पंचांग · सोमवार, 18 अक्टूबर 2027सिंगापुर

आश्विन · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084करवा चौथसंकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:48सूर्योदय18:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 20:22 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
02:17, 19 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4818:52
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:18 –09:49
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:48दिन18:52
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:52रात06:47
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    20:22 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:12, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    02:17, 19 अक्टू॰ तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    01:45, 20 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    13:47 तक
  2. व्यतीपात
    11:47, 19 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    08:50 तक
  2. विष्टि
    20:22 तक
  3. बव
    07:49, 19 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:48
बिंब मध्य 06:50
सूर्यास्त
18:52
बिंब मध्य 18:49
चंद्रोदय
21:08
चंद्रास्त
08:44
दिनमान
12h 4m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मेष
08:31 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:12 –06:00
  • प्रातः संध्या05:36 –06:48
  • अभिजित मुहूर्त12:26 –13:14
  • विजय मुहूर्त14:51 –15:39
  • गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:16
  • सायाह्न संध्या18:52 –20:04
  • निशीथ मुहूर्त00:26 –01:14, 19 अक्टू॰
  • अमृत काल23:55 –01:30, 19 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:18 –09:49
  • यमगंड11:19 –12:50
  • गुलिक काल14:21 –15:51
  • दुर्मुहूर्त13:14 –14:02
  • दुर्मुहूर्त15:39 –16:27
  • वर्ज्य14:25 –16:00
  • भद्रा08:50 –20:22

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:48 – 08:18
  • कालहानि08:18 – 09:49
  • शुभशुभ09:49 – 11:19
  • रोगअनिष्ट11:19 – 12:50
  • उद्वेगअशुभ12:50 – 14:21
  • चरसम14:21 – 15:51
  • लाभलाभ15:51 – 17:22
  • अमृतश्रेष्ठ17:22 – 18:52
रात
  • चरसम18:52 – 20:22
  • रोगअनिष्ट20:22 – 21:51
  • कालहानि21:51 – 23:21
  • लाभलाभ23:21 – 00:50
  • उद्वेगअशुभ00:50 – 02:19
  • शुभशुभ02:19 – 03:49
  • अमृतश्रेष्ठ03:49 – 05:18
  • चरसम05:18 – 06:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:48–07:48
शनि07:48–08:48
गुरु08:48–09:49
मंगल09:49–10:49
सूर्य10:49–11:50
शुक्र11:50–12:50
बुध12:50–13:50
चन्द्र13:50–14:51
शनि14:51–15:51
गुरु15:51–16:52
मंगल16:52–17:52
सूर्य17:52–18:52
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:52–19:52
बुध19:52–20:52
चन्द्र20:52–21:51
शनि21:51–22:51
गुरु22:51–23:50
मंगल23:50–00:50
सूर्य00:50–01:49
शुक्र01:49–02:49
बुध02:49–03:49
चन्द्र03:49–04:48
शनि04:48–05:48
गुरु05:48–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 1 पद08:31 तक
  • कृत्तिका 2 पद14:28 तक
  • कृत्तिका 3 पद20:23 तक
  • कृत्तिका 4 पद02:17, 19 अक्टू॰ तक
  • रोहिणी 1 पद08:11, 19 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 4m
रात्रिमान
11h 55m
मध्याह्न
12:50

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 08:31 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 02:17, 19 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 08:31 तकदक्षिण
अग्निवास
आकाश · 20:22 तकपाताल
शिववास
क्रीड़ा में · 20:22 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:48 –06:50
  • शुभ मुहूर्त06:50 –08:48
  • राज पंचक08:48 –10:56
  • शुभ मुहूर्त10:56 –13:05
  • चोर पंचक13:05 –15:06
  • शुभ मुहूर्त15:06 –16:57
  • रोग पंचक16:57 –18:46
  • चोर पंचक18:46 –20:22
  • शुभ मुहूर्त20:22 –20:43
  • रोग पंचक20:43 –22:49
  • शुभ मुहूर्त22:49 –00:59, 19 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:59 –02:17, 19 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:17 –03:01, 19 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:01 –04:54, 19 अक्टू॰
  • राज पंचक04:54 –06:46, 19 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:46 –06:47, 19 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:58 –06:50
  • तुला06:50 –08:48
  • वृश्चिक08:48 –10:56
  • धनु10:56 –13:05
  • मकर13:05 –15:06
  • कुम्भ15:06 –16:57
  • मीन16:57 –18:46
  • मेष18:46 –20:43
  • वृषभ20:43 –22:49
  • मिथुन22:49 –00:59, 19 अक्टू॰
  • कर्क00:59 –03:01, 19 अक्टू॰
  • सिंह03:01 –04:54, 19 अक्टू॰
  • कन्या04:54 –06:46, 19 अक्टू॰
  • तुला06:46 –08:44, 19 अक्टू॰

पंचांग · सिंगापुर, 18 अक्टूबर 2027

सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:48 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 20:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 19 अक्टूबर 02:17 तक, फिर रोहिणी; योग सिद्धि 13:47 तक, फिर व्यतीपात; करण वणिज 08:50 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:18–09:49, अभिजित मुहूर्त 12:26–13:14। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 18 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 20:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:48, सिंगापुर)।

18 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 19 अक्टूबर 02:17 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा मेष राशि में 08:31 तक।

सिंगापुर में 18 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:18–09:49, यमगण्ड 11:19–12:50, गुलिक काल 14:21–15:51।

सिंगापुर में 18 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 21:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:26–13:14, ब्रह्म मुहूर्त 05:12–06:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

18 अक्टूबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2454° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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