रैल
  • मीन04:51 –06:41, 20 अप्रैल
  • मेष06:41 –08:37, 20 अप्रैल

पंचांग · सिंगापुर, 19 अप्रैल 2030

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:59 और सूर्यास्त 19:08 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 07:42 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र स्वाती 12:56 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 20 अप्रैल 01:30 तक, फिर व्यतीपात; करण कौलव 07:42 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 11:33–13:04, अभिजित मुहूर्त 12:40–13:28। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 19 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण प्रतिपदा 07:42 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 06:59, सिंगापुर)।

19 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 12:56 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 20 अप्रैल 04:51 तक।

सिंगापुर में 19 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:33–13:04, यमगण्ड 16:06–17:37, गुलिक काल 08:31–10:02।

सिंगापुर में 19 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 19:08, चंद्रोदय 20:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:40–13:28, ब्रह्म मुहूर्त 05:25–06:12। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2803° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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