पंचांग · शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030राँची

चैत्र · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:37सूर्योदय18:06सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 07:27 तक
नक्षत्र
भरणी
06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3718:06
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:18 –11:52
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:37दिन18:06
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:06रात05:37
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    07:27 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    09:56, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:55, 6 अप्रैल तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    20:54 तक
  2. प्रीति
    21:53, 6 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    07:27 तक
  2. तैतिल
    20:40 तक
  3. गर
    09:56, 6 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:37
बिंब मध्य 05:41
सूर्यास्त
18:06
बिंब मध्य 18:02
चंद्रोदय
06:46
चंद्रास्त
20:16
दिनमान
12h 29m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मेष
13:42, 6 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:51
  • प्रातः संध्या04:28 –05:37
  • अभिजित मुहूर्त11:27 –12:17
  • विजय मुहूर्त13:56 –14:46
  • गोधूलि मुहूर्त18:06 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:06 –19:15
  • निशीथ मुहूर्त23:28 –00:14, 6 अप्रैल
  • अमृत काल01:32 –03:20, 6 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:18 –11:52
  • यमगंड14:59 –16:32
  • गुलिक काल07:11 –08:45
  • दुर्मुहूर्त08:07 –08:57
  • दुर्मुहूर्त12:17 –13:07
  • वर्ज्य14:46 –16:33

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:37 – 07:11
  • लाभलाभ07:11 – 08:45
  • अमृतश्रेष्ठ08:45 – 10:18
  • कालहानि10:18 – 11:52
  • शुभशुभ11:52 – 13:25
  • रोगअनिष्ट13:25 – 14:59
  • उद्वेगअशुभ14:59 – 16:32
  • चरसम16:32 – 18:06
रात
  • रोगअनिष्ट18:06 – 19:32
  • कालहानि19:32 – 20:59
  • लाभलाभ20:59 – 22:25
  • उद्वेगअशुभ22:25 – 23:51
  • शुभशुभ23:51 – 01:18
  • अमृतश्रेष्ठ01:18 – 02:44
  • चरसम02:44 – 04:10
  • रोगअनिष्ट04:10 – 05:37

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:37–06:40
बुध06:40–07:42
चन्द्र07:42–08:45
शनि08:45–09:47
गुरु09:47–10:49
मंगल10:49–11:52
सूर्य11:52–12:54
शुक्र12:54–13:56
बुध13:56–14:59
चन्द्र14:59–16:01
शनि16:01–17:04
गुरु17:04–18:06
रात
ग्रहसमय
मंगल18:06–19:03
सूर्य19:03–20:01
शुक्र20:01–20:59
बुध20:59–21:56
चन्द्र21:56–22:54
शनि22:54–23:51
गुरु23:51–00:49
मंगल00:49–01:46
सूर्य01:46–02:44
शुक्र02:44–03:41
बुध03:41–04:39
चन्द्र04:39–05:37

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 1 पद10:42 तक
  • भरणी 2 पद17:25 तक
  • भरणी 3 पद00:10, 6 अप्रैल तक
  • भरणी 4 पद06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 29m
रात्रिमान
11h 31m
मध्याह्न
11:52

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
आकाश · 07:27 तकपाताल
शिववास
गौरी के साथ · 07:27 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:37 –06:08
  • अग्नि पंचक06:08 –07:27
  • शुभ मुहूर्त07:27 –07:48
  • राज पंचक07:48 –09:46
  • शुभ मुहूर्त09:46 –12:00
  • चोर पंचक12:00 –14:16
  • शुभ मुहूर्त14:16 –16:28
  • रोग पंचक16:28 –18:39
  • शुभ मुहूर्त18:39 –20:54
  • मृत्यु पंचक20:54 –23:10
  • अग्नि पंचक23:10 –01:15, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:15 –03:01, 6 अप्रैल
  • राज पंचक03:01 –04:34, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:34 –05:37, 6 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:38 –06:08
  • मेष06:08 –07:48
  • वृषभ07:48 –09:46
  • मिथुन09:46 –12:00
  • कर्क12:00 –14:16
  • सिंह14:16 –16:28
  • कन्या16:28 –18:39
  • तुला18:39 –20:54
  • वृश्चिक20:54 –23:10
  • धनु23:10 –01:15, 6 अप्रैल
  • मकर01:15 –03:01, 6 अप्रैल
  • कुम्भ03:01 –04:34, 6 अप्रैल
  • मीन04:34 –06:04, 6 अप्रैल

पंचांग · राँची, 5 अप्रैल 2030

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030 को राँची में सूर्योदय 05:37 और सूर्यास्त 18:06 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक; योग विष्कुम्भ 20:54 तक, फिर प्रीति; करण कौलव 07:27 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:18–11:52, अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

राँची में 5 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:37, राँची)।

5 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक। चंद्रमा मेष राशि में 6 अप्रैल 13:42 तक।

राँची में 5 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:18–11:52, यमगण्ड 14:59–16:32, गुलिक काल 07:11–08:45।

राँची में 5 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:06, चंद्रोदय 06:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:27–12:17, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

राँची हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2798° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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