पंचांग · शुक्रवार, 4 जुलाई 2031राँची
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- पूर्णिमा00:31, 5 जुल॰ तक
- कृष्ण प्रतिपदा20:37, 5 जुल॰ तक
- मूलस्वामी केतु16:40 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र13:36, 5 जुल॰ तक
- ब्रह्मा19:36 तक
- इन्द्र15:18, 5 जुल॰ तक
- विष्टि14:27 तक
- बव00:31, 5 जुल॰ तक
- बालव10:34, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:07बिंब मध्य 05:11
- सूर्यास्त
- 18:39बिंब मध्य 18:35
- चंद्रोदय
- 18:12
- चंद्रास्त
- 04:22
- दिनमान
- 13h 32m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु18:50, 5 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:43 –04:25
- प्रातः संध्या04:04 –05:07
- अभिजित मुहूर्त11:26 –12:20
- विजय मुहूर्त14:08 –15:03
- गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:00
- सायाह्न संध्या18:39 –19:42
- निशीथ मुहूर्त23:32 –00:14, 5 जुल॰
- अमृत काल11:03 –12:27
- राहु काल10:12 –11:53
- यमगंड15:16 –16:58
- गुलिक काल06:49 –08:30
- दुर्मुहूर्त07:49 –08:44
- दुर्मुहूर्त12:20 –13:14
- वर्ज्य15:16 –16:40
- वर्ज्य01:02 –02:26, 5 जुल॰
- गंड मूल05:07 –16:40
- भद्रा05:07 –14:27
चौघड़िया
- चरसम05:07 – 06:49
- लाभलाभ06:49 – 08:30
- अमृतश्रेष्ठ08:30 – 10:12
- कालहानि10:12 – 11:53
- शुभशुभ11:53 – 13:35
- रोगअनिष्ट13:35 – 15:16
- उद्वेगअशुभ15:16 – 16:58
- चरसम16:58 – 18:39
- रोगअनिष्ट18:39 – 19:58
- कालहानि19:58 – 21:16
- लाभलाभ21:16 – 22:35
- उद्वेगअशुभ22:35 – 23:53
- शुभशुभ23:53 – 01:12
- अमृतश्रेष्ठ01:12 – 02:30
- चरसम02:30 – 03:49
- रोगअनिष्ट03:49 – 05:07
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:07–06:15 |
| बुध | 06:15–07:22 |
| चन्द्र | 07:22–08:30 |
| शनि | 08:30–09:38 |
| गुरु | 09:38–10:45 |
| मंगल | 10:45–11:53 |
| सूर्य | 11:53–13:01 |
| शुक्र | 13:01–14:08 |
| बुध | 14:08–15:16 |
| चन्द्र | 15:16–16:24 |
| शनि | 16:24–17:31 |
| गुरु | 17:31–18:39 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:39–19:32 |
| सूर्य | 19:32–20:24 |
| शुक्र | 20:24–21:16 |
| बुध | 21:16–22:09 |
| चन्द्र | 22:09–23:01 |
| शनि | 23:01–23:53 |
| गुरु | 23:53–00:46 |
| मंगल | 00:46–01:38 |
| सूर्य | 01:38–02:30 |
| शुक्र | 02:30–03:23 |
| बुध | 03:23–04:15 |
| चन्द्र | 04:15–05:07 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 2 पद06:10 तक
- मूल 3 पद11:25 तक
- मूल 4 पद16:40 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद21:54 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद03:08, 5 जुल॰ तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद08:22, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 32m
- रात्रिमान
- 10h 28m
- मध्याह्न
- 11:53
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 00:31, 5 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 00:31, 5 जुल॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:07 –06:07
- रोग पंचक06:07 –08:23
- शुभ मुहूर्त08:23 –10:35
- मृत्यु पंचक10:35 –12:46
- अग्नि पंचक12:46 –15:01
- शुभ मुहूर्त15:01 –16:40
- राज पंचक16:40 –17:17
- शुभ मुहूर्त17:17 –19:22
- चोर पंचक19:22 –21:08
- शुभ मुहूर्त21:08 –22:41
- रोग पंचक22:41 –00:12, 5 जुल॰
- चोर पंचक00:12 –00:31, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त00:31 –01:52, 5 जुल॰
- रोग पंचक01:52 –03:50, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:50 –05:07, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन03:54 –06:07
- कर्क06:07 –08:23
- सिंह08:23 –10:35
- कन्या10:35 –12:46
- तुला12:46 –15:01
- वृश्चिक15:01 –17:17
- धनु17:17 –19:22
- मकर19:22 –21:08
- कुम्भ21:08 –22:41
- मीन22:41 –00:12, 5 जुल॰
- मेष00:12 –01:52, 5 जुल॰
- वृषभ01:52 –03:50, 5 जुल॰
- मिथुन03:50 –06:03, 5 जुल॰
पंचांग · राँची, 4 जुलाई 2031
शुक्रवार, 4 जुलाई 2031 को राँची में सूर्योदय 05:07 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि पूर्णिमा 5 जुलाई 00:31 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र मूल 16:40 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग ब्रह्मा 19:36 तक, फिर इन्द्र; करण विष्टि 14:27 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 10:12–11:53, अभिजित मुहूर्त 11:26–12:20। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
राँची में 4 जुलाई 2031 को कौन सी तिथि है?
पूर्णिमा 5 जुलाई 00:31 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 05:07, राँची)।
4 जुलाई 2031 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 16:40 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 जुलाई 18:50 तक।
राँची में 4 जुलाई 2031 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:12–11:53, यमगण्ड 15:16–16:58, गुलिक काल 06:49–08:30।
राँची में 4 जुलाई 2031 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:07, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 18:12 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2031 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:26–12:20, ब्रह्म मुहूर्त 03:43–04:25। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 जुलाई 2031 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
गुरु पूर्णिमा, पूर्णिमा।
राँची हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2031आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2031मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2972° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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