पंचांग · शुक्रवार, 12 अप्रैल 2030राँची
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल नवमी21:33 तक
- शुक्ल दशमी21:14, 13 अप्रैल तक
- पुष्यस्वामी शनि21:50 तक
- अश्लेषास्वामी बुध22:09, 13 अप्रैल तक
- धृति00:22, 13 अप्रैल तक
- शूल22:57, 13 अप्रैल तक
- बालव09:24 तक
- कौलव21:33 तक
- तैतिल09:30, 13 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:31बिंब मध्य 05:34
- सूर्यास्त
- 18:09बिंब मध्य 18:04
- चंद्रोदय
- 12:29
- चंद्रास्त
- 01:03
- दिनमान
- 12h 38m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- कर्क22:09, 13 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:00 –04:45
- प्रातः संध्या04:23 –05:31
- अभिजित मुहूर्त11:25 –12:15
- विजय मुहूर्त13:56 –14:47
- गोधूलि मुहूर्त18:09 –18:31
- सायाह्न संध्या18:09 –19:17
- निशीथ मुहूर्त23:27 –00:12, 13 अप्रैल
- अमृत काल15:07 –16:48
- राहु काल10:15 –11:50
- यमगंड14:59 –16:34
- गुलिक काल07:06 –08:40
- दुर्मुहूर्त08:02 –08:53
- दुर्मुहूर्त12:15 –13:06
- वर्ज्य05:03 –06:44
- गंड मूल21:50 –05:30, 13 अप्रैल
चौघड़िया
- चरसम05:31 – 07:06
- लाभलाभ07:06 – 08:40
- अमृतश्रेष्ठ08:40 – 10:15
- कालहानि10:15 – 11:50
- शुभशुभ11:50 – 13:24
- रोगअनिष्ट13:24 – 14:59
- उद्वेगअशुभ14:59 – 16:34
- चरसम16:34 – 18:09
- रोगअनिष्ट18:09 – 19:34
- कालहानि19:34 – 20:59
- लाभलाभ20:59 – 22:24
- उद्वेगअशुभ22:24 – 23:49
- शुभशुभ23:49 – 01:15
- अमृतश्रेष्ठ01:15 – 02:40
- चरसम02:40 – 04:05
- रोगअनिष्ट04:05 – 05:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:31–06:34 |
| बुध | 06:34–07:37 |
| चन्द्र | 07:37–08:40 |
| शनि | 08:40–09:44 |
| गुरु | 09:44–10:47 |
| मंगल | 10:47–11:50 |
| सूर्य | 11:50–12:53 |
| शुक्र | 12:53–13:56 |
| बुध | 13:56–14:59 |
| चन्द्र | 14:59–16:02 |
| शनि | 16:02–17:05 |
| गुरु | 17:05–18:09 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:09–19:05 |
| सूर्य | 19:05–20:02 |
| शुक्र | 20:02–20:59 |
| बुध | 20:59–21:56 |
| चन्द्र | 21:56–22:53 |
| शनि | 22:53–23:49 |
| गुरु | 23:49–00:46 |
| मंगल | 00:46–01:43 |
| सूर्य | 01:43–02:40 |
| शुक्र | 02:40–03:36 |
| बुध | 03:36–04:33 |
| चन्द्र | 04:33–05:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 2 पद09:21 तक
- पुष्य 3 पद15:37 तक
- पुष्य 4 पद21:50 तक
- अश्लेषा 1 पद04:00, 13 अप्रैल तक
- अश्लेषा 2 पद10:06, 13 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 38m
- रात्रिमान
- 11h 21m
- मध्याह्न
- 11:50
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:33 तकआकाश
- शिववास
- गौरी के साथ · 21:33 तकसभा में
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:31 –05:41
- चोर पंचक05:41 –07:21
- शुभ मुहूर्त07:21 –09:19
- रोग पंचक09:19 –11:32
- शुभ मुहूर्त11:32 –13:49
- मृत्यु पंचक13:49 –16:01
- अग्नि पंचक16:01 –18:12
- शुभ मुहूर्त18:12 –20:26
- राज पंचक20:26 –21:33
- शुभ मुहूर्त21:33 –21:50
- चोर पंचक21:50 –22:42
- शुभ मुहूर्त22:42 –00:48, 13 अप्रैल
- रोग पंचक00:48 –02:34, 13 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:34 –04:07, 13 अप्रैल
- मृत्यु पंचक04:07 –05:30, 13 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:10 –05:41
- मेष05:41 –07:21
- वृषभ07:21 –09:19
- मिथुन09:19 –11:32
- कर्क11:32 –13:49
- सिंह13:49 –16:01
- कन्या16:01 –18:12
- तुला18:12 –20:26
- वृश्चिक20:26 –22:42
- धनु22:42 –00:48, 13 अप्रैल
- मकर00:48 –02:34, 13 अप्रैल
- कुम्भ02:34 –04:07, 13 अप्रैल
- मीन04:07 –05:37, 13 अप्रैल
पंचांग · राँची, 12 अप्रैल 2030
शुक्रवार, 12 अप्रैल 2030 को राँची में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:09 पर है। तिथि शुक्ल नवमी 21:33 तक, फिर शुक्ल दशमी; नक्षत्र पुष्य 21:50 तक, फिर अश्लेषा; योग धृति 13 अप्रैल 00:22 तक, फिर शूल; करण बालव 09:24 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:15–11:50, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
राँची में 12 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल नवमी 21:33 तक, फिर शुक्ल दशमी (सूर्योदय 05:31, राँची)।
12 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 21:50 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 13 अप्रैल 22:09 तक।
राँची में 12 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:15–11:50, यमगण्ड 14:59–16:34, गुलिक काल 07:06–08:40।
राँची में 12 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:09, चंद्रोदय 12:29 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
12 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:25–12:15, ब्रह्म मुहूर्त 04:00–04:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
12 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
राम नवमी।
राँची हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2800° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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