पंचांग · शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030राँची
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया01:36, 20 अप्रैल तक
- कृष्ण तृतीया22:10, 20 अप्रैल तक
- स्वातीस्वामी राहु10:26 तक
- विशाखास्वामी गुरु07:40, 20 अप्रैल तक
- सिद्धि23:00 तक
- व्यतीपात19:02, 20 अप्रैल तक
- तैतिल15:23 तक
- गर01:36, 20 अप्रैल तक
- वणिज11:51, 20 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:25बिंब मध्य 05:28
- सूर्यास्त
- 18:11बिंब मध्य 18:07
- चंद्रोदय
- 19:42
- चंद्रास्त
- 05:59
- दिनमान
- 12h 46m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- तुला02:21, 20 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:55 –04:40
- प्रातः संध्या04:17 –05:25
- अभिजित मुहूर्त11:23 –12:14
- विजय मुहूर्त13:56 –14:47
- गोधूलि मुहूर्त18:11 –18:34
- सायाह्न संध्या18:11 –19:19
- निशीथ मुहूर्त23:25 –00:10, 20 अप्रैल
- अमृत काल23:53 –01:18, 20 अप्रैल
- राहु काल10:12 –11:48
- यमगंड15:00 –16:36
- गुलिक काल07:01 –08:36
- दुर्मुहूर्त07:58 –08:49
- दुर्मुहूर्त12:14 –13:05
- वर्ज्य15:23 –16:48
चौघड़िया
- चरसम05:25 – 07:01
- लाभलाभ07:01 – 08:36
- अमृतश्रेष्ठ08:36 – 10:12
- कालहानि10:12 – 11:48
- शुभशुभ11:48 – 13:24
- रोगअनिष्ट13:24 – 15:00
- उद्वेगअशुभ15:00 – 16:36
- चरसम16:36 – 18:11
- रोगअनिष्ट18:11 – 19:35
- कालहानि19:35 – 21:00
- लाभलाभ21:00 – 22:24
- उद्वेगअशुभ22:24 – 23:48
- शुभशुभ23:48 – 01:12
- अमृतश्रेष्ठ01:12 – 02:36
- चरसम02:36 – 04:00
- रोगअनिष्ट04:00 – 05:24
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:25–06:29 |
| बुध | 06:29–07:33 |
| चन्द्र | 07:33–08:36 |
| शनि | 08:36–09:40 |
| गुरु | 09:40–10:44 |
| मंगल | 10:44–11:48 |
| सूर्य | 11:48–12:52 |
| शुक्र | 12:52–13:56 |
| बुध | 13:56–15:00 |
| चन्द्र | 15:00–16:04 |
| शनि | 16:04–17:08 |
| गुरु | 17:08–18:11 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:11–19:07 |
| सूर्य | 19:07–20:03 |
| शुक्र | 20:03–21:00 |
| बुध | 21:00–21:56 |
| चन्द्र | 21:56–22:52 |
| शनि | 22:52–23:48 |
| गुरु | 23:48–00:44 |
| मंगल | 00:44–01:40 |
| सूर्य | 01:40–02:36 |
| शुक्र | 02:36–03:32 |
| बुध | 03:32–04:28 |
| चन्द्र | 04:28–05:24 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 4 पद10:26 तक
- विशाखा 1 पद15:44 तक
- विशाखा 2 पद21:02 तक
- विशाखा 3 पद02:21, 20 अप्रैल तक
- विशाखा 4 पद07:40, 20 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 46m
- रात्रिमान
- 11h 13m
- मध्याह्न
- 11:48
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 02:21, 20 अप्रैल तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:36, 20 अप्रैल तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 01:36, 20 अप्रैल तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:25 –06:53
- राज पंचक06:53 –08:51
- शुभ मुहूर्त08:51 –10:26
- चोर पंचक10:26 –11:05
- शुभ मुहूर्त11:05 –13:21
- रोग पंचक13:21 –15:33
- शुभ मुहूर्त15:33 –17:44
- मृत्यु पंचक17:44 –19:59
- अग्नि पंचक19:59 –22:15
- शुभ मुहूर्त22:15 –00:20, 20 अप्रैल
- राज पंचक00:20 –01:36, 20 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:36 –02:06, 20 अप्रैल
- चोर पंचक02:06 –03:39, 20 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:39 –05:24, 20 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:13 –06:53
- वृषभ06:53 –08:51
- मिथुन08:51 –11:05
- कर्क11:05 –13:21
- सिंह13:21 –15:33
- कन्या15:33 –17:44
- तुला17:44 –19:59
- वृश्चिक19:59 –22:15
- धनु22:15 –00:20, 20 अप्रैल
- मकर00:20 –02:06, 20 अप्रैल
- कुम्भ02:06 –03:39, 20 अप्रैल
- मीन03:39 –05:09, 20 अप्रैल
- मेष05:09 –06:49, 20 अप्रैल
पंचांग · राँची, 19 अप्रैल 2030
शुक्रवार, 19 अप्रैल 2030 को राँची में सूर्योदय 05:25 और सूर्यास्त 18:11 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 20 अप्रैल 01:36 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 10:26 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 23:00 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 15:23 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:12–11:48, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:14। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
राँची में 19 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 20 अप्रैल 01:36 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:25, राँची)।
19 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 10:26 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 20 अप्रैल 02:21 तक।
राँची में 19 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:12–11:48, यमगण्ड 15:00–16:36, गुलिक काल 07:01–08:36।
राँची में 19 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:11, चंद्रोदय 19:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
19 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:23–12:14, ब्रह्म मुहूर्त 03:55–04:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
राँची हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2803° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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